बेधड़क ...बेलाग....बेबाक

अररिया से राजद सांसद तस्लीमुद्दीन का चेन्नई में निधन,चाहने वालों में शोक की लहर,लालू प्रसाद और नीतीश कुमार ने जताया शोक

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पटना Live डेस्क. अररिया से राजद सांसद तस्लीमुद्दीन का चेन्नई में निधन हो गया…तस्लीमुद्दीन लंबे समय से बीमार चल रहे थे….और पिछले एक महीने से उनका इलाज चेन्नई के अपोलो अस्पताल में चल रहा था..उनके निधन की खबर सुनने के बाद उनके चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई…

सांसद तसलीमुद्दीन के निधन पर राजद अध्‍यक्ष लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्‍वी यादव, तेजप्रताप यादव सहित तमाम पार्टियों के नेताओं ने शोक जताया है… राजद नेता भाई वीरेंद्र ने कहा कि उनकी मौत से पार्टी को अपूर्णिय क्षति हुई है.. सीमांचल में उनकी काफी पकड़ थी.. तस्‍लीमुद्दीन अररिया के सांसद के रूप चुने गए थे.. इससे पूर्व व किशनगंज से तीन बार, पूर्णिया से भी एक बार सांसद रह चुके थे.. जबकि अररिया के कई विधान सभा क्षेत्र से आधा दर्जन बार विधायक रह चुके थे… तस्लीमुद्दीन एक बार केंद्र सरकार में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री भी थे.. बिहार सरकार में वह कई बार मंत्री रह चुके थे…5 बार के सांसद तस्लीमुद्दीन बिहार में लालू सरकार के दौरान भी मंत्री रहे हैं. उनके बेटे सरफराज अहमद फिलहाल आरजेडी के विधायक हैं.

बिहार के सीमांचल इलाके में तस्लीमुद्दीन की खासी पकड़ थी और उनके समर्थक और भक्त उन्हें सीमांचल का गांधी भी पुकारते थे.

राजद सांसद तसलीमुद्दीन अपने बेबाक बयानों के लिए भी जाने जाते थे.. महागठबंधन में एक साथ रहते हुए तस्लीमुद्दीन ने कहा था कि नीतीश कुमार और मोदी का डीएनए एक ही है.. ये गठबंधन ज्यादा दिन चलने वाला नहीं है.. नीतीश कुमार कभी किसी के प्रति वफादार नहीं रहे… तस्लीमुद्दीन ने कहा था कि राजद सुप्रीमो लालू यादव का एक बेटा फालतू है और जो अच्छा लड़का है, उसको सुशील मोदी ने फंसा दिया…

नीतीश कुमार के महागठबंधन छोड़कर चले जाने और फिर से भाजपा के साथ गठबंधन कर नयी सरकार बनाने पर कटाक्ष करते हुए तस्‍लीमुद्दीन ने कहा था कि धोखा देना नीतीश कुमार की पुरानी आदत है..

कौन थे तस्लीमुद्दीन?

तस्लीमुद्दीन की सबसे बड़ी बात ये है कि उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत सरपंच से की और गृह राज्य मंत्री जैसे अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी निभाई. 1959 में सरपंच बने, 1964 में मुखिया बने. 1969-89, 1995-96 and 2002-2004 के बीच आच बार विधायक चुने गए.

1989 में पहली बार सांसद चुने गए. जुन-जुलाई 1996 में करीब एक महीने तक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री रहे. 2000-2004 के बीच राबड़ी देवी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे.

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