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Nawada News|पुलिसकर्मियों को हाजात में बंद करने का मामला, SP गौरव मंगला पर कसता शिकंजा,गृह विभाग ने 21 दिन के अंदर मांगी रिपोर्ट

घटना सात सितंबर की है जब नवादा के एसपी गौरव मंगला ने पांच पुलिसकर्मियों को हवालात में बंद कर दिया था। तकरीबन 40 मिनट तक रहे 5 पुलिस वाले बंद,वीडियो वायरल होने पर हुआ बवाल, इसी मामले में अब फिर एक्शन शुरू हुआ है।

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पटना Live डेस्क। बिहार के नवादा के पुलिस कप्तान डॉ गौरव मंगला द्वारा कार्य में लापरवाही बरतने वाले टाउन थाना में तैनात पांच पुलिसकर्मियों को हाजत में बंद करने के मामले में नया मोड़ आया है। कुछ समय पहले राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने पत्र लिखकर साफ तौर पर 21 दिनों के अंदर आरोपियों पर कार्रवाई करने की मांग की थी। अब इस मामले में गृह विभाग से पुलिस महानिदेशक को एक पत्र लिखा गया है। पत्र में आयोग द्वारा मामले को संज्ञान में लेने की बात का हवाला देकर अब तक की कार्रवाई की जाँच रिपोर्ट मांगी गई है।

गृह विभाग की ओर से विकास वैभव ने राज्य के डीजीपी के नाम पत्र लिखा है। लेटर में कहा गया है कि मामले में अब तक जो भी जांच हुई है,उससे राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को अवगत कराएं। इसके साथ ही उसकी एक कॉपी गृह विभाग को भी दें।गृह विभाग के सचिव विकास वैभव ने 26 सितंबर को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग द्वारा लिखे गए पत्र का हवाला दिया है जिसमें 21 दिनों के भीतर मामले को लेकर जांच करने और रिपोर्ट देने की बात कही गई थी।

विकास वैभव ने 29 सितंबर को राज्य के डीजीपी को एक लेटर लिखा। लेटर में इस प्रकरण में की गई कार्रवाई के बारे में सीधा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को अवगत कराने की बात कही है साथ ही उसकी एक कॉपी गृह विभाग को भी देने के निर्देश दिए हैं। यानी कि उन्होंने बिहार सरकार से सीधा 21 दिनों में रिपोर्ट तलब करने की बात कही है।

जांच का आदेश देने वाले एडीजी का तबादला 

इस मामले में बिहार पुलिस एसोसिएशन की तरफ से शिकायत उस वक्त के एडीजी कमजोर वर्ग व सीनियर आईपीएस अधिकारी अनिल किशोर यादव से की गई थी। घटना सात सितंबर को घटी थी।वहीं शिकायत के बाद 14 सितंबर को एडीजी यादव ने आदेश जारी कर गया के आईजी को पूरे मामले की जांच करके सात दिनों के अंदर रिपोर्ट देने को कहा था। साथ ही नवादा के ही एससी-एसटी थाने में जाँच के बाद में एफआईआर दर्ज करने का भी आदेश दिया था।इस मामले में अब तक न तो कोई जांच हुई और न ही कोई रिपोर्ट आई लेकिन,मामले की जांच को लेकर आदेश जारी करने वाले एडीजी अनिल किशोर यादव का ही विभाग जरूर बदल दिया गया।

दो एससी-एसटी और एक आदिवासी

हाजात प्रकरण में इस बात का खुलासा हुआ था कि नवादा के टाउन थाना में पोस्टेड पुलिसकर्मियों को चालीस मिनट तक हाजत में बंद किया गया था। इस दौरान नवादा एसपी गौरव मंगला वर्दी में थे। घटना के बाबत सवाल किए जाने पर एसपी ने कहा था कि उनके द्वारा किसी को भी हाजत में बंद नहीं किया गया है। वही पीड़ित पुलिसकर्मियों में से दो एससी-एसटी और एक आदिवासी है।

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