BiG News – उपेन्द्र कुशवाहा सियासी जीवन के सबसे बड़े चक्रव्यूह में उलझे, टिकट बेचने के गंभीर आरोप हुए चस्पा ,बेहद करीबी रहे प्रदीप मिश्रा का आरोप “मय सुबूत” से घिरे

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#दिल्ली स्थित SBI खाता नंबर (31286341829) उपेन्द्र कुशवाहा के नाम

#6 मार्च को 15 मिनट के अंदर RTGS के जरिये 50लाख एक अन्य बैंक के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए

# वर्त्तमान में इस खाते में है 9,95,625 रुपये मौजूद है।

पटना Live डेस्क। देश मे लोकतंत्र के महापर्व यानी लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही पूरा मुल्क सियासी बसंत के झोंके महसूस करने लगा है। दरअसल देश के तमाम सियासी दलों पर पैसे लेकर लोकसभा या विधानसभा चुनाव मे दल की उम्मीदवारी देने के गम्भीर आरोप बार बार और लगातार चस्पा किए गए है। इसी तरह के एक मय सुबूत के जद में आये रालोसपा सुप्रीमो उपेन्द्र कुशवाहा अपने सियासी जीवन के सबसे बड़े बवंडर में उलझ गए है। आरोप लगाने वाले ने मीडिया के सामने मय सुबूत इस बात का खुलासा किया है।

दरअसल, आरोप लगाने वालों में रालोसपा के पूर्व नेता नागमणि और पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के विश्वासपात्र रहे प्रदीप मिश्रा शामिल है। कुशवाहा पर मंगलवार को उन पर टिकट देने के एवज में राशि लेने का आरोप लगाते हुए इसकी सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग की है । नागमणि के साथ प्रदीप ने पटना में पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रदीप मिश्रा ने आरोप लगाया कि मोतिहारी सीट से चुनाव लड़ने के लिए हमने कुशवाहा को 90 लाख रुपये दिए थे, लेकिन उन्होंने मुझसे 15 करोड़ रुपये की मांग की थी। रालोसपा के महासचिव पद से रालोसपा के महासचिव पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रदीप मिश्रा ने रालोसपा सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा पर मय सुबूत रुपये लेकर टिकट बेचने के न केवल बेहद गंभीर आरोप चस्पा किये है।साथ ही बाकयदा प्रेस कांफ्रेस कर तमाम सुबूत सार्वजनिक किया है।                  

पटना में मंगलवार को रालोसपा के पूर्व नेता प्रदीप ने दावा किया कि उन्होंने मोतिहारी सीट के लिए उपेन्द्र कुशवाहा को 45-45 लाख के रूप में दो बार में 90 लाख रुपये दिए हैं। मंगलवार को पूर्व रालोसपा नेता व पूर्व केन्द्रीय मंत्री नागमणि के साथ एक संयुक्त प्रेस काफ्रेंस मे प्रदीप मिश्रा ने यह आरोप लगाया कि उपेन्द्र कुशवाहा ने उनसे पंद्रह करोड़ की मांग की थी पर वह इतने रुपये देने में सक्षम नहीं हुए तो उन्होंने 9 करोड़ लेकर यह सीट रालोसपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद माधव को दे दी।


गौरतलब है कि प्रदीप मिश्रा ने दिल्ली स्थित एसबीआई के एक ब्रांच का सेविंग खाता नंबर 31286341829 दिया है। बक़ौल प्रदीप खाते में उन्होंने दो बार में 90 लाख रुपये डाले। पटना Live जब उक्त खाता संख्या का पता लगाया तो पता चला कि प्रदीप मिश्रा के आरोप में दम है। दरअसल, देश की राजधानी नयी दिल्ली के कंम्पलीमेंट्री हाऊस ब्रांच स्थित यह खाता पूर्व केन्द्रीय मंत्री और रालोसपा प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा के नाम से है।

इस खाते बीते 12 दिसम्बर 2018 को 45 लाख रुपये डाले गए। इसके बाद 19 जनवरी को इस खाते में 8 लाख रुपये डाले गए। बीते 6 मार्च को इस खाते से 50 लाख रुपये निकाल लिए गए। ये पैसा एक अन्य बैंक के खाते में महज 15 मिनट के अंदर आरटीजीएस के माध्यम से 50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। वही अब मंगलवार को दोपहर बाद तक इस खाते में 9 लाख 95 हजार 625 रुपये बैलेंस बता रहे थे। इस गंभीर मामले पर जब उपेन्द्र कुशवाहा से उनका पक्ष जानना चाहा पर काफी प्रयास के बाद भी उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो सका।

वही, मंगलवार को पूर्व केन्द्रीय मंत्री नागमणि ने भी रालोसपा छोड़कर जदयू ज्वाइन करने का ऐलान कर दिया। बहरहाल अब जबकि लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है ऐसे में रालोसपा प्रमुख पर लगा यह बड़ा आरोप उपेन्द्र कुशवाहा को कटघरे में खड़ा कर रहा है।

 जवाब उपेन्द्र कुशवाहा को देना होगा

अब सवाल है कि आखिर उपेन्द्र कुशवाहा के पर्सनल खाते में इतने रुपये कहां से आए ? उनके खाते से 50 लाख रुपया किसे आरटीजीएस किया गया? इसकी सफाई तो उपेन्द्र कुशवाहा को देनी ही पड़ेगी। वह यह भी नहीं कह सकते कि वो पैसा उनकी पार्टी फंड का है क्योंकि इतने सारे रुपये उनके पर्सनल एकाउंट में जमा था। यानी अब अपने ही करीबी रहे नेता के सवालों से उपेन्द्र कुशवाहा की सियासत पर प्रश्न चिन्ह लग गया है।

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