बड़ी ख़बर – उपचुनाव में बीजेपी की करारी हार और सदमे में कॉंग्रेस

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पटना Live डेस्क।उत्तरप्रदेश और बिहार में हुए उपचुनाव में बीजेपी की करारी हार की चर्चा चहु ओर है। यूपी की बात करे तो फूलपुर और गोरखपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों में बीजेपी का हार जाना योगी-मोदी दोनों के लिए बड़ा झटका है।  समाजवादी पार्टी ने बीजेपी से फूलपुर सीट भी छीनते हुये शानदार जीत दर्ज की है। गोरखपुर सीट पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार प्रवीण निषाद ने जीत दर्ज की है। इन नतीजों से सपा और बसपा के खेमे में उल्लास का माहौल है। लेकिन कांग्रेस बीजेपी की हार देखकर भी जश्न नहीं मना पा रही है। वजह यह है कि दोनों सीट पर उसके उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है।फूलपुर लोकसभा सीट पर सपा के उम्मीदवार नागेंद्र पटेल ने 59,613 वोटों से बीजेपी उम्मीदवार कौशलेंद्र पटेल को हराया है। ये हार यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के लिए बड़ा झटका है। कांग्रेस प्रत्याशी मनीष मिश्रा को 19,334 वोट मिले और उनकी जमानत जब्त हो गई।
वही एसपी की इस जीत पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने खुशी जाहिर की है और बीजेपी पर एक बार फिर निशाना साधा है। राहुल ने ट्वीट किया ‘आज के उपचुनावों में जीतने वाले उम्मीदवारों को बधाई. नतीजों से स्पष्ट है कि मतदाताओं में बीजेपी के प्रति बहुत क्रोध है और वो उस गैर भाजपाई उम्मीदवार के लिए वोट करेंगे जिसके जीतने की संभावना सबसे ज्यादा हो. काग्रेस यूपी में नवनिर्माण के लिए तत्पर है, ये रातों रात नहीं होगा.’

वही राहुल के इस ट्वीट के कई मायने हैं,लेकिन इन चुनावों का एक दूसरा भी आईना है।फूलपुर और गोरखपुर उपचुनाव में कांग्रेस के सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है।                                                                                               बिहार की एक लोकसभा और दो विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में बीजेपी-जेडीयू गठबंधन को झटका लगा है। वहीं आरजेडी के लिए परिणाम उत्साहित करने वाले हैं। अररिया लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आरजेडी के प्रत्याशी सरफराज आलम ने 61988 वोटों से जीत दर्ज की है। इसके अलावा जहानाबाद विधानसभा सीट पर भी आरजेडी के कृष्ण मोहन ने जीत दर्ज की। इसके अलावा भभुआ विधानसभा सीट पर बीजेपी की रिंकी रानी को जीत मिली है।

अररिया लोकसभा – राजद की जीतआरजेडी सरफराज आलम को 5,09,334 और बीजेपी के प्रदीप सिंह को 4,47, 346 वोट मिले। आलम ने 61,988 वोट से जीत दर्ज की। ये सीट आरजेडी सांसद तस्लीमुद्दीन के निधन के बाद खाली हुई थी।

जहानाबाद- राजद की जीत आरजेडी के सुदय यादव ने जेडीयू के अभिराम शर्मा को 30 हजार से ज्यादा वोट से हराया। आरजेडी विधायक मुद्रिका सिंह यादव के निधन के बाद खाली हुई थी। उन्होंने 2015 में रालोसपा के प्रवीन कुमार को हराया था।

भभुआ- भाजपा की जीत

बीजेपी की रिंकी रानी पांडेय ने कांग्रेस के शंभु सिंह पटेल को करीब 14 हजार वोट से हराया। बीजेपी के विधायक आनंद भूषण पांडेय के निधन के बाद खाली हुई थी। पांडेय ने जेडीयू के डॉक्टर प्रमोद कुमार सिंह को शिकस्त दी थी।

2014 के लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बीजेपी ने बिहार में 22 सीट (जेडीयू को 2 सीट मिली थीं) जीती थीं। मौजूदा वक्त में नीतीश के साथ आ जाने से माना जा रहा था कि बीजेपी और जेडीयू का गठबंधन आरजेडी पर भारी पड़ सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आरजेडी अपनी अररिया लोकसभा सीट बचाने में कामयाब रही है।

यही नहीं आरजेडी ने जहानाबाद और भभुआ में भी बीजेपी-जेडीयू गठबंधन को कड़ी चुनौती दी है। बीजेपी भभुआ विधानसभा सीट बचाने में कामयाब रही है। उधर, जहानाबाद में बीजेपी-जदयू गठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस जीत के बाबत नेता प्रतिपक्ष  तेजस्वी यादव ने कहा, ”जो लोग कहते हैं कि लालू जी खत्म हो गए हैं। आज हम उनको कह सकते हैं कि लालू यादव एक विचारधारा का नाम है। बिहार की जनता और जीतन राम मांझी जी को इस जीत के लिए धन्यवाद देता हूं।”