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FACT फाइंडिंग-Ayansh Controversy-स्पाइनल मस्क्यूलर एट्रोफी (SMA1)से ही ग्रसित है 10 महिने का मासूम अयांश देखिए सुबूत

अयांश के पिता आलोक कुमार सिंह और साथ जुड़े कथित पत्रकार व उनकी टोली के काले करतूतों का खुलासा होने लगा। खुलासों में सच्चाई है। लेकिन ये भी एक सच्चाई है कि मासूम अयांश दुर्लभ बीमारी से ग्रसित है। पिता के कुकर्मो  की सज़ा मासूम अयांश को नही मिलनी चाहिए

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पटना Live डेस्क। 10 महीने का मासूम अयांश एक ऐसी दुर्लभ बीमारी का शिकार है, जो लाखों में किसी एक को होती है। मामला पटना के रूपसपुर थाना के रुकनपुरा का है। यहां रहने वाले आलोक कुमार सिंह और नेहा सिंह के बेटे अयांश को SMA (Spinal Muscular Atrophy Type-1) नाम की दुर्लभ बीमारी है। मासूम अयांश को इस समय 16 करोड़ रुपये मूल्य के एक इंजेक्शन(16 Crore Injection)का इंतजार है। जिससे उसे नयी जिंदगी मिल सकती है।माता-पिता के पास इतने पैसे नही की अपने अबोध जिगर के टुकड़े को जोलजेन्स्मा (Zolgensma) इन्जेक्शन जो स्विटजरलैंड बेहद नामवर बड़ी फार्मा कम्पनी नोवार्टिस (Novartis) तैयार करती है।

Crowd Funding के जरिए अभियान शुरू किया गया। क्या आम क्या खास क्या बूढ़े क्या बच्चे क्या बिहार क्या कश्मीर क्या देश क्या विदेश तमाम जगहों से सहयोग और डोनेशन मिलने लगा। अयांश को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगने लगी। लेकिन इसी बीच जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे अयांश सिंह के जारी अभियान मामले में एक नया एंगल या यू कहे कि ट्वीस्ट जुड़ गया है। अयांश के पिता आलोक कुमार सिंह और साथ जुड़े कथित पत्रकार व उनकी टोली के काले करतूतों का खुलासा होने लगा। खुलासों में सच्चाई भी है। इससे इनकार भी नहीं किया जा सकता है। लेकिन पिता और अभियान चलाने वाली टोली की करतूतों व जालसाज़ी के ख़ुलासे ने मासूम की जिंदगी बचाने की मुहिम की रफ्तार को ही थाम लिया है। लोगों के बीच अयांश के पिता की दागदार छवि और साथ जुड़ी मण्डली के मुख्य कारकूनों की करतूतों का रोज़ ब रोज़ होते नए ख़ुलासो से मासूम की जिंदगी बचाने की कोशिशें कुंद पड़ने लगी। पिता के कर्मों का खामियाजा अबोध नन्हे बेटे को भुगतना पड़ रहा है।

अबोध बेटा मौत के मुहाने पर खड़ा है।तो वही पिता आलोक सिंह के करतूतों व कारनामों के खुलासे ने अब उनके ही मासूम बेटे की बीमारी खातिर जारी  क्राउड फंडिंग को लेकर लोगो के बीच शंका व संदेह उत्पन्न कर दिया है। सोशल मीडिया के इस चरम दौर में छोटी से छोटी बात पल भर में करोड़ो लोगो तक पहुच जाती नतीजतन बाप ही अपने बेटे के इलाज में सबसे बड़ा रोडा बनकर सामने आ खड़ा हुआ है। दरअसल यह तब से हुआ है,जब से अयांश के पिता आलोक सिंह के रांची के पंडरा ओपी में दर्ज़ FIR संख्या 355/2011 में ठगी व जालसाजी कांड में नामज़द होने का खुलासा हुआ है।चार सौ बीसी के आरोपी आलोक पर 82 लड़के जो बिहार, उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड, झारखण्ड और अन्य राज्यों के रहने वाले थे को गलत तरीके और झूठी जानकारी देकर सवालाख रुपये फीस लेकर मर्चेंट नेवी के Seaworld Marine Academy में दाखिला दिलाने का आरोप है।जबकि मर्चेन्ट नेवी की ट्रेनिंग और पढ़ाई के तय मानकों-मान्यताओं मतलब Directorate General of Shipping (नौवहन महानिदेशालय) से एप्रूव्ड नही था।

