BiG News (वीडियो) गैंगरेप पीड़िता पर सितम आरोपियों पर रहम पटना पुलिस ये घिनौना जुर्म न कर,रहने दे अभी थोड़ा सा भरम

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  •  गैंग रेप का आरोपी  थानेदार के सामने मोबाइल पर लागतार बातचीत करता रहा।
  • दोनो आरोपियों ने अपनी सहूलियत से कोर्ट में सरेंडर कर जेल चले गए पुलिस को भनक भी नही लगी
  • पटना पुलिस की लापरवाही या सहूलियत

पटना Live डेस्क। बिहार की राजधानी पटना में बीबीए की छात्रा से गैंगरेप मामले में मुख्य आरोपी विनायक सिंह के कोर्ट में सरेंडर करने के महज 24 घंटे बाद संदीप मुखिया ने भी गुरुवार को सरेंडर कर दिया। अदालत ने संदीप मुखिया को न्यायिक हिरासत में फुलवारी जेल भेज दिया है। सरेंडर की जानकारी मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी फुलवारी जेल पहुंच गए और पूछताछ किया। काण्ड के सभी चारो गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड के लिए पटना पुलिस जल्द कोर्ट में अर्जी देगी। लेकिन इस मामले में पीड़िता के पुलिस अधिकारी के किये गए आपत्तिजनक बयान और थाने के वीडियो ने पटना पुलिस को कटघरे मर खड़ा कर दिया है। जबकि पुलिस का दावा था कि दोनो मुख्य आरोपियों को हर हाल में गिरफ्तार कर लिया जायेगा।

राजधानी के बहुचर्चित बीबीए छात्रा गैंगरेप मामले के प्रकाश में आपने के बाद पटना पुलिस ने तमाम बड़े दावे किए और कहा कि जल्द ही सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। लेकिन पटना गैंगरेप की घटना में पुलिस की लापरवाही खुल कर सामने आई है। एक तरफ इस कांड के दोनो मुख्य आरोपियों अपनी मर्ज़ी से और सहुलियत से कोर्ट में सरेण्डर किया और फुलवारी जेल चले गए। वही दूसरी तरफ रेप कांड में सबसे पहली गिरफ्तारी कुश नामक आरोपी की हुई जिसे पाटलिपुत्र थाने में फोन पर बात करने सुविधा उपलब्ध थी, कुश सिंह पाटलीपुत्र थनाध्यक्ष के कमरे में आराम से मोबाइल पर बात करता रहा था …

तुम्हारा बलात्कार कैसे हुआ ?

दरअसल, सोमवार की शाम बीबीए की स्टूडेंट साथ बोरिंग रोड चौराह के जीबी मॉल गई थी।जहां से उसे पिस्टल की बल पर जबरन विनायक सिंह ने गाड़ी में बैठा लिया और एक फ्लैट में ले जाकर उसके साथ रेप किया.वहीं विनायक के दोस्त संदीप मुखिया ने रेप का वीडियो बनाया और फिर उसे वायरल करने की धमकी देकर उसने भी पीड़िता के साथ रेप किया।विनायक और संदीप के साथ उसके दो दोस्त भी थे। अब ये चारों पुलिस की गिरफ्त में हैं। लेकिन सवाल यह है कि जब पटना पुलिस न्याय दिलाने के बजाय यह पूछती है कि दामिनी फिल्म में क्या हुआ था, तो शक होना लाजिमी है क्या उस गैंगरेप पीड़िता को न्याय मिलेगा ?

इस मामले के एक मुख्य आरोपी विनायक सिंह ने बुधवार को कोर्ट में सरेंडर किया था। दो आरोपी कुश और विकास को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। इस तरह अब सभी चारों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। सोमवार की रात पटना के जीवी मॉल से अगवा कर लकड़ी के साथ एक अपार्टमेंट में गैंगरैप किया गया था। जीवी मॉल में लगे सीसीटीवी में पूरी घटना कैद हो गई थी।

मुख्य आरोपी विनायक सिंह ने पटना सिविल कोर्ट में सरेंडर कर दिया है।जबकि आरोपी के कोर्ट में सरेंडर करने के साथ ही पटना पुलिस के मंसूबे पर पानी फिर गया।पुलिस ने दावा किया था कि वो मुख्‍य आरोपी को हर हाल में गिरफ्तार करेगी। अब सवाल उठ रहा है कि पुलिस का दावा हवा कैसे साबित हो गया और विनायक सिंह को कोर्ट में सरेंडर करने की मोहलत कैसे मिल गई? क्या उसको गिरफ्तार करने के लिए पटना पुलिस ने जरूरत से ज्यादा अपने पर कान्फिडेंस कर लिया या फिर वह पुलिस से ज्यादा तेज निकला।

 

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