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Super Exclusive-देखिए महमदपुर नरसंहार को अंजाम देने वाले CRPF के रिटायर्ड कर्मी के बेटो से जो कहलाते है Ravan Brothers,रावण उर्फ नवीन झा को पहली बार

CRPF से रिटायर्ड पिता के बेटे प्रवीण झा और नवीन झा का सच और महमदपुर नरसंहार का असली सच

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पटना Live डेस्क। होली के दिन रंगों की जगह “खून की होली” खेलकर सूबे की सुशासन सरकार की चूले हिला कर रख दी गई। एक ही परिवार के 5 लोगो जिनमे 3 सगे भाई, BSF के एसआई और एक महंत की नृशसतापूर्वक सरेआम आम हत्या कर दी गई। इस नरंसहार को मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाना अंतर्गत पड़ने वाले महमदपुर में अंजाम दिया गया। अपराधियों के समूह ने कुल 6 लोगो को अपना निशाना बनाया था। 5 की मौत हो चुकी है वही गंभीर रूप से जख्मी मनोज सिंह पटना के एक बड़े निजी अस्पताल के ICU में अब भी जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहा है। इस विभत्स काण्ड को अंजाम देने का आरोप लगा खुद को रावण कहने वाले प्रवीण झा “त्योथ” उर्फ रावण पर और उसकी रावण सेना पर।

पूरा देश रंगों में सराबोर था। लेकिन 29 मार्च 2021 को मधुबनी के महमदपुर गांव में खून की होली खेले जाने की तैयारी थी। रायफल-बंदूकों से लैस हत्यारों की टोली का इरादा बेहद खौफनाक था। महमदपुर गांव के पूर्व बीएसफ कर्मी सुरेंद्र सिंह का पूरा परिवार हमलावरों के निशाने पर था।

एक ही परिवार के 4 लोगों समेत 5 की हत्या

29 मार्च को महमदपुर गांव में रहने वाले पूर्व सैनिक सुरेंद्र सिंह का परिवार भी होली खेल रहा था। तभी अचानक से गांव में ही उन्हें हथियारबंद लोगों ने घेर लिया और उनके परिवार पर फायरिंग शुरू कर दी।

मधुबनी में बेनीपट्टी अनुमंडल के महमदपुर गांव में होली के दिन फायरिंग कर 5 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस मामले में कांड के तुरंन्त बाद 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है लेकिन अब ये हत्याकांड सियासी रंग ले चुका है।

इस अंधाधुंध फायरिंग के दौरान कई राउंड गोलियां सीधे शिकारों पर दागी गईं। मौके पर ही पूर्व सैनिक के 2 बेटों की मौत हो गई। सुरेंद्र सिंह के एक भतीजे जो बीएसएफ के जवान थे, वो भी होली की छुट्टी में गांव आए हुए थे, गोलियां उन्हें भी लगीं। इसके अलावा पीड़ित पक्ष के पड़ोसी महंत के बेटे को भी गोली लगी। 2 लोगों की हत्या से लोगों के बीच हड़कंप मच गया।

महमदपुर गांव से कुल 6 लोगों को लेकर लोग आनन-फानन में अस्पताल पहुंचे। बाद में 2 लोगों के अलावा सुरेंद्र सिंह के एक और बेटे, फौजी भतीजे और महंत के बेटे ने भी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि एक घायल अभी भी जिंदगी की जंग लड़ रहा है।

हत्याकांड की वजह
बिहार में इस हत्याकांड के बाद सियासत भी शुरू हो गई। यहां तक कहा जा रहा है कि जातीय रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया गया। लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक मामला कुछ और है। इसमें पुलिस की कथित लापरवाही भी शामिल है।

बताया जाता है कि पूर्व सैनिक सुरेंद्र सिंह के बेटे मछली का कारोबार करते थे। कई जगहों पर उन्होंने तालाब भी ले रखे थे। इसी कारोबार से उनकी ये रंजिश इलाके के ही एक शख्स प्रवीण झा और उसके साथियों के साथ शुरू हुई। मछली के कारोबार में लगातार दोनों पक्षों में तनाव बढ़ता जा रहा था।

इसी बीच पिछले साल छठ के दौरान सुरेंद्र सिंह के सबसे बड़े बेटे पर दूसरे पक्ष के लोगों ने एक एससीएसटी केस दर्ज कराया। इसे बाद में डीएसपी ने ट्रू भी कर दिया। घरवालों का आरोप है कि ये झूठा केस था। लेकिन पुलिस की लापरवाही से घर का बड़ा बेटा जेल चला गया। वो अभी भी जेल में ही है। कहा जा रहा है कि इस पूरे कांड की जड़ करीब दो साल से चला आ रहा मछली कारोबार का ही विवाद है। बताया जा रहा है कि होली की सुबह भी आरोपी प्रवीण झा और सुरेंद्र सिंह के बेटे आमने-सामने हुए थे, इसके बाद आरोपी प्रवीण वहां से निकल गया और फिर हथियारबंद लोगों के साथ वापस लौटा और अंधाधुंध फायरिंग की गई।

कब कब क्या हुआ अब तक

इस मामले में बेनीपट्टी थाना प्रभारी महेंद्र सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। इस केस में पुलिस ने चश्मदीदों के बयान के आधार पर 35 लोगों पर नामजद एफआईआर दर्ज की है। वहीं एक दर्जन से ज्यादा अज्ञात को भी आरोपी बनाया गया है। जिले के एसपी डॉ. सत्य प्रकाश ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बेनीपट्टी एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी गठित की है। इस केस में अब तक 18 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

जाति नहीं बल्कि वर्चस्व का मामला

इधर दरभंगा रेंज के आईजी अजिताभ कुमार ने शुक्रवार की शाम बेनीपट्टी थाना के महमदपुर गांव पहुंचकर 29 मार्च को हुई हत्याकांड की जांच की। आईजी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर भी बात की।

बेनीपट्टी थाने में आईजी ने कहा कि यह कांड दो जाति का मामला नहीं, बल्कि दो गुटो के आपसी रंजिश का है। पुलिस के पास जो सबूत हैं, उसके आधार पर पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है। दावा किया गया है कि कांड के मुख्य आरोपी जल्द ही गिरफ्तार होंगे। आईटी सेल का पूरा सहयोग आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए लिया जा रहा है।

महमदपुर में मातमी सन्नाटा
इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद महमदपुर गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। गलियां सुनसान पड़ी हैं और ग्रामीण कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। हत्याकांड के बाद से यहां के लोगों में सबसे ज्यादा आक्रोश पुलिस पर ही है। घरवालों का साफ आरोप है कि अगर पुलिस ने परिवार के बड़े बेटे पर दायर एसएसीएसटी केस की सही से पड़ताल की होती तो शायद उस वक्त आरोपियों का मन इतना नहीं बढ़ता। इधर घटनास्थल से 4 बाइक, मोबाइल, 8 खोखे और 2 लोहे की रॉड बरामद हुआ है। पुलिस की स्पेशल टीम इन्हीं सुरागों के जरिए फरार आरोपियों तक पहुंचने की कोशिशों में जुटी है।

और गिरफ्त में रावण भोला समेत 5

क्रमशः – खूंरेजी की कहानी और CRPF से रिटायर्ड पिता, प्रवीण झा का पटना कनेक्शन 

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