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Exclusive-Rupesh हत्याकाण्ड एयरपोर्ट पार्किंग विवाद का है परिणाम बोले DGP बिहार सुबूत न स्याही पुलिस जे कहे वही सही

पटना में इंडिगो एयरलाइंस के स्टेशन मैनेजर हत्याकांड में जारी फ़जीहत के बीच राज्य के पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल ने दावा किया कि हत्या एयरपोर्ट पार्किंग विवाद से जुड़ा है। शास्त्रीनगर थाने में 7 लोगो को हिरासत में रखा गया है।

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पटना Live डेस्क।12 जनवरी की शाम शास्‍त्रीनगर थाना क्षेत्र के पुनाईचक मोहल्‍ले में स्थित कुसुम विला अपार्टमेंट में रूपेश सिंह की हत्‍या उस वक्‍त कर दी गई थी,जब वे ड्यूटी से घर लौटे थे।वे बेसमेंट में गाड़ी पार्क करने को उतरने वाले ही थे कि तभी अपराधियों ने ऑटोमेटिक पिस्‍टल से ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर दी। करीब डेढ़ दर्जन राउंड गोलियां बरसाई गईं, जिनमें छह रूपेश को लगी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी बाइक से फरार हो गए। उनकी गिरफ्तारी के दावे अभी तक हवा-हवाई साबित हुए हैं। नतीजतन पटना पुलिस की जोरदार फ़जीहत जारी है। एक ओर जहाँ विपक्ष लगातार सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है तो वही पीड़ित परिवार CBI जांच की बात कह रहा है।

इसी बीच कांड के आठवें दिन यानी मंगलवार को राज्य के पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल ने दावा किया कि हत्या एयरपोर्ट पर पार्किंग विवाद से जुड़ी है। हालांकि इसके बारे में उन्होंने विस्तार से जानकारी नहीं दी। लेकिन अचानक 8वें दिन बिहार पुलिस के डीजीपी ने दावा किया तो सवाल उठना भी लाज़मी है? दरअसल इस मर्डर में पुलिस के हाथ अब तक कुछ भी ठोस सुराग नही आया है। न शूटर व उसके साथियों की पहचान हुई है न हथियार बरामद हुआ है और नाही वो बाइक जो अपराधियों ने इस्तेमाल किया फिर अचानक पुलिस प्रमुख का यह दावा अपने आप मे कई सवाल खड़े कर रहा है।अबतक तक महज कयासों, मुखबीरी तकनीक के सहारे चंद धुंधले वीडियो फुटेज के सहारे पुलिस की एसआईटी जाँच में जुटी है।

इधर,इस दावे के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या सरकार को फजीहत से बचाने के लिए पुलिस ने बकरा तलाशा है,जिसके माथे रुपेश हत्याकांड का आरोप मढ दिया जाये। लेकिन डीजीपी के दावे पर तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) का कहना है कि बिहार पुलिस बकरा खोज रही है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार असल अपराधियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि बिहार पुलिस बकरा खोज रही है? राज्य के गृहमंत्री ने सत्ता शीर्ष पर बैठे लोगों को बचाने के बहाने खोजने की निविदाएं आमंत्रित की हैं।

डीजीपी का बयान और शास्त्री नगर थाना

दरअसल, मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने DGP एसके सिंघल को अपने आवास पर तलब किया था। दूसरे मुद्दों के साथ ही रुपेश हत्याकांड की भी मुख्यमंत्री ने समीक्षा की। सीएम हाउस से बाहर निकलने पर मीडिया से बातचीत में एसके सिंघल ने कहा कि उनकी टीम एयरपोर्ट पर पार्किंग विवाद और ठेकेदारी वाले मामले पर जांच कर रही है। हत्या के पीछे की संभावना पार्किंग विवाद हो सकता है। अपनी बातों को आगे बढ़ाते हुए डीजीपी सिंघल बोले अब तक के अनुसंधान में जो सबसे महत्वपूर्ण बात सामने आयी है वो ये है कि एयरपोर्ट की पार्किंग को लेकर एक बडा विवाद चल रहा था। एक और इश्यू था कि रूपेश के परिवार के लोग ठेकेदारी का काम करते थे। ठेकेदारी में किसी विवाद की बात तो अब तक सामने नहीं आयी है। मूल बात ये है कि एयरपोर्ट के पार्किंग विवाद को लेकर हत्या की गयी है।

डीजीपी ने बताया कि पुलिस टीम ने बहुत काम किया है अब थोड़ा सा काम करना बाकी है जिससे यह पुलिस का केस स्ट्रांग बन जाये।बहुत जल्द पुलिस इस मामले का उदभेदन कर लेगी। एस के सिंघल ने कहा कि किसी मर्डर के पीछे कई उद्देश्य हो सकते हैं।हमने सारी चीजों की बारीकी छानबीन की,उसमें सबसे महत्वपूर्ण बात ये आई की एयरपोर्ट पार्किंग को लेकर हत्या की गयी है। इसमें कॉंट्रेक्ट किलर के जरिये हत्या की घटना को अंजाम दिलाया गया।DGP ने यह बयान क्यों और किस आधार पर दिया? यह तो स्पष्ट नहीं है।

3 पार्किंग कॉन्ट्रैक्टर समेत कुल 7 थाने में

उल्लेखनीय है कि रूपेश हत्याकांड में शास्त्री नगर थाने में मामला दर्ज है। विगत दिनों से पटना एयरपोर्ट पार्किंग के तीनों ठेकेदार बउआ उर्फ रामसुंदर प्रसाद सिंह,रंजीत कुमार ठाकुर उर्फ अतुल और चंदन कुमार को पूछताछ के लिए लगातार शास्त्री नगर थाना बुलाए जाने का सिलसिला जारी था। तीनो को दिन भर थाने में बिठाए रखा जाता ताकि वरीय अधिकारियों समेत SIT द्वारा पूछताछ की ज़ा सके और फिर रात में वापस घर भेज दिया जाता है।

लेकिन डीजीपी के बयान के बाद तीनो पार्किंग ठीके में पार्टनरो को थाने में ही डिटेन कर लिया गया है।वही, मंगलवार की देर रात 4 युवको को एक पुलिस टीम 2 स्कोर्पियो से लेकर पहुची और उन्हें भी शास्त्रीनगर थाने में रखा गया है। यानी शास्त्री नगर थाने में तीनों ठेकेदारों समेत कुल 7 लोग कैद है।

लेकिन DGP का दावा समझ के परे

डीजीपी के बयान के बाद से शास्त्री नगर थाने में पटना एयरपोर्ट के पार्किंग कॉन्ट्रेक्टर बउआ,अतुल और विनोद को पुलिस ने डिटेन कर लिया है। लेकिन अब जरा सोचिए मारा गया शख्स एक निजी विमान कंपनी का ऑपरेशन हेड था। एयरपोर्ट कैम्पस में पार्किंग की ठेकेदारी एयरपोर्ट ऑथिरिटी द्वारा टेंडर के माध्यम से दिया जाता है। रूपेश और वर्त्तमान में पार्किंग का ठेका ले रखे ठीकेदारों में कोई सरोकार है ही नही तो कोई किसी की हत्या खातिर लाखों खर्च क्यो करेगा ?

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