बेधड़क ...बेलाग....बेबाक

फूल सी दिखने वाली चंचला को है मदद का इंतजार,गंभीर बीमारियों से पीड़ित चंचला की मदद को आइए आगे..बचाइए उसकी जान

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पटना Live डेस्क.  जरा इस तस्वीर को देखिए.. फूल सी दिखने वाली…सदा हंसने वाली..सबको हंसाने वाली..माता-पिता की लाडली  ये है चंचला..सदा मुस्कुराने वाली चंचला आज गंभीर बीमारी की चपेट में है…बीमारी से ग्रस्त चंचला आज अस्पताल के बिस्तर पर पड़ी है…उसकी यह तस्वीर और  वर्तमान में उसकी यह हालत देखकर कलेजा मुंह को आ जाता है…दिल यह सोचने पर मजबूर कर देता है कि आखिर उपरवाला इतना क्रूर कैसे हो सकता है..आखिर क्या बिगाड़ा है इस फूल सी लड़की ने किसी का.. माता-पिता यह समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर उन्होंने क्या गुनाह किया था जो उपरवाले ने उन्हें इतनी बड़ी सजा दी है..सदा पढ़ाई में नंबर वन रहने वाली चंचला अब दोबारा पढ़ पाएगी कि की नहीं फिलहाल यह कहना मुश्किल है….राजधानी पटना के मगध महिला कॉलेज में पढ़ने वाली और अपनी दोस्तों की चहेती और सदा चहचहाने वाली चंचला आज बिस्तर पर पड़ी गुमशुम है…माता-पिता को बस इसी बात का इंतजार है कि कब यह सदा मुस्कुराने और सबको हंसाने वाली उनकी बच्ची बिस्तर से उठेगी और उन्हें मां कहकर गले लगाएगी..आस डॉक्टरों पर और दुआ उपरवाले से यही दिनचर्या है चंचला के परिजनों की इऩ दिनों…शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती चंचला ने भी शायद यह नहीं सोचा होगा कि आस-पास के लोग उसे देख तो पाएंगे लेकिन वो किसी को भी नहीं देख पाएगी…

कोमा में अस्पताल के बिस्तर पर पड़ी चंचला गंभीर बीमारियों के चलते मुरझा चुकी है…बीमार होने से पहले चंचला की उसी चंचलता का इंतजार आज उनके घरवालों को है…पापा अपनी भावनाओं पर काबू रखकर दूसरो को भरोसा दे रहे हैं…जन्म देने वाली मां उसे देखकर चुपचाप आंसुओं को पी जा रही है… दानापुर की रहने वाली चंचला शहर के मगध महिला कॉलेज में पढ़ती है.. दरअसल पंद्रह दिन पहले चंचला को खतरनाक डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया..परिजनों ने उसे पहले नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया..जहां वो तेज बुखार के चलते इलाज के दौरान ही बेहोशी की हालत में चली गयी…तेज बुखार के चलते चंचला को दिमागी बुखार की शिकायत हो गई…इसे आप दुर्भाग्य ही कहेंगे कि तमाम डॉक्टरी जांच.. दवाईयों और सुविधाओं के बीच चंचला की बीमारी छूटने की बजाए बढ़ती ही चली गई..और उसे अब ‘लेप्टोएस्पिरोरिस’ नाम की बीमारी ने अपनी चपेट में ले लिया है…इस बीमारी के चलते चंचला के कई मुख्य अंगों जैसे..फेफड़ा..लिवर..दिमाग..और यूरिनल सिस्टम को भारी क्षति पहुंची है..माता-पिता और घरवाले चंचला को बचाने के लिए अभी तक करीब दस लाख रुपए खर्च कर चुके हैं..लेकिन उसकी बीमारी और चंचला की जान बचाने के लिए अभी और रुपयों की जरुरत है..

सीमित साधनों के बीच परिवारवालों ने अपनी हैसियत से बढकर अपनी बच्ची को बचाने के लिए रुपए खर्च किए हैं..लेकिन मासूम चंचला को बचाने के लिए अभी और रुपयों की जरुरत है…चंचला के स्वास्थ्य की अगर ताजा रिपोर्ट की बात करें तो फिलहाल चंचला ‘हेपाटिक इंसेफेलोपैथी’ से जूझ रही है…यदा-कदा होने वाली इस बीमारी की वजह से रोगी कोमा में जा सकता है…यह एक गंभीर तरह की बीमारी है जिससे छुटकारा पाने के लिए ढेर सारे रुपयों की जरुरत होती है…पिछले पंद्रह दिनों से चंचला के उपर हो रहे खर्च के चलते परिवारवालों की आर्थिक हालत अब जवाब दे रही है…लेकिन कहा गया है कि दवा और दुआ साथ चले तो वो भी रंग लाती है…बस  इसी बात के इंतजार में घरवाले चंचला की जान बचाने को वो तमाम उपाय कर रहे हैं… भला कोई माता-पिता और परिवारवाला रुपयों के चलते कैसे फूल सी बच्ची को इलाज के बगैर छोड़ सकता है..इसलिए उन्होंने लोगों से यह अपील की है कि बच्ची की जान बचाने में लोग उनकी आर्थिक मदद करें… इसे बारे में उन्होंने कुछ नंबर उपलब्ध कराए हैं जहां जाकर आप चंचला की जान बचाने में मदद कर सकते हैं..

 

Paytm no:+8210799544,  8757609902

Account number:-1434101012362

Bank name:-Canara bank

IFSC-CNRB0001434

Her father’s and account holder name name:-Shiv shankar pandey

Contact number :79 0374 4258

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