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Sidhu MooseWala Murder Case में हुआ बड़ा खुलासा-एक नही दो नही बल्कि 3-तीन प्लान बनाए थेहत्यारों की टोली ने

सिधु मुसेवाला को मार गिराने ख़ातिर शूटरों की टोली कितनी डेस्परेट थी आप इस बात से अन्दाजा लगा सकते है कि फौजी ने पुछताछ में खुलासा किया है कि किसी भी परिस्थिति में मुसेवाला को मार गिराने ख़ातिर तीन तीन प्लान थे हमारे पास, अगर पहला प्लान फेल हो जाता तो हम दूसरे और तीसरा प्लान के जरिए काण्ड को अंजाम देते पर... 29 मई को मुसेवाला

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पटना Live डेस्क।मशहूर पंजाबी सिंगर सिधु मूसेवाला (Sidhu Moosewala) की हत्या होनी ही थी। ये तय था और इस बात से सिंगर भी अवगत थे। सिंधू कई मौकों पर इशारों इशारों में इस बात को कहते भी थे। तामम सुरक्षा इंतजाम और सावधानियों भी बरता करते थे। लेकिन 29 मई 2022 की शाम उनकी एक गलती ने उनकी जिंदगी को मौत के आगोश में धकेल दिया और पिछले 15 दिनों से लगातार मडरा रहे हत्यारों की टोली ने उनके शरीर को अत्याधुनिक हथियारों से अन्धाधुंध फायरिंग कर छलनी कर दिया और चलते बने। सिंधु को मार डालने की खबर महज कुछ देर बाद आग की तरह भारत समेत दुनिया के कोने कोने में उनके चाहने वालो तक फैल गई। न्यूज़ चैनलों में शुभदीप सिंह सिद्धू उर्फ सिधु मुसेवाला की हत्या को लेकर ताबड़तोड़ खबरे दिखाई जाने लगी। सिधु के लाखो करोड़ो फैन्स सदमे की हालत में थे तो दूसरी तरफ पंजाब पुलिस के वरीय अधिकारी घटना स्थल पर पहुच चुके थे।

             अभी हत्यारों और हत्याकाण्ड को लेकर तफ़्तीश शुरू ही हुई थी कि तभी पंजाबी सिंगर (Punjab Singer) सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moosewala) की सनसनीखेज हत्या की जिम्मेदारी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) और कनाडा में रहने वाले उसके साथी गोल्डी बरार (Goldy Barar) लेते हुए बाकायदा फेसबूक पर लॉरेंस बिश्नोई नाम वाले एक पेज पर पोस्ट भी साझा की गई।

पोस्ट में सिद्धू मूसेवाला की हत्या की वजह बताई गई। फिलहाल इस ग्रुप पेज को सस्पेंड कर दिया गया है। पोस्ट के लिए गए स्क्रीनशॉट में पंजाबी में लिखा हुआ था कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेन्स बिश्नोई और गोल्डी बरार लेते हैं।

हिंदी अनुवाद के अनुसार ..

राम राम भाई सबको…आज जो सिद्धू मूसेवाला का कत्ल (Sidhu Moosewala Murder) हुआ है, उसकी जिम्मेदारी मैं और मेरा भाई गोल्डी बरार लेता है. लोग हमें…जो भी कहें लेकिन इसने हमारे भाई विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या में मदद की थी. हमने अपने भाई का बदला ले लिया है. मैंने इसे जयपुर से कॉल करके कहा था कि तुमने गलत किया है. इसने मुझे कहा था कि मैं किसी की परवाह नहीं करता. तुम जो कर सकते हो कर लो. मैं भी हथियार लोड करके रखता हूं. और आज हमने अपने भाई विक्की का इंसाफ ले लिया है. ये तो अभी शुरुआत है…जो भी इस कत्ल में शामिल थे, वे तैयार रहें…आज हमने सबके भ्रम दूर कर दिए हैं. जय… बलकारी…

मुसेवाला की हत्या तय थी!

हमने अपने पाठकों खबर से अवगत कराने की शुरुआत ही मुसेवाला कि हत्या तय थी जैसे वाक्य से की है। आपको यह पढ़कर अजीब लगा होगा पर यही सच है। हमारे पास इस बात को लिखने के तमाम तथ्य मौजूद है। दरअसल, सिधु मुसेवाला जितनी सावधानी सहित अपनी सुरक्षा के तामम इंतजाम कर रखे थे उससे तीन गुणा ज्यादा खौफ़नाक तैयारी और प्लान बनाए 15 दिनों से लगातार मानसा की सड़कों पर मडरा रहे थे ताकि मुसेवाला को मार गिराया जाए।

बेहद शातिराना ढंग से एक नही दो नही तीन तीन प्लान गोल्डी बरार और हत्यारों द्वारा बनाए गए थे। ताकि किसी भी हाल में सिधु की हत्या की जा सके। लेकिन रविवार 29 मई की शाम सिधु मुसेवाला अपनी बीमार मौसी को देखने घर से निकले और उनके पीछे हत्यारों की टोली लग गई और फिर सरेशाम गोलियों से छलनी कर दिया।

