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Banka News – गज़ब! बिना वेतन लिए ढाई वर्षों से पूरी मुस्तैदी से जनता की सुरक्षा व सेवा में जुटे है SDPO बांका

बांका में SDPO डीसी श्रीवास्तव को ढाई वर्षों से वेतन नहीं म‍िला है। वेतन प्रमाण पत्र (एलपीसी) जमा नहीं करने की वजह से रुका हुआ है वेतन, जिले से लेकर मुख्यालय तक अधिकारियों के बीच चर्चा का बना विषय,उठ रहे है तमाम सवाल कैसे निर्वहन कर रहे डीएसपी साब

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पटना Live डेस्क। सूबे में सुशासन है। ये दावा हमारा नही है बल्कि सू0बे की सरकार का था और है। ख़ैर, सुशासन सूबे में कितना कारगर है यह बहस का विषय है। हालात का तफ़सरा अगर करे तो सुशासन का आसान कितना हीला और ढीला हुआ है इस बात से समझा जा सकता है कि मुख्यमंत्री को लम्बे समय से बंद कार्यक्रम जनता दरबार को पुनः शुरू करने की शिद्दत से जरूरत महसूस हुई। जनता दरबार शुरू होते ही बेलगाम खाकी खादी और ब्यूरोक्रेसी के खिलाफ शिकायतों का पिटारा सीएम के आगे खुल गया है। खैर, बात करते है सुशासन के सूरमाओं में से एक SDPO साहब के बाबत जिनकी कर्तव्यपरायणता और मुस्तैदी की बानगी देखिए जनता सेवा में इतने खों गए है कि उन्हें इस बात की भी परवाह नही रही कि जिले में तैनाती के बाद यानी विगत ढाई वर्षों से उन्हें वेतन ही नही मिला है। नही समझे !

ऐसे समझिए,दरअसल वर्ष 2019 में 19 जुलाई को बिहार सरकार ने एक साथ 30 डीएसपी रैंक के अधिकारियों का तबादला किया।उक्त तबादले में पटना में पुलिस उपाधीक्षक विशेष शाखा में तैनात रहे दिनेश चंद्र श्रीवास्तव की प्रखर कार्य कुशलता को देखते हुए बतौर SDPO बांका के तौर पदस्थापित कर किया गया। ये बात अलग है कि सूबे में ट्रांसफर पोस्टिंग कैसे होता है इसकी हकीकत से हर आमो खास वाकिफ़ है।खैर,बांका जिले में योगदान देने के बाद से एसडीपीओ बांका डी सी श्रीवास्तव ने अपने पुलिसिया कर्तव्यों में ऐसे मशरूफ़ हुए की आजतक उनको सरकार से एक फूटी कौड़ी वेतन के तौर पर नही मिली इसका भी उन्हें ख्याल नही रहा। बस सेवा भावना से ओतप्रोत होकर सरकारी सेवा में मुतमइन है।

दरअसल,बांका में तैनात SDPO डीसी श्रीवास्तव को ढाई वर्षों से वेतन नहीं म‍िला है।क्यो? क्योकि
पिछले ढाई वर्षों से अंतिम वेतन प्रमाण पत्र (एलपीसी) नहीं जमा करने के कारण डीएसपी का वेतन भुगतान रुका हुआ है। इस बाबत बांका एसपी ने संबंधित अधिकारी को पत्र लिखकर अविलंब कागजात जमा करने का निर्देश दिया था। लेकिन 2 माह बीतने के बावजूद उक्त अधिकारी ने अब तक कागजात जमा नहीं किए। ऐसे में ये सवाल उठता है कि आखिर ढाई वर्षों से बिना वेतन लिए अधिकारी का स्वयं का और परिवारिक जीवन का निर्वहन कैसे हो रहा है? जबकि मिली जानकारी के अनुसार गोपालगंज जिले के मूल निवासी अधिकारी भरे पूरे परिवार वाले है।

सवाल उठता है आख़िर ढाई वर्षों के दौरान उनके समक्ष कई तरह की आर्थ‍िक समस्याएं भी आई होंगी।लेकिन वेतन के बिना इस समस्या का समाधान उन्होंने कैसे किया यह भी जांच विषय है।वही,पारिवारिक,सामाजिकजिम्मेदारियों का निर्वहन कैसे किया? हर तरह के सवाल उठना लाज़मी है कि जब वेतन नहीं उठाएंगे तो परिवारिक जीवन कैसे चल रहा है?परिवारिक जीवन चल रहा है तो कैसे और किन स्रोतों के माध्यम से चल रहा है? ऐसे तमाम सवाल है जो मुख्यालय से लेकर जिले में तैनात अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय बन गए है।

सनद रहे कि लगभग ढाई वर्ष (जुलाई 2019) पूर्व बांका में SDPO के पद पर डीसी श्रीवास्तव ने योगदान दिया था। योगदान देने के बाद उन्होंने अपना अंतिम वेतन प्रमाण पत्र जमा नहीं किया। परिणाम स्वरूप तब से उनका वेतन बंद है। वे लगभग ढाई वर्षों से बांका जिले में पदास्थापित हैं। सरकारी प्रवधान के अनुसार अब तबादले के तुरंत बाद ही संबंधित कर्म‍ियों को अंतिम वेतन प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया जाता है। लेकिन उक्त अधिकारी को अबतक अंतिम वेतन प्रमाण पत्र क्यों नहीं निर्गत किया गया?

इस मामले में बांका के एसपी अरविंद कुमार गुप्ता ने पूछने पर बताया कि उक्त डीएसपी को उन्होंने दो माह पूर्व स्वयं पत्र लिखकर एलपीसी जमा करने का निर्देश दिया है। वे इस मामले की जांच करवाएंगे कि अबतक उनका एलपीसी आया है या नहीं।

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