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Fact Finding-खत्म होता पटना पुलिस का इक़बाल-5 सितंबर का जख्म भरा भी नही कि 4 दिन में फिर 2 बार हुई पिटाई

पूर्व से ही पैबंद लगा पटना पुलिस का इकबाल मानो अब खत्म होता प्रतीत हो रहा है,बिहटा और दीदारगंज में बावर्दी पुलिसवालो की सरेआम पिटाई तो यही संदेश दे रहा है।

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पटना Live डेस्क। बिहार में कानून-व्यवस्था (Law and order in Bihar) की खराब होती स्थिति को लेकर विपक्ष के तीखे सवालों और हमलो में घिरे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार विगत दिनों में कई बार पुलिस के आला अधिकारियों के साथ मीटिंग कर चुके है। बैठक के दौरान उन्होंने साफ कहा है कि राज्य में अपराध नियंत्रण को लेकर तनिक भी लापरवाही और सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लेकिन सीएम की इस हिदायत का असर कितना इसकी बानगी देखने खातिर आपको किसी सुदूर जिले में जाने की आवश्यकत नही है बल्कि सरकार की नाक के नीचे इसका हश्र दिखाई दे गया है।

सुशासन की सुरक्षित राजधानी दावे के दावे का हश्र ये हुआ कि महज 4 दिनों के अंदर पटना पुलिस की सार्वजनिक पिटाई और उसका वायरल वीडियो सुशासन के दावों की न केवल परखच्चे उड़ा गया साथ ही साथ पटना पुलिस के पूर्व से चिथड़े में तब्दील इक़बाल को पूरी खत्म करता प्रतीत हुआ।

5 सितम्बर,16 दिसबंर और अब 20 दिसम्बर

वही बात अगर करे पटना पुलिस पर हमले की तो अबतक वर्ष 2020 में कुल 9 हमले हुए है। इनमे 6 में धक्कामुक्की और अतिक्रमण हटाने के दौरान हुआ हमला है। लेकिन इस साल की अबतक की सबसे बड़ी वारदात बावर्दी पुलिस वालों के साथ राजधानी पटना के जक्कनपुर थाना अंतर्गत घटित हुआ। उस खूंरेजी भरी वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर इसकदर वायरल हुआ सरकार को विपक्ष को जवाब देना मुश्किल हो गया था।

बाल बाल बची जक्कनपुर में जान

बिहार की राजधानी पटना से 5 सितंबर शनिवार को बड़ा हसनसनीखेज वीडियो सामने आया है। जिसमें कुछ दबंगों द्वारा लाठी, डंडों और लात-घुंसों से पटना में एक एसआई की पिटाई की जा रही है। पीड़ित एसआई दबंगों के कब्जे से मुक्त होने की लगातार गुहार लगा रहा है। पुलिसकर्मी दबंगों के कब्जे से मुक्त होने के लिये छटपटाता हुआ भी नजर आ रहा है।

जिस स्थान पर पुलिस कर्मी की दबंगों द्वारा पिटाई की जा रही है। वहां पर कुछ घर भी नजर आ रहे हैं। लेकिन उस पीटते पुलिस कर्मी को बचाने के लिये दबंगों के खौफ के सामने कोई नहीं आया। वीडियो किसी व्यक्ति द्वारा ऊंचाई से बनाया गया है। जिसमें पिटाई की वारदात को चार-पांच लोग अंजाम देते हुये दिखाई दे रहे हैं। दबगों ने एसआई की पिटाई एक ही जगह पर नहीं की है, बल्कि दबंग उस पुलिस कर्मी को करीब 100 मीटर दूरी तक पिटते हुये ले गये हैं।

बिहटा में 500 रुपये वसूली खातिर हुई धुनाई

इस हमले के जख्म अभी ठीक से भरे भी नही है कि 16 दिसंबर को फिर सुबह सबेरे ही बिहटा में एक परिवार की महिलाओं और पुरुषो ने पुलिसवालो की जमकर सरेआम पिटाई कर दी।उक्त पिटाई का वीडियो भी जमकर वायरल हुआ और पुलिस की भद्द पीट गई।