दरअसल, हत्यारों की टोली और साज़िशकर्ता गोल्डी बरार मुसेवाला की हत्या करने को कितने डेस्परेट थे यह आपको अंदाज़ा लग चुका होगा। मतलब मुसेवाला को मरना ही था। वो कितनी भी कोशिशों करते तो भी उनपर जानलेवा हमले होते ही रहते जब तक वो …..। दरअसल, सिधु वक्त के हाथो हार गए और बिना सुरक्षा 29 मई को बेहद बड़ी और आखरी लापरवाही कर गए। नतीजतन उनकी कहानी पर फुल स्टॉप लग गया।

तिहाड़ में कैद लॉरेन्स विश्नोई और दिल्ली पुलिस

सिंगर हत्याकाण्ड से पंजाब सरकार हील गई तो वही दूसरी तरफ इसकी गूंज दुनिया के हर कोने में सुनी गई। वही इस सनसनीखेज हत्याकांड की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई और गैंग के गोल्डी बराड़ ने ली तो दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल हरकत में आ गई क्योकि लॉरेंस बिश्नोई दिल्ली के तिहाड़ जेल मे कैद था। कनाडा में बैठें लॉरेन्स गैंग के गुर्गे गोल्डी बरार ने सिद्धू की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। कड़िया जुड़ी तो आननफानन में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल लॉरेंस बिश्नोई को तिहाड़ जेल से रिमांड पर ले आई। उससे मुसेवाला हत्याकाण्ड की हर सचाई जानने ख़ातिर रिमांड बढ़ाया भी गया और सब कुछ उगलवाना लिया। रिमांड खत्म हुआ तो पंजाब पुलिस ने लॉरेन्स को अपने कब्जे में ले लिया।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लॉरेंस बिश्नोई से सिद्धू मूसेवाला पर हमला करने वाले शूटर्स के पते-ठिकाने कबूलवा लिए थे। यही वजह रही कि जैसे ही पंजाब पुलिस लॉरेंस बिश्नोई को अपनी कस्टडी में लेकर पंजाब के मानसा पहुंची। वैसे ही दूसरी ओर 19 जून को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के तीन शूटर्स को एक साथ गिरफ्तार कर लिया।

मुसेवाला को मारने के लिए तीन प्लान थे तैयार

मुसेवाला हत्याकाण्ड के 23 दिन बाद दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के विशेष आयुक्त हरगोविंद सिंह धारीवाल के मुताबिक, शूटरों ने मूसेवाला के कत्ल के लिए एक नहीं तीन-तीन प्लान तैयार कर रखे थे। कातिलों का प्लान था कि प्रियव्रत उर्फ फौजी सिद्धू मूसेवाला की रेकी करने के बाद एके 47 से सिद्धू मूसेवाला पर गोलियां बरसाना शुरू करेगा। ताकि, उसके बचने की कोई गुंजाइश की बाकी न रहे।

साभार – सोशल मीडिया

पहला प्लान – सिद्धू मूसेवाला की गाड़ी को एक मॉड्यूल ओवरटेक करके पहले रोकेगा। उसके बाद अचानक ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी जाएगी। इसी वक्त दूसरा मॉड्यूल मौके पर पहुंचकर पहले मॉड्यूल के साथ शूटआउट में शामिल हो जाएगा।

दूसरा प्लान – मुताबिक, शूटरों ने इस बात का पुख्ता बंदोबस्त कर लिया था कि अगर शूटआउट में इस्तेमाल होने वाली बंदूकें, पिस्तौल दगा दे जाती है तो गैंग के पास मौजूद ग्रेनेड मारकर सिद्धू मूसेवाला को उड़ा दिया जायेगा। इसके लिए न सिर्फ ग्रेनेड लॉन्चर तक हमलावरों ने तैयार कर रखे थे, ग्रेनेड चलाने तक के इंतजाम कारों के भीतर कर रखे थे।

तीसरा प्लान – आखरी प्लान यह था कि अगर रेकी करने का कोई फ़ायदा नही होता है तो सभी शूटर्स पंजाब पुलिस की खाकी वर्दी पहनकर मुसेवाला की कोठी में घर में घुसकर ही सिद्धू को मार डालेंगे।

लेकिन 29 मई को उन्हें मनमाफिक मौका मिल गया।इसलिए केकड़ा से सिद्धू की जानकारी मिलते ही शूटर्स का काम बेहद आसान हो गया और उन्होंने तुरंत घेराबंदी कर मर्डर को अंजाम दे दिया।इस मर्डर को कुल 6 शॉर्प शूटर्स ने अंजाम दिया. दिल्ली पुलिस ने 20 जून को इस घटना को अंजाम देने वाले मुख्य शॉर्प शूटर प्रियव्रत फौजी (Priyavrata Fauji) और दो अन्य शूटर को गिरफ्तार कर खुलासा किया।

 

नेक्स्ट – कौन है लॉरेन्स बिश्नोई !

 

 

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