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राष्ट्रपति चुनाव के लिए हुई वोटिंग,कोविंद की जीत पक्की!

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पटना Live डेस्क. देश के चौदहवें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए वोटिंग खत्म हो चुकी है. नए राष्ट्रपति पद के चुनाव में एनडीए की तरफ से रामनाथ कोविंद जबकि विपक्षी उम्मीदवार के तौर पर मीरा कुमार मैदान में थी. दिल्ली के साथ-साथ देश के अलग-अलग राज्यों में हुए इस चुनाव में रामनाथ कोविंद के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की भी खबरें हैं. त्रिपुरा से तृणमूल के छह विधायकों ने रामनाथ कोविंद के पक्ष में वोटिंग की है जबकि उत्तरप्रदेश में अखिलेश यादव की अपील के बाद भी सपा विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है. साथ ही पंजाब से आप पार्टी के भी कुछ विधायकों के रामनाथ कोविंद के पक्ष में वोटिंग करने की जानकारी मिली है.

इससे पहले दिल्ली स्थित संसद भवन में पीएम नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह,बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी सहित कई बीजेपी नेताओं ने वोट डाला. संसद भवन के अलावा हर राज्य की विधानसभाओं में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान हुआ. संसद के दोनों सदनों में जहां सांसदों की वोटिंग की व्यवस्था की गई, वहीं राज्य विधानसभाओं में वहां के निर्वाचित सदस्य वोट डाले. 20 जुलाई को मतों कि गिनती की जाएगी और उसी दिन परिणाम आ जाएंगे.

कोविंद का पलड़ा भारी

बता दें कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है, जिसके अगले दिन यानी 25 जुलाई को नए राष्ट्रपति पदभार ग्रहण करेंगे. सियासी समीकरणों को देखें तो इस चुनाव में एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद की जीत पक्की मानी जा रही है. राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में शामिल दोनों उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और मीरा कुमार दलित समुदाय से आते हैं और उन्होंने देशभर में घूम-घूम कर विधायकों का समर्थन हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की.

आंकड़ों की बात की जाए तो बिहार के पूर्व राज्यपाल कोविंद की दावेदारी मजबूत नजर आ रही है, क्योंकि उन्हें एनडीए के अलावा जेडीयू और बीजू जनता दल जैसे विपक्षी दलों का भी समर्थन हासिल है. यहां जेडीयू के पास निर्वाचक मंडल का कुल 1.91 फीसदी वोट है, जबकि बीजेडी के पास 2.99 फीसदी वोट है. इसके अलावा तेलंगाना में सत्तारूढ़ टीआरएस के पास 2%, एआईएडीएमके का एक गुट 5.39 % और वाईएसआर कांग्रेस 1.53% ने भी कोविंद के पक्ष में मतदान करने की घोषणा की थी.

बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव में हर सांसद के वोट का वैल्यू 708 है, जबकि विधायकों के वोटों का मूल्य उनके राज्यों की आबादी के अनुसार होगा, जैसे उत्तर प्रदेश के एक विधायक के वोट का वैल्यू 208, जबकि अरुणाचल जैसे कम आबादी वाले राज्य के विधायक के वोट का मूल्य 8 बैठता है. ऐसे में कोविंद को निर्वाचक मंडल के कुल 10,98,903 मतों में से 63 फीसदी से ज्यादा मत मिलने की संभावना है.

 

 

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