करीब 10 साल बाद यह मामला सबके सामने आया, वो भी तब जब अयांश की जिंदगी को बचाने के लिए बड़े स्तर पर जन अभियान चलाया जा रहा था।उठते सवालों और होते खुलासे के बीच आलोक कुमार सिंह ने 24अगस्त दिन मंगलवार को उक्त पुराने धोखाधड़ी-जालसाजी केस में रांची जाकर कोर्ट में खुद को सरेंडर कर दिया। वहां से उन्हें कोर्ट के आदेश पर बिरसा मुंडा कारागार भेज दिया गया। पिता अब सलाखों के पीछे हैं।

फिर तो मासूम अयांश की जिंदगी बचाने की मुहिम और धीमी पड़ गई है। पिता के करतूतों ने बीमार बेटे के लिए जन अभियान की रफ्तार कुंद कर दी है।लोग अब अयांश के पिता आलोक सिंह बारे में बेहद आपत्तिजनक बातें भी करने लगे हैं। इसका कुप्रभाव उनके बीमार बच्चे के इलाज के लिए जुटाए जा रहे मुहिम पर पड़ गया है। साथ ही साथ दो क्राउड फंडिंग प्लेटफॉर्म impactguru और ketto पर भी क्राउड फण्ड रेज करने की कोशिशें भी थमती नज़र आ रही है। सोशल मीडिया से चर्चित हुए अयांश के बाबत उसी सोशल मीडिया पर शक पैदा करने वाले सवाल और कथित खुलासे किए जाने लगे है।

वही दूसरी तरफ एक खुलासे के बाद जारी खुलासों ने अयांश की दुलर्भ बीमारी से ग्रसित होने पर भी सवालिया निशान और शक-संदेह को जन्म दे दिया है। आम लोगों की मदद से अब तक 6 करोड़ 85 लाख रुपए ही जमा हो पाए हैं। जबकि, इंजेक्शन के लिए जरूरत 16 करोड़ रुपए की है। लेकिन आलोक के बाबत खुलासे के बाद लोगों को ये भी शक होने लगा कि शायद बेटे की झूठी बीमारी का बहाना कर एक बार फिर से जालसाज़ी की प्लानिंग है।वही,कथित पत्रकार और उसकी मंडली को लेकर भी खुलासो ने और गलतफहमी पैदा कर दी। सोशल मीडिया के माध्यम।से ही चर्चित अयांश सोशल मीडिया पर ही बीमारी ग्रसित होने और नही होने के सवाल में उलझ गया है। जबकि हर पल उस मासूम के लिए बेहद कीमती है।

पिता के कर्मों का खामियाजा अब बेटे अयांश को भुगतना पड़ रहा है। साथ ही अयांश के बीमारी को लेकर उठते सवालों के बीच पटना Live ने Fact फाइंडिंग के तहत तमाम सवालों के जवाब तलाशने की कवायद शुरू की ताकि हर पल जिंदगी की आस टूटती सांसों की डोर को टूटने न दिया जाए और मासूम को जिंदगी मिल सके। सबसे पहले हमने SMA की इलाज खातिर nimhans बंगलुरु से सच जानने की कवायद की तो तमाम टेस्ट रिपॉर्ट और बच्चे के इलाज के बाबत उन्होंने सिलसिलेवार ढंग से बताया फिर हमने क्लीनिकल टेस्ट की रिपोर्ट को क्रोस चेक किया। बहुत बारीकी से हर पहलू को जाना समझा तो यह बात साफ व स्पष्ट हो गया की ये भी एक सच्चाई है कि मासूम अयांश दुर्लभ बीमारी से ग्रसित है।

Patna के 10 माह का अयांश स्पाइनल मस्क्युलर एट्रोफी (SMA) से पीड़ित है।इसके इलाज खातिर Zolgensma नाम के इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है। एक इंजेक्शन की कीमत 16 करोड़ रुपये है। पिता के जेल जाने के बाद अयांश (Ayansh suffering from Muscular atrophy) की माँ बच्चे की जिंदगी के लिए मदद की गुहार लगा रही हैं। जिगर के टुकड़े खातिर हाथ जोड़े कातर स्वर में विनती कर रही है।

नेहा सिंह ने अपील की है कि सभी लोगों की पहली प्राथमिकता अयांश के बचाने की होनी चाहिए। इसलिए लोग पहले की तरह आर्थिक मदद जारी रखें। ताकि पिता के कर्मों और कथित पत्रकार व उसकी टोली की करतूतों और मुकदमों का खामियाजा बेटे को न भुगतना पड़े और मासूम को जिंदगी मिल न सके।

नोट -अयांश के पिता आलोक कुमार सिंह और साथ जुड़े कथित_पत्रकार के काले करतूतों का खुलासा होने लगा। खुलासों में सच्चाई भी है। Patna Live भी तमाम सुबूतों के साथ आलोक की मंडली और कथित पत्रकार व उसकी मंडली के कारनामो को 27 अगस्त से Live  सुबूत खुलासा करने जा रहा है।

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