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ज़ज़्बे को सलाम – राष्ट्रपति का काफिला रोककर जाम में फंसी एम्बुलेंस को दिया ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर ने रास्ता

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पटना Live डेस्क। मुल्क में ट्रैफिक जाम,रेड लाइट या किसी मुश्किल हालात में एम्बुलेंस को ट्रैफिक नियमों से छूट मिलती है। लेकिन क्या आप सोच सकते है कि भारत के राष्ट्रपति का काफिले को अचानक एक ट्रैफिक एसआइ ने एम्बुलेंस खातिर रोक देगा नही न ? लेकिन ऐसा हुआ है।यह घटनाकर्नाटक के बंगलुरु शहर में घटित हुई। घटना शनिवार को बेंगलुरु के ट्रिनिटी सर्किल पर हुई। अचानक राष्ट्रपति का काफिला रोके जाने से खलबली मच गई। सुरक्षा गारद हैरान और बंगलुरु पुलिस के होश उड़ गए। वीआईपी मूवमेंट के चलते सभी तरफ से ट्रैफिक रोकने का ऑर्डर था। लेकिन इस दौरान वहां तैनात एसआई निजलिंगप्पा ने देखा कि एक एम्बुलेंस गाड़ियों के बीच फंसी हुई है। इसके बाद एसआई ने सूझबूझ से कुछ ऐसा फैसला लिया,लोगों के साथ उनके ही डिपार्टमेंट के अफसर भी जिसकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। अब बेंगलुरु पुलिस उन्हें सम्मानित करेगी।

ट्रैफिक एसआई निजलिंगप्पा को लगा कि भले ही वीआईपी मूवमेंट है,लेकिन एम्बुलेंस को रास्ता दिया जाना चाहिए। उन्होंने आगे आकर दूसरी तरफ से आ रहे प्रेसिडेंट के काफिले को रोक दिया और मरीज को ले जा रही एम्बुलेंस को रास्ता दिया। ट्रैफिक पुलिस के डिप्टी कमिश्नर अभय गोयल ने ट्वीट कर ड्यूटी के लिए एसआई के डिवोटेशन की तारीफ की। उन्होंने लिखा- ”ट्रैफिक पुलिस ने देश के प्रथम नागरिक को रोका और एम्बुलेंस को रास्ता दिया। क्या आप देंगे?” बेंगलुरु के कमिश्नर प्रवीण सूद ने एसआई को सम्मानित करने की बात कही है। बता दें कि प्रणब मुखर्जी 17 जून को बेंगलुरु में मेट्रो की ग्रीन लाइन का इनॉगरेशन करने लिए पहुंचे थे। इसके बाद प्रेसिडेंट राजभवन गए थे।
ट्रैफिक पुलिस की इस दरियादिली को देखकर राष्ट्रपति ने खुद तारीफ की उन्होंने इनाम की भी घोषणा कर दी है। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने खुद कहा कि भारत में ऐसी इंसानियत पहली बार देखने को मिली है।

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