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Sidhu Moose Wala Murder:23 दिनों बाद खुला राज़ किसने चलाई सिंगर पर पहली गोली और फिर कहा “काम हो गया,मार दिया उसे”

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की 29 मई को पंजाब के मानसा जिले में हुई थी हत्या,कांड के 23 दिन बाद सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का लगभग हुआ खुलासा, मुसेवाला को मारने में AK-47 का भी हुआ इस्तेमाल,दिल्ली पुलिस ने बताया 6 शूटरों ने दिया हत्याकांड को अंजाम,हर हाल में मार गिराने की थी तैयारी, हथियारों के जखीरे संग 8 हैंड ग्रेनेड एक ग्रेनेड लांचर भी हुआ बरामद

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पटना Live डेस्क। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की 29 मई को पंजाब के मानसा जिले में हत्या कर दी गई थी। बलेरो और कारोला से पहुचे हमलावरों ने उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया थ। इस घटना से कोहराम मच गया था। पंजाब पुलिस की एसआइटी समेत दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कांड के उद्भेदन की मुहिम शुरू की। घटना के 23 दिन बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (Delhi Police) ने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड (Sidhu Moose Wala Murder Case) में शामिल 2 शूटर्स सहित 3 लोगों को गुजरात के कच्छ ज़िले के मुद्रा से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम प्रियव्रत (Priyavrat) उर्फ फौजी, कशिश (Kashish) उर्फ कुलदीप और केशव कुमार (Keshav Kumar) है। शूटरों संग गिरफ्तार केशव ने फौजी और कशिश को गन पॉइंट पर ऑल्टो लूट कर कांड के बाद भागने में मदद की। गिरफ्तार शूटरों के पास से और उनके बताए ठिकाने से बड़ी संख्या में हथियार और विस्फोटक बरामद हुआ है। जिसमें ग्रेनेड, ग्रेनेड लांचर, पिस्टल समेत अन्य सामान बरामद हुए हैं।

कनाडा से फरमान मानसा में काम तमाम

दिल्ली पुलिस ने सिद्धू मुसेवाला हत्याकांड में शामिल रहे.तीन की गिरफ्तारी और हथियारों का जखीरा बरामद होने के बाद अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस ने बताया कि गिरफ्तार शूटर प्रियव्रत उर्फ फौजी ही सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मास्टरमाइंड था। फौजी ही सभी शूटरों को लीड कर रहा था। फौजी ने ही हत्या की साजिश की पूरी प्लानिंग की थी। प्रियव्रत कनाडा में बैठे गैंगेस्टर गोल्डी बराड़ के संपर्क में था।

मुसेवाला की हत्या के बाद पंजाब पुलिस की जांच में हत्या से पहले वो फतेहगढ़ के एक पेट्रोल पंप (Petrol Pump) के सीसीटीवी कैमरे (CCTV Camera) में नजर आया था। साथ मे कशिश उर्फ कुलदीप भी नज़र आ रहा था। कशिश उर्फ कुलदीप हत्याकांड में शामिल 6 शूटरों में शामिल था जिन्होंने अन्धाधुन्ध फायरिंग कर मुसेवाला को मौत के घाट उतार दिया था।

AK-47 लिए बोलेरो में बैठा था फौजी

मुसेवाला हत्याकांड को 2 मोड्यूल में शामिल शूटरों ने AK-47 और पिस्टलों का इस्तेमाल कर अंजाम दिया था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस हत्याकांड में 6 शूटर्स की पहचान की गई थी। मूसेवाला की हत्या के लिए 2 मॉड्यूल का इस्तेमाल किया गया, दोनों ही मॉड्यूल सीधे ही गोल्डी बरार के संपर्क में थे। घटना के वक्त पहले मॉड्यूल के शूटर बोलेरो में सवार में सवार थे। बोलेरो को शूटर कशिश उर्फ कुलदीप ड्राइव कर रहा था। साथ मे एके 47 लिए प्रियव्रत उर्फ फौजी बैठा था। वही पिछली सीट पर अंकित सेरसा के साथ ही बगल में दीपक मुंडी ऑटोमेटिक पिस्टल लिए बैठा था।

