BiG News -2008 में गैलेंट्री अवार्ड और 2020 में एक लाख घुस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुए पूर्व DySp कर्मलाल

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  • अपने दौर में पटना के बेहद चर्चित थानेदारों में रहे शुमार
  • कंकड़बाग और कदमकुआं के थानेदार के तौर पर पटना में खेली लंबी पारी
  • 2008 में गैलेंट्री अवार्ड मिला, डीएसपी के तौर पर हुए रिटायर्ड
  • रिटायमेंट के बाद पुलिस भवन निर्माण निगम में कार्यरत थे।           

पटना Live डेस्क। सूबे में घूसखोरी,भत्ताखोरी और रिश्वत लेना अपना अधिकार मान चुके सरकारी बाबुओ के खिलाफ जारी स्टेट विजीलेंस का दस्ता लगातार अभियान चला रहा है। इसी क्रम में निगरानी दस्ते द्वारा पटना से पुलिस भवन निर्माण निगम लिमिटेड के सहायक सचिव को 1 लाख रुपया घूस लेते गिरफ्तार किया गया है। हिरासत में लेने के बाद डीएसपी कर्मलाल को निगरानी विभाग की टीम ने पुलिस भवन निगम के कार्यालय में नजरबंद करके रखा। पूछताछ के बाद डीएसपी को गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के अनुसार, डीएसपी कर्मलाल फिलहाल अवर सचिव के पद पर तैनात हैं। उनकी पोस्टिंग बिहार पुलिस भवन निर्माण में है। बताया जाता है कि काम के लिए वे एक लाख रुपये घूस में ले रहे थे। तभी जाल बिछाए निगरानी की टीम ने डीएसपी कर्मलाल को गिरफ्तार कर लिया। उनकी गिरफ्तारी शास्त्रीनगर कार्यालय से हुई है। वर्त्तमान में बिहार पुलिस के डीएसपी के तौर पर रिटायर्ड कर्मलाल अनुबंध पर पुलिस भवन निर्माण निगम के सहायक सचिव के पद पर तैनात थे। कर्मलाल कि गिरफ्तारी के बाद निगरानी के टीम उनके कंकड़बाग स्थित आवास पर भी छापेमारी की। 

निगरानी को  गणेश कुमार ने  शिकायत की थी कि गया और सारण जिले में राजकीय पॉलिटेक्निक में पोर्टेबल केबिन के निर्माण के टेंडर के लिए कमीशन की मांग की जा रही है।  दोनों जगहों पर टेंडर तीन करोड़ 70 लाख का था जिसका तीन प्रतिशत की मांग की गयी थी।
गणेश कुमार एक बार में इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थ था।जिसके बाद तत्काल उसे एक लाख रिश्वत तथा बाकी की राशि एग्रीमेंट होने तक देने के लिए कहा गया था।शिकायत के बाद निगरानी ने दस्ते का गठन कर बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के दफ्तर से अरेस्ट किया है। आरोपी कर्मलाल के कंकड़बाग स्थित मकान की भी तलाशी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार कुछ समय पहले अधिकारियों की कमी को देखते हुए बिहार सरकार ने सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों को कॉन्ट्रेक्ट के आधार पर बहाल किया था। कर्मलाल भी उसी योजना के तहत पुलिस निर्माण निगम में सहायक सचिव के तौर पर बहाल हुआ था।

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