BiG News – नीले धुंए में उड़ता बिहार, NCRB की रिपोर्ट हुई सच, राजधानी में 50 लाख की ब्राउन शुगर संग 4 गिरफ्तार, धुँआ धुँआ होता बिहार

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पटना Live डेस्क। बिहार में पूर्ण शराब बंदी के बाद से सूबे में विगत सालों में मादक पदार्थों के जब्त किए जाने का ग्राफ 700% तक बढ़ता जा रहा है। दरअसल ये ग्राफ सरकार ही दिखा रही है और ये भी बता रही है कि कैसे ट्रेन और हवाई जहाज से अब मादक पदार्थ बिहार पहुंच रहा है।

इस क्रम में राजधानी पटना के जक्कनपुर थाने के इंदिरा नगर रोड नंबर चार स्थित चौधरी भवन में शनिवार को पुलिस ने छापेमारी कर 50 लाख के ब्राउन शुगर बरामद किया है। सरगना सहित पांच लोगों को भी दबोचा गया। दबोचे गए आरोपियों में मिथिलेश कुमार (पोस्टल पार्क), राजेश यादव उर्फ करीमन (परसा, एतवारपुर), सोनू कुमार (बिहटा) और गणेश कुमार (परसा बाजार) ,संतोष कुमार (परसा बाजार)है।

सिटी एसपी (पूर्व) जितेंद्र कुमार ने बताया कि दबोचा गया मिथिलेश व करीमन इस गोरखधंधे के अहम कड़ी है। इन दोनों के तार अंतरराष्ट्रीय तस्करों से जुड़े हो सकते हैं। जिस समय पुलिस ने मिथिलेश को दबोचा , उस समय वह अपनी डेढ़ लाख की बाइक से ब्राउन शुगर सप्लाई करने जा रहा था। बरामद ब्राउन शुगर आधा ग्राम के सौ पुड़िया के पैक में है। इन दोनों से पूछताछ कर पुलिस गिरोह की बड़ी मछलियों को दबोचने में लग गयी है।

सबसे खास बात यह है कि अप्रैल साल 2015 के बाद बिहार में ड्रग्स की जब्ती में 1000 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2015 में गांजा 14.4 किग्रा जब्त हुआ, 2016 में यह 10,800 किग्रा हो गया और 2017 में 28,888 किग्रा जब्ती बताने को काफी है कि शराब का विकल्प गांजा बना है।

बिहार ख़ातिर एक बार फिर नेशनल क्राईम कंट्रोल ब्यूरो की रिपोर्ट  सच साबित हुई जब 50 लाख रुपये का ब्राउन शुगर पटना के जक्कनपुर थानान्तर्गत इंदिरानगर में पकड़ा गया। नशे के सौदागरों में से 4 को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। उनसे पूछताछ की जा रही है।हालांकि मात्रा महज 250 ग्राम ही है, पर इसकी कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 50 लाख आंकी गयी है। यह महज ड्रग्स माफिया का छोटा सा प्यादा हो सकता है। जो 50 लाख मूल्य के ड्रग्स बेचता है। तो आप अंदाजा लगाइए पूरे कार्टेल की जकड़ और पकड़ कैसी होगी।

एनसीआरबी की रिपोर्ट है कि शराबबंदी के बाद बिहार डग्स का केन्द्र बनता जा रहा है। युवकों में इसकी आदत इतनी गहरे घुसती जा रही है कि यह ‘उड़ता बिहार-सा’ होता जा रहा है। जानकारी यह भी मिली है कि बिहार में पटना, बोधगया, मुजफ्फरपुर इसका केन्द्र बनता जा रहा है। मामले की तहकीकात करने कस्टम विभाग भी पहुंच चुका है। लेकिन ड्रग्स माफ़िया की जकड़ टूटने की बजाय लगातार पसरता ही चला जा रहा है।

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