बेधड़क ...बेलाग....बेबाक

EXCLUSIVE – महिला मित्र की हत्या के आरोपी फरार पूर्व डीएसपी उत्तिम सिंह ने किया कोर्ट में सरेंडर न्यायिक हिरासत में गए जेल

99
  • आशनाई में बुरे फसे रिटायर्ड डीएसपी 
  • महिला मित्र को 5 दिसम्बर को फ़ोन कर बुलाया फिर हत्या कर शव को नदी फेकने का है आरोप
  • मामले के खुलासे के बाद से थे फरार
  • वैशाली के सिंदवारी गांव में फुफेरे भाई के घर बुला मीना की कर दी थी हत्या
  • दूसरी प्रेमिका-उसके पति की गिरफ्तारी के बाद डीएसपी का आया था नाम

पटना Live डेस्क। उम्र की ढलान पर खड़े रिटायर्ड डीएसपी की आशनाई ने उन्हें कही का नही रखा। कल तक जो कानून तोड़ने वालों को सलाखों के पीछे पहुचते थे आज वही हथकड़ियों में जकड़े जुडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिए गए। दरअसल, पहली प्रेमिका की हत्या और शव को गंडक नदी में फेंकने के मामले में फरार चल रहे आरोपी रिटायर्ड डीएसपी उत्तीम सिंह ने आखिरकार पटना सिविल कोर्ट में सरेंडर कर दिया। गिरफ्तारी के डर से गुरुवार को आत्मसमर्पण करने के बाद न्यायालय ने उसे बेउर जेल भेज दिया। पत्रकारनगर थानेदार प्रमोद कुमार ने बताया कि इसी मामले में डीएसपी ने सरेंडर किया है। जेल सूत्रों के अनुसार गुरुवार को उत्तीम सिंह जेल पहुंच गया। उसे आमद वार्ड में रखा गया है। उत्तीम गांधी मैदान, अगमकुआं समेत कई थानों में थानेदार रह चुका है। योगीपुर की रहने वाली मीना की हत्या में डीएसपी का नाम आने के बाद पुलिस उसे पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही थी। कोर्ट में उसने चुपके से सरेंडर कर दिया और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। दरअसल एसएसपी उपेंद्र कुमार शर्मा दो दिनों से इस केस की समीक्षा कर रहे थे। थानेदार को जमकर फटकार लगाई थी कि इस मामले में पुलिस की कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। माना जा रहा है कि एसएसपी की फटकार लगने के बाद ही पत्रकारनगर थाना पुलिस ने उसे सरेंडर करने पर मजबूर किया। हालांकि पुलिस चाहती तो उसकी गिरफ्तारी हो सकती थी। एसएसपी ने बताया कि रिमांड पर लेकर उत्तीम से पूछताछ की जाएगी।

पहली प्रेमिका के क़त्ल में शामिल दूसरी प्रेमिका

इस मामले में पुलिस उत्तीम की दूसरी प्रेमिका और उसके पति रामाकांत को गिरफ्तार कर एक करीब एक सप्ताह पहले जेल भेज चुकी है। इन्हीं दोनों ने पुलिस को बताया था कि शादी का झांसा देकर उत्तीम ने 4 दिसंबर 2019 काे मीना को योगीपुर स्थित घर से फुफेरे भाई अखिलेश सिंह के घर में बुलाया। उसके बाद 5 दिसंबर को वैशाली के सिंदवारी गांव स्थित अखिलेश के घर के पास बांसवारी में मीना को ले जाया गया। फिर उत्तीम व अखिलेश में गमछा से गला दबाकर हत्या कर दी।

अग्रिम जमानत रद्द हो चुकी थी

8 दिसंबर 2019 को पत्रकारनगर थाने में मीना की गुमशुदगी का सनहा दर्ज होने गिरफ्तार दंपती के बयान पर उत्तीम पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई थी। 13 जनवरी को उसने अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में आवेदन दिया। 29 जनवरी को हुई सुनवाई में अग्रिम जमानत रद्द कर दी गई। सूत्रों के अनुसार तीन-चार दिन पहले उत्तीम पटना आया था। उसके पास चेन्नई का मोबाइल नंबर था। इसी नंबर से वह अपने लोगों के संपर्क में था। हाईकोर्ट से जमानत लेने के लिए बड़े वकील से मुलाकात भी की थी।

शव बरामद करना चुनौती

मीना का शव बरामद करना पुलिस के लिए चुनौती है। या फिर पुलिस को यह ठोस साक्ष्य देना होगा कि मीना की हत्या हो गई। ऐसा नहीं होने पर आरोपी को लाभ मिल सकता है। इस मामले में पुलिस की अगली चुनौती उत्तीम के फुफेरे भाई अखिलेश की गिरफ्तारी है।

Comments are closed.