बेधड़क ...बेलाग....बेबाक

बड़ा खुलासा (Part -2) – निशाने पर खाकी ताकि DON की चलती रहे जरायम की खेती, जिसपर लगना चाहिए CCA वो खादी की आड़ में कर रहा है साज़िशें

10

पटना Live डेस्क। बिहार में सुशासन है यानी कानून का राज़ है। लेकिन खाकी को इस सुशासन में लगातार निशाने पर लेकर कुछ जरायपेशा और माफिया किस्म के लोग कानून को धोखा देकर अपनी हीत साधना की लगातार कोशिश कर रहे है। इसी क्रम में पटना जिल में एक आदतन गुनहगार जो इलाके का खुद को DON कहता है।जिसके गुनाहों की बेहद लंबी फेरहस्ति है।खाकी के ईमानदार प्रयास को धूमिल कर अपनी गैरकानुनी सल्तनत चलाने का प्रयास के तहत साज़िशें कर रहा है। ताकि थानेदार को चलता कर सके और पुनः एक बार अपने गुनाहों की सल्तनत कायम कर सके। इस प्रयास में झूठे आरोप चस्पा कराने और पंचायत प्रतिनिधियों को अपने खौफ से प्रभावित कर मनमाफिक आवेदन भिजवाकर कर खाकी के ईमानदार प्रयास को बेपटरी करने के कुत्सित षड्यंत्र रच रहा है। गज़ब तो ये की जो गुनहगार CCA के तहत निषिद्ध होना चाहिए वो खाकी की आड़ में न केवल छुट्टा सांढ़ बना घूम रहा है बल्कि जरयाम की घटनाओं को ताबड़तोड़ अंजाम दिला रहा है। ज़मीन कब्जे से लेकर तमाम गैरकानूनी धंधे चलाने की कोशिश कर रहा है। हद तो ये की साज़िशें चला रहा है ताकि खाकी हो जाये बदनाम। खबर प्रायोजित कर रहा है जब पटना Live ने सच को जानने खातिर अपनी पड़ताल शुरू की  जो सच पता चला वो अपने आप मे खौफनाक है।

अबतक आपने पढ़ा …..

बड़ा खुलासा(पार्ट -1) – एक साजिश एक प्रायोजित अभियान ताकि खाकी हो जाये बदनाम, कुख्यात अपराधी रच रहा है साज़िशें बेशुमार https://patnalive.co.in/biggest-investigation-the-consipercy-to-defame-men-in-khaki/

निशाने पर खाकीवाला क्यो ?

दरअसल, जबसे खुसरुपुर की कमान एक बहादुर और निडर 2009 बैच के दारोगा मृत्युंजय कुमार ने संभाली है। तब से थानाक्षेत्र में जरायमपेशा और अपराधी मानसिकता के लोगों की नही चल रही है। अपराधियों और दलालों का पैर थाना से उखड़ गया है। पुलिस की सख्ती से बौखलाए लोग थानाध्यक्ष के खिलाफ लगातार साजिश रच रहे हैं। थानाध्यक्ष का रहना या जाना विषय नही है,विषय है इलाके में बहाल शांति खतरे में न पड़े।प्रखंड में के फुलवरिया स्थित शिवम इंटरनेशनल स्कूल को भी दागदार करने की कोशिश हुई है,जो पीड़ादायक है।प्रखंड के लिए गौरव की बात है कि शिवम जैसी शिक्षण संस्थान हमलोगों के बीच है।बहरहाल हम कह सकते हैं कि तथ्यों की जांच परख हो तथा चीजों को सच्चाई के साथ प्रस्तुत किया जाय। इससे समाचार की विश्वसनीयता बनी रहे।

कुख्यात की सल्तनत और साज़िश.                            

