बेधड़क ...बेलाग....बेबाक

Super Exclusive (CCTv)देखिए SSP साहब आपके थानेदार की करतूत हुई लूट CCtv से हुआ प्रूफ फिर भी….

SSP साहेब ऐसे होगा अपराध पर नियन्त्रण जब थानों से पुख्ता सुबूत के बावजूद छोड़े जायेंगे क्रिमिनल! ग़ज़ब पुलिस अजब पुलिस पटना पुलिस न लिखा न पढ़ी न कानून न बही जे थानेदार कहेंगे वही सही ... अरे ई सब जेल चला जायेगा तो आप को क्या फायदा होगा? और जब बेल पर निकलेगा तो हर जगह पुलिस रहता है क्या? देखिए

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पटना Live डेस्क। राजधानी पटना में अपराधियों का तांडव अपने चरम पर है हालात की गंभीरता का आलम ये है कि मुख्यमंत्री और बिहार पुलिस के मुखिया तक को बयानबाजी करनी पड़ रही है। लेकिन राजधानी में अपराधियों का तांडव रुकने का नाम नही ले रहा है।आखिर तमाम प्रयासों का रिजल्ट क्यो नही निकल रहा है आखिर चूक कहाँ हो रही है?इन तमाम सवालों के जवाब और हक़ीक़त तलाश ने की कवायद में जब Patna Live की टीम सड़को की खाक छान रही थी तो तकरीबन हर थाना क्षेत्र में हम लोग गए और आम आदमी से बातचीत की तो राजधानी के थानों की कार्यशैली को लेकर आम आदमी का गुस्सा और थाना क्षेत्र में फलना (थाना का आदमी) का नाम अमूमन हर थाने में सुनने को मिला जो थाना क्षेत्र मे हर ताले की चाभी हैं।

ख़ैर,हमारा सवाल हैं।

“SSP साहेब ऐसे होगा अपराध पर नियन्त्रण जब थानों से पुख्ता सुबूत के बावजूद छोड़े जायेंगे क्रिमिनल! ग़ज़ब पुलिस अजब पुलिस पटना पुलिस न लिखा न पढ़ी न कानून न बही जे थानेदार कहेंगे वही सही?”

चुकी सवाल था तो वाजिबन जवाब भी ढूढ़ना ही था। इसी बीच राजधानी में 7 सितंबर की रात शहर के सबसे पुराने व बेहद पॉश इलाके राजेन्द्र नगर के शाखा फील्ड के समीप रात में तकरीबन 12:12 बजे एक नाबालिक अपनी दुकान से घर लौट रहा था। तभी सड़क पर अंधेरे में छुपे लगभग 8-10 लड़के उसको घेर लेते है और हथियार भिड़ाकर उसको रोक लेते है। हथियार देखकर लड़का सहम जाता है। फिर उसकी तलाशी ली जाती है और फिर उसका मोबाईल छीन लिया जाता है फिर लप्पड़ थप्पड़ कर के लड़के को भगा देते है फिर लड़के भी वहाँ से दौड़ाते हुए फरार हो जाते है। उनके फरार होने और कुछ लड़कों की तस्वीर घटना स्थल के समीप लगे एक घर के निजी CCTv में कैद हो जाता है। पहले ये Cctv फुटेज देखिए घटना के वक्त का …

पीड़ित व परिजनों 2 युवकों पकड़ा 

घटना के बाद बदहवास लड़का अपने पिता के पास पहुचा और घटना की जानकारी दी। चुकी पीड़ित लड़के का परिवार भी स्थानिए था। फौरन रोड पर निकलकर तलाश में जुट गए। ढूढने के क्रम में 2 लड़कों में इनकी नज़र पड़ी जो बहुत तेजी में भाग रहते थे, पीड़ित ने उनमें से एक उजले टीशर्ट वाले को पहचान लिया वही दूसरा लड़का खाली पैर था। दोनो को लेकर पीड़ित के परिजन कदमकुआं थाने पहुचे और पूरी बात पुलिसवालों को बताई और थाने के सुपुर्द कर दिया।

साथ ही घटना से जुड़ा CCTv फुटेज भी उपलब्ध कराया लेकिन कदमकुआं थाना पुलिस करतूत देखिए दोनो युवकों को पता नही क्यो छोड़ दिया गया साथ ही पीड़ित परिवार से पुलिसिया तरीका अपना कर मोबाइल लूट की इस वारदात का मुकदमा तक दर्ज न करके मामला रफा दफा कर दिया गया।

शायद, इसी नए मोडस ऑपरेंडी के तहत न केवल आकडो के जरिए न केवल अपराध कम दिखाया जा रहा है। जिसका असर ये हो रहा है कि अपराधियों का मनोबल बढ़ता ही जा रहा है। तभी तो पटना पुलिस से पुरी तरह बेख़ौफ़ अपराधी नीत नए दुःसाहसिक वारदातों को अंजाम दे रहे है।

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