BIG NEWS (खुलासा) STF ने AIIMS प्रवेश परीक्षा में पटना से बैठकर हाईटेक तरीके से फ्रॉण्ड करने के मोस्टवांटेड शातिर फ़ैक्टली को दबोचा

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पटना Live डेस्क। देश भर में कही भी कोई परीक्षा आयोजित हो और उसका प्रश्नपत्र लीक हो जाये या कोई गडबड़ी की कोशिश हो तो इस शातिराना खेल का एक सिरा जरूर बिहार से जुड़ जाता है। इसी क्रम में एक बार फिर STF की मदद से जयपुर पुलिस ने राजधानी के एक कोचिंग संस्थान के स्टार फ़ैकल्टी को AIIMS प्रवेश परीक्षा में पटना से बैठकर हाईटेक तरीके से “प्रश्नपत्र लीक” कर फ्रॉण्ड करने के शातिर खिलाड़ी सह FIR  में नेम्ड मोस्टवांटेड को धर दबोचा है।
राजस्थान पुलिस के आग्रह पर एसटीएफ ने कड़ी मशक्कत के बाद इस हाईटेक शातिर को जयपुर के भांकरोटा थाना में दर्ज FIR संख्या -216/18  u/s 420/120 IPC और 3/6 राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की धारा में दर्ज मामले में गिरफ्तार कर सौप दिया है।                                    एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार अरविंद नाथ तिवारी पेशे से शिक्षक है। यह बायोलॉजी पढ़ता है।इस का शुमार शहर के स्टार फैकल्टीज में किया जाता है। शहर के विभिन्न हिस्सों में इसके बड़े बड़े होर्डिग्स लगे है। जिन पर इसकी तस्वीर चस्पा है। साथ ही बड़े बड़े दावो के बीच लिखा है कि कोटा के बेहद नामवर निजी संस्थान से लेकर पटना के एक बड़े कोचिंग संस्थान के फ़ैकल्टी रह चुके अरविंद नाथ तिवारी। लेकिन, अब जनाब के हाथों में लग गई है हथकड़ी। जयपुर पुलिस ने इनकी काली करतूतों की फाइल तैयार कर जेल भेजने की तैयारी के तहत कानूनी प्रक्रियाएं शुरू कर दी है।                               

क्यो हुई गिरफ्तारी ?

दरसअल बीते 28 मई को राजस्थान की राजधानी जयपुर में बेहद शातिराना तरीके से परीक्षा में नकल करते एक युवक को सीसीटीवी की मदद से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया था रविवार यानी 28 मई की दोपहर बाद एम्स ऑनलाईन प्रवेश परीक्षा के दौरान महर्षि अरबिन्द कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग,सिरसी रोड,बिंदायका केंद्र पर एक परीक्षार्थी स्क्रीन पर प्रश्नपत्र की फोटो खींचते हुए सीसीटीवी की मदद से पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपी अभिषेक कुमार सिंह मूल रूप यूपी के देवरिया जिले का निवासी है। आरोपी ने बेहद शातिराना ढंग से मोटी फोम वाले चप्पल की सोल को काटकर उसमे मोबाइल छिपाकर परीक्षा केंद्र के अंदर लाया था और पटना के एक व्यक्ति को ऑन स्क्रीन पेपर की फोटो लेकर प्रश्न को वाट्सअप से हल करने के लिए भेजा था।वही इस बाबत एडीशनल डीसीपी रतन सिंह ने बताया था कि अभिषेक भांकरोटा स्थित महर्षि अरविंद कॉलेज में एम्स प्रवेश परीक्षा का सेकंड पारी में पेपर देने आया था। अभिषेक अपनी चप्पल के साेल को काटकर मोबाइल छिपाकर लाया था।                             वह पेपर की फोटो खींचकर वॉट्सअप से पटना में किसी परिचित शिक्षक को भेज रहा था। पकड़े गए युवक से शुरुआती पूछताछ के बाद रतन सिंह ने दावा किया कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में परीक्षा में गड़बड़ी की इस कोशिश के पीछे के रैकेट का जल्द ही भंडाफोड़ कर दिया जायेगा। साथ ही बिहार की राजधानी पटना में बैठे शातिर को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जायेगा।                                                    सीसीटीवी कैमरे ने पकड़ा                                 दरअसल अभिषेक जैसे ही पेपर की फोटो खींचकर परिचित को वॉट्सएप भेज रहा था। इसी दौरान सतर्कता दल प्रभारी श्रीकांत भारती ने उसे कैमरे में देखा और पुलिस को सूचना दी। भांकरोटा थानाप्रभारी बृजभूषण टीम लेकर तुरंत मौके पर पहुंचे और फिर अभिषेक को थाने ले आए। थाने लाने के बाद अभिषेक से तमाम बड़े अधिकारियों ने पूछताछ की थी।
पकड़े गए देवरिया निवासी अभिषेक ने पुलिसिया पूछताछ में तब यह खुलासा किया था कि वह प्रश्न पत्र बिहार की राजधानी पटना में कोचिंग संस्थान में बायोलॉजी पढ़ाने वाले अरविंदनाथ तिवारी को भेजा था। वही अरविंद को क्वेश्चन का स्क्रीन शॉट व्हाट्सअप के जरिये भेजने की गवाही जब्त मोबाइल भी दे रहा था। पूरी छानबीन और मुकम्मल तैयारी के साथ जयपुर पुलिस ने दर्ज FIR में अरविंद नाथ तिवारी पिता विद्यासागर तिवारी हाउस नंबर-25 रामकृष्ण पथ नार्थ एसके पूरी पटना (बिहार) को मुख्य अभियुक्त के तौर पर नामित कर इसकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए थे।