दरअसल,पटना से सटे बिहटा में आज आक्रोशित भीड़ ने एक पुलिसवाले को जमकर पीट दिया। पुलिसवाले पर घूस न मिलने पर एक ट्रक ड्राइवर का सिर फोड़ने का आरोप है। ये घटना बुधवार 16 सितंबर की है जब बिहटा थाने की पुलिस के एक जवान ने एक ट्रक ड्राइवर दिलीप का सिर इसलिए फोड़ दिया क्योंकि उसने नजराना देने से मना कर दिया था।

इसका पता जब लोगों को चला तो गांववाले बौखला गए। इस बीच ट्रक मालिक के घरवाले भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस के जवान को महिलाओं के सुपुर्द कर दिया। काफी देर तक पुलिसकर्मी की भी पिटाई होती रही। लेकिन इस हंगामे के दौरान पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई।

दीदारगंज में दंबगो ने कूटा-वायरल वीडियो

लेकिन बिहटा कांड के महज चौथे दिन 20 दिसम्बर को साढ़े ग्यारह बजे तो पटना पुलिस की तो इज्जत ही तारतार हो गई। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होते ही पटना पुलिस बगले झांकने को मजबूर हो गई।

दरअसल, राजधानी पटना में बालू माफियाओं की गुंडागर्दी खुलेआम देखने को मिली है। टोलकर्मी ने बिना पैसे दिये हाइवा को जाने रोका तो कार पर सवार होकर गुंडे आये और टोलकर्मी के साथ-साथ पुलिस के जवान की बुरी तरह पिटाई कर दी,जिससे वो जख्मी हो गया।

थाने में लिखित शिकायत दर्ज

वहीं दीदारगंज टोल प्लाजा के मैनेजर संजीव कुमार के अनुसार दीदारगंज पुलिस के दो जवान वेद प्रकाश और नरेंद्र दीदारगंज टोल प्लाजा पर तैनात किए गए थे। इसी दौरान बालू माफिया और ट्रक माफिया ने उनकी बुरी तरह पिटाई की। इस दौरान तकरीबन 10 से 12 लोगों ने मिलकर टोल कर्मचारी और ड्यूटी पर तैनात बिहार पुलिस के जवान की पिटाई कर दी। इस घटना के बाद एनएच प्रबंधन ने थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

इस पूरे घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।बताया जा रहा है कि बालू माफिया से जुड़े लोग अपनी गाड़ियों को बगैर टोल चुकाए पास कराना चाहते थे, जिस पर वहां मौजूद पुलिस के एक जवान ने आपत्ति जताई।जवान के इस रुख से नाराज बालू माफिया के गुंडों ने टोल प्लाजा पर ही पुलिसकर्मी की जमकर पिटाई कर दी।

खत्म होता इक़बाल

उपरोक्त तीनो घटनाए कही न कही पटना पुलिस के रुआब के खत्म होने की न केवल मुनादी करते है बल्कि बाकायदा इस बात का ऐलान करते है की अब नही सुधरे तो शायद अस्तित्व पर संकट हो जाएगा।अपराधियों का तांडव चरम पर है पुलिस उस पर लगाम लगाने में बिल्कुल लाचार व बेबस नज़र आ रही है। तो वही दूसरी तरफ़ सूबे में जारी पूर्ण शराबबन्दी और रिश्वतखोरी ने न चाहते हुए भी पुलिस के दामन को कुछ ज्यादा ही काला कर दिया है। कालिख़ भी इस कदर है लग रही है कि विभाग कई मौकों पर शर्मशार होने को मजबूर हो जाता है।

तभी, तो एक खाकीवाले के शब्द हालात पर पूरी तरह मुफीद साबित होते है कि…..

पुलिस के इक़बाल का तो पहिले ही चीथड़ा उड़ गया था अब तो पेवन साट कर इज्जत ढका जा रहा है।”

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