कार में सवार था दूसरा मॉड्यूल

वही सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में शामिल दूसरी टीम कोरोला कार में सवार थी। कार में जगरूप सिंह रूपा और मनप्रीत मन्नू बैठे थे। कार जगरूप खुद चला रहा था। इस कार में सवार मनप्रीत मन्नू सिधु मुसेवाला पर फायरिंग करने वालों में शामिल था।

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के मुताबिक मुसेवाला हत्याकांड में शामिल सभी 6 शूटर्स ने थार में बैठे सिंद्धु पर अन्धाधुंध गोलियां चलाईं थीं। आपको बताते चलें कि शुरुआत में सिद्धू मुसेवाला को मारने के लिए AN-94 के इस्तेमाल किए जाने की खबर काफी चर्चित रही थी।लेकिन अब दिल्ली पुलिस के द्वारा तस्दीक की गई है कि मुसेवाला की हत्या में एके-47 का इस्तेमाल हुआ था। वही घटना को अंजाम देने के बाद मनप्रीत मन्नू और जगरूप रूपा घटना स्थल से फौरन फरार हो गए थे।

हिसार से बरामद हथियारों का ज़खीरा

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने तीनो को 19 तारीख को गुजरता के कच्छ जिले के मुद्रा (Mudra) के खारी मीठी मार्ग,बारोई(Baroi) से धर दबोचा जब ये अपने ठिकाने से निकलकर कही और निकलने की फ़िराक़ में थे। वहां एक मकान किराये पर लेकर ये तीनो छुपे हुए थे। गिरफ्तार किए जाने के बाद इनकी निशाना देही पर हरियाणा के हिसार के इनके एक ठिकाने से पुलिस ने 8 हैंड ग्रेनेड, 1 ग्रेनेड लांचर,9 इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर और AK सीरीज की राइफल (Rifels) बरामद की है। सनद रहे कि पुणे के शूटर संतोष जाधव व उसके साथी नवनाथ सूर्यवंशी को भी पुणे पुलिस ने गुजरात के ही कच्छ जिले के भुज की मांडवी तहसील से गिरफ़्तार किया था।

बैकअप में हैंड ग्रेनेड का करना था इस्तेमाल

दिल्ली पुलिस के मुताबिक हैंड ग्रेनेड (Hand Graned) हत्या के समय भी इनके पास थे। जिसे बैक अप के लिए इन्होंने रखा था कि अगर पिस्तौल या रायफल से हत्या नहीं कर पाए तो हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल करते। दोनों मोड्यूल गोल्डी बरार के संपर्क में थे और लगातार इन लोगों को गोल्डी बरार से इंस्ट्रक्शन मिल रही थी। गोल्डी की तरफ से साफ इंस्ट्रक्शन मिल चुके थे। हर हाल में मुसेवाला को मार गिराना चाहे हैंड ग्रेनेड का भी इस्तेमाल करना पड़ जाए।

फौजी था हत्यारों की टोली का कप्तान

मुसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड और शूटरों की टोली का कप्तान खुद फौज का भगोड़ा व दुर्दांत शूटर प्रियव्रत था। मुसेवाला हत्याकांड के साज़िश में शामिल फौजी सीधे कनाडा में बैठे गोल्डी बरार के संपर्क में था। पंजाब पुलिस में हत्याकांड की जांच में जब सीसीटीवी खंगालना शुरू किया तो सबसे पहले इसी की पहचान पुख़्ता हुई थी। जब
हत्या से पहले फतेहगढ़ के एक पेट्रोल पंप बलेरो की टंकी फूल करवाते इसकी सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लगी।

साथ ही उस सीसीटीवी में झज्जर निवासी कशिश उर्फ कुलदीप भी नज़र आया था। अब यह स्पष्ट हो चुका है की सिंधु की हत्या में 6 शूटर और 2 फोर व्हीलर शामिल थीं।

