बड़ा खुलासा –  ओह ! तो राहुल गांधी फर्जी एकांउट से रिट्वीट करा कर ट्विटर पर मोदी का मुकाबला कर रहे है, अमेरिका की दिग्गज डेटा एनालिटिक्स फर्म का है कमाल

पटना Live डेस्क। वर्ष 2014 में केंद्र की सत्ता गवाने के बाद लंबे मंथन के बाद अब कॉन्ग्रेस भी सोशल मीडिया की ताकत को बखूबी समझने लगी है। यही वजह है कि राहुल गांधी राहुल गांधी के ट्विट आए दिन चर्चा में रहते है।।राहुल गांधी सोशल मीडिया पर फॉलोवर्स के मामले में पीएम नरेंद्र मोदी से काफी पीछे हैं। लेकिन इससे परे पिछले दो महीनों में उनके ट्वीटर फॅालोवर्स की संख्या करीब 10 लाख बढ़ गई है। इस साल जुलाई में ट्विटर पर राहुल गांधी के 24.93 लाख फॉलोवर्स थे जो कि बढ़कर सितंबर में 34 लाख हो चुके हैं।

फर्जी एकांउट से ताबड़तोड़ रिट्वीट हो रहा है।

15 अक्टूबर को राहुल गांधी के ट्विटर हैंडल “ऑफिस ऑफ आरजी”  ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक ट्वीट पर रिट्वीट करते हुए लिखा कि पीएम मोदी को थोड़ी जल्दबाजी करनी चाहिए और राष्ट्रपति ट्रम्प को एक जादू की झप्पी देनी चाहिए क्योंकि ट्रंप का झुकाव पाकिस्तान की ओर बढ़ रहा है। इस ट्वीट को तुरंत ही 20 हजार रिट्वीट मिल गये। अभी तक इस ट्वीट को 30 हजार से ज्यादा बार रिट्वीट किया गया है। गहन छानबीन के बाद यह पाया गया कि जिन हैंडल से राहुल के ट्वीट्स को रिट्वीट किया गया हा उनमें से ज्यातार हैंडल के फॅालोअर्स 1 या 2 है।।इसके अलावा इन ट्विटर हैंडल से कोई ट्वीट भी नहीं किया गया है। और यह सारे ट्विटर हैडलर विदेशी है।राहुल गांधी के ट्वीट को कजाकिस्तान, रुस और इंडोनेशिया में रिट्वीट किया जा रहा है।इन फर्जी हैंडल से ज्यादातर रिट्वीट करने का ही काम करते हैं।

बता दें कि ट्विटर पर राहुल गांधी की बढ़ती सक्रियता के पीछे अमेरिका की दिग्गज डेटा एनालिटिक्स फर्म कैम्ब्रिज एनालिटिका का है। यह वही कंपनी है जिसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को राष्ट्रपति चुनाव जितवाने में अहम योगदान दिया था।।ये कंपनी यूजर बिहेवियर का अध्ययन कर मतदाताओं को लुभाने के लिए मास्टर डिजिटल कैंपन प्लान तैयार करती है।

बॉट्स एपलीकेशन कैसे करता है काम

मीडिया रिर्पोट कि माने तो राहुल के ट्वीट्स के इतने ज्यादा रिट्वीट्स होने के पीछे बॉट्स एपलीकेशन हो सकता है।।बॉट्स दरअसल ऐसे कम्प्यूटर एपलीकेशन या सॉफ्टवेयर हैं जो ऑटोमैटिक ढंग से बताये गये टास्क को पूरा करते हैं।राहुल के ट्वीट्स को रिट्वीट करने में बॉट्स की भूमिका की आशंका इसलिए भी जताई जा रही है क्योंकि उनके कई ट्वीट्स रूस, कजाकिस्तानऔर इंडोनेशिया के लोकेशन से रिट्वीट हुए हैं।