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अभी टला नही है कोरोना का खतरा अक्टूबर में तीसरी लहर के आसार NIDM ने शुरू की तैयारिया

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Health Ministry) ने कोरोना के मामलों सोमवार को जारी ताजा आंकड़े जारी किए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ( Home Ministry) के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान ने तीसरी लहर से लड़ने की तैयारियां की शुरू

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पटना Live डेस्क। देश में कोरोना (Corona virus) के मामले में बडी कमी के चलते राहत भरी खबर है। लेकिन अभी भी तीसरी लहर ( Third Wave Of Corona) का खतरा टला नहीं है। लेकिन देश भर में सरकार द्वारा मिली छूटों को बाद ऐसा प्रतीत होने लगा है कि भारतवासी कोरोना महामारी और इसकी त्रासदी को भूल चुके है और अपने रोजमर्रा के कामों पूरी तरह न केवल मुतमइन हो चुके है बल्कि कोरोना गाइडलाइन्स को लगभग भूल चुके है। नतीज़तन सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य कोविड प्रोटोकॉल भूली बिसरी बाते बन चुकी है।ये लापरवाही नागरिकों को भारी पड़ सकती है।

इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Health Ministry) ने कोरोना के मामलों सोमवार को जारी ताजा आंकड़े जारी किए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health) के मुताबिक देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस संक्रमण के 25,072 नए मामले आए जो कि 160 दिनों में सबसे कम हैं।रिकवरी रेट अब बढ़कर 97.63% हो गया है। 22 अगस्त तक 50,75,51,399 लोगों के टेस्ट किए जा चुके हैं। वहीं देश भर में पिछले 24 घंटों में 12,95160 लोगों का कोरोना टेस्ट हुआ है।वही कोरोना की संभावित तीसरी लहर (Third Wave) के खतरे के बीच देश में कोरोना नियंत्रण में दिखाई दे रहा है।

वही,स्वास्थ्य विभाग और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के रिपोर्ट के अनुसार भारत मे कोरोना की तीसरी लहर अक्टूबर में अपने चरम पर पहुच सकती है। वर्त्तमान समय मे देश भर में वयस्कों (महिला पुरुष) ने वैक्सीन लगावकर कुछ हद तक खुद को सुरक्षित कर लिया है। वही, तमाम अध्ययनो में इस बात की आशंका जताई जा रही है कि इस बार बच्चों पर वायरस का ज्यादा असर होगा। हालांकि इस बात का पर्याप्त साक्ष्य नही मिला है,लेकिन भारत में बच्चों को अभीतक वैक्सीन नहीं लगा है।अतः संक्रमण बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

 

वही, कोरोना की तीसरे लहर आने की आशंका अभी जताई जा रही है।इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ( Home Ministry) के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (National Institute of Disaster Management) जिसे शॉर्ट में एनआईडीएम भी कहते है ने तीसरी लहर की मिलती ठोस चेतावनियों के अध्ययन कर उससे लड़ने की तैयारियां शुरू कर दी है।

दरअसल,विगत कोरोना संक्रमण के दौरान उनलोगों पर Covid-19 वायरस का प्रभाव ज्यादा पड़ा था जिनके शरीर मे रोग प्रतिरोधक क्षमता कम थी। इसको देखते हुए वैसे लोगो को विशेष तौर पर सावधानी बरतने की जरूरत है। वही, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आकड़ो के मुताबिक जो भी बच्चे या वयस्क कोरोना संक्रमित होकर अस्पताल में भर्ती किए गए, उनमें से 65-70 प्रतिशत मामले ऐसे थे, जिनकी इम्युनिटी कमजोर थी या तो उन्हें पहले से कोई बीमरी थी।साथ ही बच्चों जो संक्रमण से निज़ात पाए उनमे मल्टी-सिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम देखा गया है।

इस तमाम आकड़ो को देखते हुए एनआईडीएम द्वारा राज्य सरकारों से कॉर्डिनेट कर तीसरी लहर से निपटने खातिर विशेष तैयारियों के तहत बच्चों के लिए डॉक्टर्स, वेंटीलेटर, एम्बुलेंस, स्टाफ की काफी हद तक तैयारी कर ली गई है। साथ ही बच्चों के लिए कोरोना वार्ड इस तरह बनाने सुझाव दिया गया है।ताकि बच्चों की देखभाल करने वाले स्टाफ और बच्चों के माता-पिता बिना संक्रमित हुए उनकी उचित देखभाल कर सकें। साथ ही शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को यथाशीघ्र पूरी करने को तवज़्ज़ो देने के साथ ही बच्चों के वैक्सीनेशन को उच्च प्रथमिकता देने को कहा है।

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