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BiG News-पैरोल पर शहाबुद्दीन निकले तिहाड़ से बाहर, माँ पत्नी व बेटे-बेटियों से मिलकर छलका आसूं

दिल्ली के एक फ्लैट में 3 साल बाद जेल से बाहर निकले पूर्व सांसद अपने परिजनों से मिले, बीवी-बच्चों से बातचीत करते -करते हुए भावुक

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पटना Live डेस्क। दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद सीवान के पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन से उनके परिजनों की कड़ी सुरक्षा में मुलाकात हुई। दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर 18घंटे के लिए मो.शहाबुद्दीन को परिजनों से मुलाकात करने की अनुमति मिली थी। आरजेडी सांसद मो. शहाबुद्दीन सोमवार को दिल्ली में परिजनों से मुलाकात की। वह तीन साल के बाद परिजनों से मुलाकात कर रहे थे। इस दौरान बात करते करते वह इमोशनल भी हो गए।

शहाबुद्दीन के बताए गए जगह पर ही कोर्ट के आदेश पर मुलाकात हो रही थी। मुलाकात के लिए नई दिल्ली के गीता कॉलोनी स्थित ताज इन्क्लेव के एक फ्लैट में हुई।यह फ्लैट शहाबुद्दीन के सीवान के रहने वाले किसी करीबी का था। मिलने वालों में पत्नी हेना शहाब, बेटा मोहम्मद ओसामा, मां और दोनों बेटियों पिता से मिली। इस दौरान सुरक्षा कड़ी की गई थी।

दोनो बेटियां जल्द बनेगी डॉक्टर

शहाबुद्दीन से उनकी दो बेटियों ने भी मुलाकात की है। दोनों बेटियां जल्द ही डॉक्टर बनने वाली है। दोनों की पढ़ाई लगभग पूरी हो चुकी है। बताया जा रहा है कि बड़ी बेटी की शादी भी किसी डॉक्टर से होने की संभावना जताई है। ऐसे में बेटी की शादी को लेकर भी शहाबुद्दीन पैरोल एक बार फिर से मांग सकते हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट से मिली मंजूरी

दिल्ली हाईकोर्ट ने 3 दिसंबर को शहाबुद्दीन को दिल्ली में अपने परिवार से मिलने के लिए कस्टडी पैरोल मंजूर कर दी थी।हाईकोर्ट ने शहाबुद्दीन को हिदायत दी थी। जस्टिस अनूप जे. भंभानी ने हत्या के मामले में सजा काट रहे शहाबुद्दीन को तीन दिन की कस्टडी पैरोल देने का निर्देश दिया था। तीन दिन के भीतर शहाबुद्दीन को दिल्ली में अपनी पसंद का जगह बताने का निर्देश दिया गया था। शहाबुद्दीन के पिता का 19 सितंबर को निधन हो गया और वह अपनी बीमार मां के साथ समय बिताना के लिए पैरोल मांगा था।

बिहार पुलिस ने सुरक्षा देने से किया था इनकार

जब शहाबुद्दीन ने कोर्ट से पैरोल मांगी थी तो इस दौरान बिहार पुलिस और दिल्ली पुलिस ने शहाबुद्दीन को सीवान ले जाने पर सुरक्षा मुहैया कराने में असमर्थता जताई थी।दोनों पुलिस के हाथ खड़े करने पर कोर्ट ने बीच का रास्तानिकाला। बता दें कि शहाबुद्दीन हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे है।इनको सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 2018 में तिहाड़ जेल भेजा गया था।

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