15 दिनो तक हत्यारों की टोली मानसा में रही

मुसेवाला को मारने ख़ातिर 15 दिनो से कमरा किराए पर लेकर अत्याधुनिक हथियारों और असाल्ट रायफल संग 2 वाहनों में सवार होकर हत्यारों की टोली मानसा की सड़कों पर टोह लगाए घूमती रही थी।वही दूसरी तरफ 2 मुखबिर यानी केकड़ा और उसका साथी लगातार फैन्स की तरह मुसेवाला की कोठी के आसपास मंडराते रहे। इन तमाम साज़िशों से अनजान सिंद्धु अपने काम काज को सामान्य ढंग से अंजाम देता रहा।साथ ही हत्यारों की टोली की पहुच से दूर बना रहा।

लेकिन 29 मई की शाम 5 बजे अचानक मुसेवाला अपनी बीमार मौसी से मिलने ख़ातिर बिना किसी सिक्युरिटी के अपनी थार जीप में 2 साथियों संग कोठी से निकला।अमूमन कोठी के बाहर फैन्स खड़े रहा करते इसी भीड़ में शामिल मुखबिर केकड़ा (Kekda) ने गोल्डी बराड़ को वीडियों कॉल कर इन्फर्मेशन दी कि मूसेवाला तो बिना गनर और बिना बुलेटप्रूफ गाड़ी के बाहर निकला है। साथ में सिर्फ दो दोस्त ही हैं। अब ये सूचना मिलने के 15 मिनट बाद ही यानी 29 मई की शाम करीब 5:30 बजे सिद्धू मूसेवाला को हत्यारों की टोली ने घेर लिया।

फौजी ने मारी थी मुसेवाला को पहली गोली

कारोला कार मे बैठे जगरूप सिंह रूपा और मनप्रीत मन्नू ने मुसेवाला की थार को आगे से घेर लिया और पीछे से बलेरो ने। मुसेवाला ने जब थार पीछे करनी चाही तो कारोला में बैठे मन्नू ने फायर कर जीप के टायर ब्लाष्ट कर दिए। इसी बीच बलेरो से बाहर निकले फौजी ने थार की ड्राइविंग सीट पर बैठे सिंद्धु पर सबसे पहले AK-47 से ब्रस्ट फायर कर दिया। जवाब में थार से भी 2 फायर हुए तो गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच बाकी शूटरों ने भी फायरिंग शुरू कर दी। सरेआम सरेशाम 30 राउंड से ज्यादा की फायरिंग होने के बाद जब शूटर्स को यकीन हो गया कि सिद्धू मूसेवाल मर चुका है।

प्रियव्रत फौजी ने वही से बाकायदा इंटरनेट कॉलिंग के जरिए कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ से बात की और कहा की “काम हो गया,मार दिया उसे। मतलब साफ था मूसेवाल को मार डाला गया है।

अलग अलग फरार हो गए शूटर्स

दुनिया भर में फेमस पंजाब के लाल सिद्धू मुसेवाला को मार डालने के बाद हत्यारों की टोली घटना स्थल से ही एक दूसरे से अलग अलग होकर निकल गई। मुसेवाला पर गोलियों की बौछर कर सबसे पहले जगरूप सिंह रूपा और मनप्रीत मन्नू एक साथ अन्य को छोड़कर चलते बने वही। बोलेरो में सवार फौजी और उसकी टीम वारदात स्थल से कुछ किलोमीटर दूर खड़े केशव (फौजी संग गिरफ्तार) के पास पहुची तो केशव ने सड़क पर जा रही एक ऑल्टो लूटी और उसपर फौजी और कशिश अन्य को बिठाकर मानसा से निकल गए। आगे जाकर ऑल्टो को छोड़ कर सभी यानी फौजी, कशिश,दीपक मुंडी और अंकित सेरसा लोकल बस में सवार होकर अलग अलग दिशा में निकल गए।

मुसेवाला के सर पर मंडरा रही थी मौत, कोठी के दरवाजे पर दस्तक देंने की मुकम्मल तैयारी कर चुके थे शूटर्स, मोबाइल पर टोह लगाए थी मौत ! पढ़कर जानकर चकरा जाएंगे आप … मुसेवाला की मौत का हर सच

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