1.फतुहा के मनोज गोप की इशोपुर में हत्या.                 2. हरदासबीघा पिट्रोल पम्प के पास दिन के उजाले में भगीरथ गोप की हत्या। पप्पू के खौफ का आलम ये है कि परिवार वालों ने मुकदमा तक नही किया.         3.अपने गांव में मुखबीरी के आरोप में रामवरण गोप की हत्या की.                                                      4.फतुहा से ऑटो द्वारा लौट रहे जतन गोप के बेटे की हत्या

                       ये महज कुछ जघन्यतम आपराधिक वारदातें है जिन्होंने पूर्व में पटना को दहला दिया था। इसके अलावे भी डॉन जिले के विभिन्न थानो में समेत फतुहा में भी कई जघन्यतम हत्याकांडों और रंगदारी के मामले में पप्पू नामजद है पटना के टॉप टेन अपराधियों में शुमार पप्पू गोप उर्फ पप्पू डॉन खुशरूपुर थाना क्षेत्र के नया टोला निवासी है। अपने आतंकराज से इलाके समेत आसपास के कई थाना क्षेत्र में जरायम की अपनी सल्तनत चला रखा है। लेकिन खुशरूपुर थानेदार की निडरता,निर्भीकता और कानून के राज की परिकल्पना को साकार करने की कोशिशओं से खासा दुःखी है। दरअसल उसके तमाम गैरकानुनी धन्धों को नेस्तनाबूद कर थानेदार ने उसकी गुंडगर्दी पर लगभग विराम लगा दिया है। गैरकानुनी धंधों से होने वाली बेशुमार आमदनी के स्रोतों को खत्म कर दिया है। इसका असर ये हुआ की खुसरुपुर थाना क्षेत्र के नया टोला निवासी दुर्दांत अपराधी पप्पू गोप इन दिनों थानाध्यक्ष खिलाफ लगातार खड़यंत्र कर रहा है। हुआ ये की खुसरुपुर में योगदान के बाद इस कुख्यात ने कुछ दिनों तक नए नवेले थानेदार को प्रभावित करने की पुरजोर कोशिश ताकि उसकी जरयाम की सल्तनत चलती रहे। पप्पू की चाहता थी कि मृत्युंजय उसके काले कार्यो में बाधा न डाले। लेकिन ऐसा संभव न हो सका क्योकि अपने वरीय अधिकारियों के विश्वास को अक्षरशः बनाये रखने की कोशिश वो लगातार करते रहते है।

आवाम खुश अपराधी पस्त

खुशसरुपुर थनाध्यक्ष ने अपने पदस्थापना के बाद से सदैव इलाके में अमन चैन कायम रखने के लिए काम किया। वर्त्तमान सरकार के पूर्ण शराबबन्दी को अक्षरशः लागू करने की कवायद को जोरशोर से अंजाम तक पहुचा शुरू किया जिसका फलाफल हुआ कि अबतक थाना द्वारा करीब 350 लोगो को जेल भेजा गया है।
साथ ही थाना द्वारा 20393 लीटर अंग्रेजी शराब, झारखंड निर्मित देसी शराब करीब 10065 लीटर एवम 572 लीटर महुआ शराब पकड़ा गया। अकेले 30 से अधिक प्राथमिकी शराब मामले में हरदासबीघा बिन्दटोली के लोगों के खिलाफ दर्ज की गई। वही दूसरी तरफ अबतक 10 बड़ी वाहन,21 मोटरसाइकिल, सोने का चयन,10 लाख कैश की बरामदगी की है। इन तमाम उपलब्धियों को लेकर समय समय पर थानेदार को वरीय अधिकारियों द्वारा सराहा गया है। वही गंगा दियारे से सटे क्षेत्रो में त्रस्त जनता ने थानाध्यक्ष की कार्रवाइयों को लेकर जमकर तारीफ की और लगातार अपराधियों के खिलाफ जारी अभियान मे महति भूमिका निभाई है। लेकिन इन कार्रवाइयों से इलाके के अपराधियों की कमर टूट गई है। फिर भी अपने गुंडई के साम्राज्य को स्थापित करने खातिर कुटिल साज़िश की।शुरुआत करते हुये पप्पू अपने आपराधिक साम्राज्य स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।

