बेधड़क ...बेलाग....बेबाक

BiG News – दुष्कर्म के बाद नाबालिग हुई गर्भवती, थाना में आवेदन देने के 7 दिन बाद भी दर्ज नही हुआ मामला

16

- Advertisement -

पटना Live डेस्क। बिहार की सुशासन सरकार दावा करती है कि सूबे में महिलाओं,बहु और बेटियों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। लेकिन हकीकत ठीक इस के उलट है। हालात ये है कि दुष्कर्म पीड़िता और उसका पिता लगातार थाने का चक्कर काट रहे है पर उनकी सुनने वाला कोई नही है। यह मामला है औरंगाबाद जिले के गोह थाना क्षेत्र का जहाँ एक नाबालिग छात्रा को पहले तो गाँव के ही एक युवक ने अपनी हवस का शिकार बनाया और जब वो गर्भवती हो गई तो हत्या की धमकी देने लगा। लेकिन पिता को जब बिटिया के दुष्कर्म के बाद गर्भवती होने का पता चला तो वो अपनी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म का मामला को लेकर गोह पुलिस के समक्ष पहुँचा ,लेकिन 7 दिनों के बाद भी केश दर्ज नही हो सका।

जानकारी के मुताबिक एक नाबालिग अपने घर मे अकेली रहती थी।इसी का फायदा उठाकर थानाक्षेत्र के भवानीपुर गांव के मोहन यादव के 21 वर्षीय पुत्र दुर्गा कुमार उसके घर मे घुस कर जबरन दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने हमे और मेरे पिता को हत्या का भय दिखाकर किसी को इस बारे में जानकारी नहीं देने की धमकी देते हुए कहा कि अगर किसी से बताया तो उसे परिवार सहित जान से मार दूंगा। नाबालिग ने डर से घटना की जानकारी किसी को नही दिया।इस दौरान लगातार दरिंदे ने नाबालिग के साथ अपना मुंह काला करता रहा।

जब नाबालिग छ के पेट दर्द होने की शिकायत लगातार आई तो पीड़िता ने एक निजी महिला चिकित्सक के पास चेकअप कराई तो चिकित्सक ने नावालिग पीड़िता छात्रा को गर्भवती होने की बात कही।नाबालिग का पिता जब मजदूरी कर घर आया तो नाबालिग ने डरी सहमी पूरी घटना की आपबीती बताई। जिस पर पिता ने पीड़िता के साथ थाना में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई ,लेकिन कई दिनों तक मामला दर्ज नही हो सका।

- Advertisement -

जब थाना में केश दर्ज नही होने के बाद पीड़िता के पिता ने गोह पंचायत के सरपंच मनोरमा देवी की पास पहुचे तो पीड़िता के साथ सरपंच ने 7 नवम्बर को प्राथमिकी दर्ज कराने को लेकर थाना पहुँचे।सरपंच का आरोप है कि जब भी पंचायत में कोई घटना होती है।और मैं थाना में न्याय को लेकर पहुँचती हूं ।तो थानाध्यक्ष वेंकटेश्वर ओझा मेरी बातों को अनसुना कर देते है।इस बार भी पीड़िता के साथ थाना में गया,लेकिन थानाध्यक्ष ने प्राथमिकी दर्ज नही किया।

इस सबंध में जब थानाध्यक्ष गोह वेंकटेश्वर ओझा से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि मुझे इस घटना की जानकारी नही मिली है।जानकारी के बाद केस दर्ज कर करवाई की जायेगी।उल्लेखनीय है कि पीड़ित नाबालिग की मां की 6 वर्ष पूर्व में ही मौत हो चुकी है। जिसके कारण नाबलिग ने अपने घर मे अकेली रहती थी और पिता गोह में मजदूरी करता था।

- Advertisement -

Comments are closed.