Big News -(वीडियो) सावधान ! पटना वासियों ये सुशासन की मुफ्तखोर पुलिस है जो मांगे दे दिया करे वार्ना डकैत बनाकर,जेल भेज देती है

बृज भूषण कुमार,ब्यूरो प्रमुख, पटनासिटी

पटना Live डेस्क।  अमूमन वर्दी वाले गुंडों की दबंगई और काली करतूतों से जुड़ी कई खबरें आप देखते होंगे मगर आज जो पुलिस का चेहरा हम आपको दिखा रहे वो आपको ख़ौफ़ज़दा कर देगा। दरसअल सुशासन की  पुलिस पर आरोप है की जब एक नाबालिग ने मुफ्त में सब्जी देने से पुलिसवालों को इनकार कर दिया तो नाबालिक को डकैती और लूट के आरोप में भेज दिया गया जेल।जब बात खुली और मामले की गम्भीरता पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संज्ञान लेते हुए दलित नाबालिक पर पुलिसिया कहर की जांच का आदेश जारी किया।

वर्दी वाले मुफ़्तखोर

पटना पुलिस के दबंगई का मामला सामने आया है।।जो आपको सन्न कर देगा। यह मामला एक दलित परिवार से जुड़ा है।राजधानी के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले सुखल पासवान का 14 वर्षीय पुत्र पंकज अपना परिवार का भरण पोषण करने के लिए चित्रगुप्त नगर इलाके में ठेला पर सब्जी बेचने का काम करता था। ठेले से हमेशा अगमकुआं थाना पुलिस जबरन फ्री में सब्जी उठा लिया करती थी। ये सिलसिला लगातार जारी रहा तो एक दिन सब्जी बिक्रेता ने फ्री में सब्जी देने से इंकार कर दिया तो वर्दीवाले साहब लाल पीले हो गए। चुकी मार्केट में भीड़ थी उस वक्त मुफ्त में सब्जी उठाने वाले पुलिसकर्मी गाली गलौज कर निकल लेने में भलाई समझी।

बनाया डकैत और लुटेरा

मुफ्त में सब्जी नही देने पर नाबालिक पंकज पर डकैती और लूट का योजना बनाने का झूठा केस दर्ज कर दिया किया गया, पंकज नाबालिक जी  फिर उसे बालिक भी साबित किया गया। इस साजिश में अगमकुआं थाना और बाईपास थाना की जबरदस्त मिली भगत से एक दलित नाबालिक को डकैती और लूट की योजना बनाने के केस में नामित कर 19 मार्च 2018 को बेउर जेल भेज दिया गया।
इस पर पीड़ित परिवार ने नाबालिक बेटे के आधार कार्ड से पंकज के नाबालिक होने का सबुत देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्यपाल महोदय के यहां आवेदन दिया। तीन माह के बाद मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए पटना पुलिस मुख्यालय को जाँच का आदेश दे दिया है।
वही, पीड़ित परिजनो ने सरकार और पुलिस के आलाधिकारी से मांग किया है की बेउर जेल में बंद उसके नाबालिक पुत्र को इंसाफ मिले और दोषी पुलिकर्मियों पर उचित करवाई हो। इस बाबत आई जी नैयर हसनैन खान ने बताया कि मामले की जाँच शुरू कर दी गई हैं जाँच में पुलिसकर्मी दोषी पाए जायेगे तो उन पर भी क़ानूनी करवाई होगी।।अब देखना होगा की जाँच के बाद उन दबंग पुलिसकर्मियों पर किस तरह की क़ानूनी कार्रवाई होती है ? या पुनः एक बार जांच जारी है के नाम पर वर्दी वाले गुंडों को बचा लिया जाता है।