खादी की आड़ साज़िशें लगातार

दरअसल,पीने बाहुबल के बल पर इलाके में आतंक की सत्ता चलाने वाले अपराधी ने पप्पू गोप ने पानी धमक बनाये रखने खातिर खादी का चोला ओढ़ ने जुगत बिठाइ औऱ विगत वर्ष हुए पंचायती राज के चुनावो में अपनी भाभो को हरदासबीघा पंचायत की मुखिया निर्वाचित करा लिया। इस के बाद डॉन ने सोचा कि तमाम गैरकानुनी धंधे मुखिया की आड़ में करेगा। लेकिन शराब,बालू का अवैध धंधा करने की उसकी मंशा पूरी नहो सकी।
लेकिन कहते है न चोर चोरी से जाये हेराफेरी से नही। इसी के तहत चोरी छिपे धंधा शुरू किया तो मिली जानकारी पर खुशरूपुर पुलिस ने पप्पू के घर पर  रेड हुई किया तो शराब बालू को लेकर प्राथमिकी हुई तो डॉन पप्पू और बौखला गया है। अपनी हनक और सियासी पहुच ओर ये इसे खाकी के हमला लगा। उसे लगा कि इससे तो उसकी धधक कम हो जायेगी। फिर क्या था दर्ज़नो आपराधिक मुकदमो के आरोपी कुख्यात डॉन जिस पर …

1) खुसरुपुर थाना कांड संख्या-17/06 दिनांक 28/02/06 धारा 302/34 भा द वी 27 आर्म्स एक्ट एवं 3/4 विस्फोटक अधिनियम
(2)फतुहा थाना कांड 249/08 धारा 302/307/34 भा द वी
(3)फतुहा थाना कांड 205/08 दिनांक05/08/08 धारा 384/120 B/34 भा द वी
(4) फतुहा थाना कांड 263/08 दिनांक25/09/18 धारा 384/120 ब /34 भा द वी
(5) बख्तियारपुर(फतुहा)रेल जी आर पी थानाकांड 40/08  दिनांक27/08/08 धारा 302/34 भा द वी एवं 27 आर्म्स एक्ट
(6) गाँधी मैदान थाना कांड 309/09 दिनांक 05/08/09 धारा 399/402 भा द वी
(7) फतुआ थाना कांड 74/15
(8)फतुआ थाना कांड 145/00
(9)खुसरूपुर थाना कांड 163/16
(10)खुसरूपुर थाना कांड 261/18 दिनांक18/12/18 धारा 399/402भा द वी एवं 25(1-B)/b/26/35/37(c) बिहार उत्पाद अधिनियम
(11) खुसरूपुर थाना कांड 270/17 दिनांक 18/12/17 धारा 147/148/149/342/324/307/353/332/379/224/225/120 B भा द वी
(12) खुसरूपुर थाना कांड सं 261/18 दिनांक18/10/18 धारा 30(a)/37(c) बिहार उत्पाद अधिनियम

उल्लेखित विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज है। खुसरूपुर थानेदार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जबरिया प्रखंड के दागदार जनप्रतिनिधियों से मेरे विरुद्ध हस्ताक्षर कराकर निडर और बहादुर थानेदार मृत्युंजय कुमार को हटाने की मुहिम  के लिए दिनरात लगा हुआ है। उपरोक्त तमाम मुकदमो में नामित अपराधी जो पटना जिले का A क्लास हिस्ट्रीशीटर है।
जो आदमी खुद अपराध की लगभग सभी धाराओं में स्वयं डूबा है और पूरा इलाका इसके कारनामों से वाकिफ है। वह आदमी स्थानीय प्रशासन को अपनी उंगलियों पर नचाना चाहता है। क्या यह एक साजिश नही है ? जो खाकी के मनोबल को तोड़ने की कोशिश नही है ?

सवाल –

#क्या पटना जिला प्रशासन एक अपराधी के सामने घुटने टेक देगा ?
#क्या थानेदार को जनाबूझकर बदनाम करने कवायद का सच पटना के वरीय पुलिस अधिकारी समझेंगे ?
#क्या खाकी के मनोबल को बचाने में सफलता मिलेगी ?
#क्या पटना DM औए एसएसपी साहब स्थानीय जनता को उक्त अपराधी के आतंक राज़ मुक्ति दिलाने का प्रयास करेंगे?

ये चंद सवाल है जो खुशरूपुर कि शांतिप्रिय आवाम और बुद्धिजीवी वर्ग पूछ रहा है।

Comments are closed.