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BiG News-नीतीश कुमार ने एक बार फिर मद्य निषेध की कमान बेहद कड़क आईएएस के के पाठक के किया हवाले

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पटना Live डेस्क। बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी को पूरी तरह प्रभावशाली व सफल बनाने ख़ातिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर बेहद कड़क आईएएस अधिकारियों में शुमार केके पाठक को अपर मुख्य सचिव के तौर पर कमान सौंपी है। बिहार कैडर के इस आईएएस अधिकारी की छवि एक तेज तर्रार और बेहद कड़क अधिकारी की मानी जाती है।

दरअसल, बिहार में जहरीली शराब का कहर लगातार बरप रहा है। पिछले 20 दिनों में करीब जहरीली शराब से 70 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद बिहार के मुख्यमंत्री सख्त दिख रहे थे। इस बची कल उन्होंने बड़े स्तर की अधिकारी मीटिंग ली। इस बीच मीटिंग के करीब 24 घंटे बाद सीएम नीतीश ने बिहार में मद्य निषेध को सफल बनाने के लिए केके पाठक उत्पाद विभाग का अपर मुख्य सचिव के पद पर नियुक्त किया है।

दरअसल, सुबे में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिस चेहरे पर सबसे पहले भरोसा करते हुए शराबबंदी को सफल बनाने का जिम्मा दिया था अब एक बार फिर उसी चेहरे को बड़ी भूमिका दी गई है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लौंटे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी केके पाठक को राज्य सरकार ने निबंधन उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग का अपर मुख्य सचिव नियुक्त किया है। केके पाठक इसके पहले भी इस विभाग में योगदान दे चुके हैं।

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद साल 2016 में केके पाठक को यह जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन बाद में उन्हें इस पद से हटा दिया गया था। अब एक बार फिर से केके पाठक के कंधे पर बिहार में शराबबंदी को सफल बनाने का जिम्मा होगा।राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, केके पाठक को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस आने के बाद अब अपर मुख्य सचिव निबंधन उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग पटना के पद पर पदस्थापित किया गया है। अब तक इस विभाग का प्रभार चैतन्य प्रसाद के पास था, अब उन्हें अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।

1990 बैच के आईएएस अधिकारी केके पाठक बेहद सख्त मिजाज के माने जाते हैं। बिहार में शराबबंदी लागू करने के बाद नीतीश कुमार ने इन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी थी। तब बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने केके पाठक के ऊपर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिसके बाद केके पाठक ने उन्हें लीगल नोटिस तक भेज दिया था।

थानेदारो के सख्त हिदायत

उल्लेखनीय है कि सूबे में शराबबंदी को लेकर मंगलवार को ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक की थी। इसमें उन्होंने थानाधिकारी को सख्त निर्देश दिये थे कि जिस थाना क्षेत्र में घटनाएं होगी, उस थाना क्षेत्र के थानाधिकारी पर कार्रवाई होगी। इससे पहले भी हाल में चार जिलों में जहरीली शऱाब से हुई करीब 70 लोगों की मौत के बाद संबंधित थाना क्षेत्र के थानाधिकारी को निलंबति किया गया था.

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