अश्विनी चौबे के बयान से बिफरे विपक्षी दल,कहा-मानसिक दिवालियापन के शिकार हैं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री…बर्खास्त करें पीएम..

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पटना Live डेस्क. केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे के एक बयान ने सूबे की राजनीति को गरमा दिया है..कोई उन्हें मानसिक संतुलन खोने की बात कर रहा है तो कोई प्रधानमंत्री को उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर करने की राय दे रहा है…दरअसल शिशु टीकाकरण अभियान इंद्रधनुष की शुरुआत के दौरान बोलते हुए अश्विनी चौबे ने कहा था कि बिहारियों की वजह से दिल्ली एम्स में इतनी भीड़ लगती है…बिहार के लोग छोटी बीमारी होने पर भी एम्स पहुंच जाते हैं जिससे वहां भीड़ बढ़ गई है…अश्विनी चौबे ने कहा कि उन्होंने एम्स के अधिकारियों से कहा है कि ऐसे लोगों को बिना इलाज किए बिहार वापस भेज दें…इसी बात को लेकर राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने अश्विनी चौबे की आलोचना की है..जबकि बिहार की राजनीति में सत्ता में भागीदार जेडीयू ने अश्विनी चौबे को ऐसे बयानों से बचने की सलाह दी है..

अश्विनी चौबे की बयान की आलोचना करते हए राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि अश्विनी चौबे मानसिक दिवालियापन के शिकार हो चुके हैं,इसलिए ऐसे बयान दे रहे हैं..उन्होंने और उनकी पार्टी ने हमेशा ही बिहार और बिहारियों का अपमान किया है… पीएम ने जहां बिहारियों के डीएनए को ही खराब बताया था तो नितिन गडकरी ने भी बिहारियों का अपमान किया था…

वहीं कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि अश्विनी चौबे मानसिक संतुलन खो बैठे हैं.. उन्होंने बिहारियों का अपमान किया है… अश्विनी चौबे अपने दिये बयान को लेकर बिहार की जनता से माफी मांगे नहीं तो पीएम उन्हें तुरंत बर्खास्त करें…

उधर,  राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा कि सत्ता के नशे में मंत्री मदहोश हैं… लोगों का अधिकार है कि वो कहीं भी इलाज करा सकते हैं… मंत्री जी का ये बयान संविधान के खिलाफ हैं और उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर निकाल देना चाहिए…

इसपर प्रतिक्रिया देते हुए जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने अश्विनी चौबे को सलाह दी है कि ऐसी बयानबाजी से बचें… उन्होंने कहा कि दिल्ली एम्स में सबसे ज्यादा डॉक्टर बिहार के हैं, तो बिहार के लोग अगर एम्स में नहीं जाएंगे तो कहां जाएंगे? उन्होंने कहा कि ऐसे बयान से परहेज करना चाहिए…

 

 

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