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BiG News-ह्यूमन राइट कौंसिल ऑफ इंडिया के यूथ प्रेसिडेंट बिहार नियुक्त किये गए राजीव रंजन

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पटना Live डेस्क। है। भारत का संविधान मौलिक अधिकार प्रदान करता है, जिसमें धर्म की स्वतंत्रता भी निहित है। संविधान की धाराओं में बोलने की आजादी व स्वतन्त्रता के साथ-साथ कार्यपालिका और न्यायपालिका का विभाजन तथा देश के अन्दर एवं बाहर आने-जाने की भी आजादी प्रदान की गई है। वही पूरी दुनिया में कई ऐसे अधिकार हैं जो जरूरी तौर पर विश्व के नागरिकों को मिलना चाहिए मगर अभी भी कई जरूरी मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता रहता है। विशेषकर पुलिस द्वारा अमूमन मानव अधिकारों के हनन की तमाम हरकतें होती है जो समय समय पर समाचारों की सुर्खियां बनती है।वही, मानवाधिकार के क्षेत्र में भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और संयुक्त राष्ट्र संघ ने कई विशेष व प्रभावशाली कानून बना रखें हैं। जिनका इस्तेमाल मानव अधिकारों की रक्षा करने के लिए होता है।

ऐसे में कई ऐसे सरकारी गैर सरकारी संगठन हैं जो मानव अधिकारों (Human Rights) की रक्षा करने के लिए काम करते हैं।।जिनको भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने न केवल सर्टिफाइड(Certified) किया हुआ है बल्कि संविधान प्रदत्त अधिकारों को अक्षुण्ण बनाये रखने में महती भूमिका निभाने में सहयोग करने और पहरुआ बनने का तय मानक वाले अधिकार दे रखा है।ऐसा ही एक देश व्यापी बेहद सक्रिय संगठन है Human Right Council of India जो न केवल राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा बल्कि सेंट्रल विजीलेंस कमीशन द्वारा भी सर्टिफाइड है। इस संगठन का मूल उद्देश्य इन शब्दों में निहित है Your Right Your Protection.

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भारतीय संविधान प्रदत्त अधिकारों की सुरक्षा और उसके हनन के विरुद्ध बेहद मुखर और सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर सदैव बेहद सक्रिय भूमिका का निर्वहन करने वाले युवा चेहरे राजीव रंजन जो मूल रूप से बिहार के गोपालगंज जिले के गाँव-गुलौरा, पोस्ट- करवतही बाज़ार, थाना-गोपालपुर निवासी है को संगठन द्वारा बिहार चैप्टर के यूथ प्रेसिडेंट के तौर पर नियुक्त किया है।

यूथ प्रेसिडेंट बिहार (युवा अध्यक्ष, बिहार) नियुक्त किये गए राजीव रंजन के बाबत बताया जाता है कि बेहद व्यवहार कुशल  राजीव बेहद सुलझे हुए और सामजिक प्रवृति के है।आपदा-विपदा, बाढ-सुखाड़, आंधी-पानी,हर्ष-उल्लास एवमं सामाजिक कार्यक्रमो में यथा शक्ति तन मन धन से आवाम की ख़िदमत में हमेशा न केवल मुतमईन रहते है बल्कि सैदव तत्पर रहते है। राजीव को मिली इस जिम्मेदारी से उनको जानने वालों में और चाहने वालो में उत्साह का संचार हुआ है। वही, समाज के विभिन्न वर्गों में इस बात की उम्मीद जगी है कि अब जबरिया भारतीय नागरिक के तौर पर संविधान प्रदत उनके मौलिक अधिकारों की अवहेलना या हनन नही संभव न हो पाएगा।

 

 

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