बेधड़क ...बेलाग....बेबाक

BiG News – बिहार के एक महिला कॉलेज में लड़कियां नहीं लेंगी सेल्फी,जींस-टीशर्ट व खुले बाल पर पाबंदी

प्राचार्य कक्ष के बाहर ड्रेस कोड से संबंधित सूचना लगाई गई है। छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन के इस फैसले का विरोध किया है। छात्राओं ने कहा भागलपुर में तालिबानी शरिया कानून बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

1,616

पटना Live डेस्क। बिहार के एक महिला कॉलेज में तालिबानी फरमान लागू किया गया है। कॉलेज प्रबंधन के नए ड्रेस कोड से बवाल मचा है। प्रबंधन के इस फैसले का लोग विरोध कर रहे हैं। दरअसल, भागलपुर के एकमात्र महिला कॉलेज सुंदरवती महिला महाविद्यालय में इंटर ( सेशन 2021-23) की छात्राओं के लिए नया ड्रेस कोड लागू किया गया है। इस नए ड्रेस कोड में छात्राओं के खुले बालों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इतना ही नहीं छात्राओं को कॉलेज परिसर के अंदर सेल्फी लेने पर रोक लगा दी गई है। छात्र संगठनों ने इसका विरोध किया है। छात्र राजद ने इसे तुगलकी फरमान बताया है।

उल्लेखनीय है की सूबे की नीतीश सरकार भले ही राज्य की लड़कियों को पढ़ाने और उन्हें आगे बढ़ाने खातिर नित नए-नए नियम कानून बनाती हो या लड़कियों को प्रोत्साहन राशि भी उपलब्ध कराती हो।यहां तक कि राज्य सरकार ने लड़कियों के लिए सबे के मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज , स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी आदि संस्थानों में सीट भी आरक्षित कर दिया है। लेकिन सूबे के भागलपुर के एकमात्र महिला कॉलेज ने सुंदरवती महिला महाविद्यालय में इंटर की लड़कियों के लिए एक ऐसा नियम-कानून बनाया है, जिसकी काफी आलोचना हो रही है। दरअसल कॉलेज में लड़कियों के सेल्फी लेने और खुले बाल पढ़ने जाने पर रोक लगा दिया गया है।

मामला सिल्क सिटी भागलपुर जिले से जुड़ा है।दरअसल भागलपुर में स्थित सुंदरवती महिला कॉलेज प्रशासन की ओर से नया ड्रेस कोड लागू किया गया है। इस आदेश के साथ-साथ नया फरमान भी जारी किया गया है।जिसे लोग ‘तुगलकी फरमान’ करार दे रहे हैं। कॉलेज एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक खुले बालों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

प्राचार्य बोले- नियम मानना अनिवार्य
वहीं, एसएम कॉलेज के प्राचार्य प्रो. रमन सिन्हा ने नए ड्रेस कोड पर कहा कि नोटिस जारी कर दिया गया है। इस बाबत सुंदरवती महिला कॉलेज की प्रिंसिपल का कहना है कि कॉलेज कैंपस में लड़कियां सेल्फी भी नहीं लेंगी। बाल खुले रखने वाली छात्राओं को कॉलेज में प्रवेश नहीं दिया जायेगा। वे सिर्फ और सिर्फ एक चोटी या दो चोटी में बाल बांधकर ही पढ़ने आएंगी। बताया जा रहा है कि कॉलेज की कमेटी ने यह बड़ा निर्णय लिया है। छात्राओं को यह नियम मानना होगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मीडिया और कुछ छात्राएं इसे बेवजह तूल दे रहे हैं, लेकिन इससे फैसला वापस नहीं लिया जा सकता।

आदेश में कहा गया है कि लड़कियां सिर्फ रॉयल ब्ल्यू कुर्ता और सफ़ेद सलवार पहनेंगी। इसके साथ वे एक सफ़ेद दुपट्टा लेंगी।सफ़ेद मोजा और काला जूता पहनेंगी।ये नियम गर्मी के दिनों में रहेगा। वही जाड़े में लड़कियां रॉयल ब्लू ब्लेजर या कार्डिगन पहनकर पढ़ने के लिए कॉलेज आएगी।

जानकारी मिली है कि सुंदरवती महिला कॉलेज में लगभग डेढ़ हजार लड़कियां पढाई करती हैं।नए सेशन यानी कि सत्र 2021-2023 में जिन्होंने एडमिशन लिया है, ये आदेश उनके लिए जारी किया गया है।बाकायदा आदेश पत्र पर इसका जिक्र भी किया गया है। छात्राओं को यह नियम मानना होगा।ऑर्डर 19 अगस्त को जारी किया गया है।

छात्राओं ने जताई नाराजगी

सुंदरवती महिला कॉलेज प्रशासन का यह तुगलकी फरमान 12वीं कि छात्राओं के लिए जारी किया गया है। कॉलेज सूत्रों के मुताबिक, एसएम कालेज में बारहवीं के तीनों संकाय यानी विज्ञान,वाणिज्य और कला संचालित होते हैं। बालों में चोटी बांधने वाले फरमान पर भी छात्राओं ने नाराजगी जाहिर की है।

वही,आरजेडी से जुड़े छात्रों ने इसे तुगलकी फरमान बताया है। तो अन्य छात्रों ने इसकी तुलना शरिया कानून से की है।छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन के इस फैसले का विरोध किया है। छात्राओं ने कहा भागलपुर में तालिबानी शरिया कानून बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।हालांकि, कुछ छात्राओं ने कॉलेज के फैसले का स्वागत किया है।

Comments are closed.