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BiG News-MLC लिस्ट जारी होते ही भड़के JDU प्रवक्त नीतीश कुमार ने किया अन्याय

लिस्ट जारी होते ही जदयू में ही शुरू हुआ विरोध

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पटना Live डेस्क। बिहार की सुशासन सरकार के मुखिया नीतीश कुमार पर अब जदयू प्रवक्ता ने ही बड़ा आरोप लगा दिया है। दरअसल, बिहार विधान परिषद के लिए राज्यपाल कोटे से मनोनित होने वाले 12 सदस्यों की सूची जारी कर दी गई है। जिसके साथ ही अब इस सूची को लेकर भी सियासी बयानबाजियों का दौरा शुरू हो गया है। विरोध का स्वर विपक्ष से नही बल्कि खुद नीतीश कुमार की पार्टी के एक दिग्गज नेता ने उठाया है। जदयू क प्रवक्ता राजीव रंजन सूची मे अपना या किसी दूसरे कायस्थ जाति से जुड़े लोगों के नाम शामिल नहीं होने को लेकर नाराज जताई है।

जदयू के 6 सदस्यों के मनोनयन

जदयू कोटे से 6 सदस्यों के मनोनयन के बाबत कहा कि मैं मानता हूं कि यह मनोनयन अन्यायपूर्ण है। सीएम द्वारा मनोनयन का अधिकार है। लेकिन इस सूची से मैं आहत हूं। उन्होंने कहा कि कहा कि मैने कभी पार्टी के प्रति निष्ठा, वफादारी, कर्तव्यपरायणता,पार्टी का पक्ष मजबूती से रखना हो, पार्टी का सिर कभी झुकने नहीं दिया। ऐसे में मुझ जैसे नेता को नजरअंदाज किया जाना कहीं से सही नहीं ठहराया जा सकता है। इस फैसले से कायस्थों को लिए जदयू में क्या कुछ बचा है।

उन्होंने कहा कि पिछले लंबे समय से कायस्थ समाज को हाशिए पर रखने की कोशिश की जा रही है, पहले विधानसभा में अनदेखी की गई और अब विधान परिषद में उन्हे दरकिनार किया गया। उन्होंने कहा कि अब मुझे यह महसूस होने लगा है राजनीति में इस जाति को उनका हक नहीं दिया जा रहा है। राजीव रंजन ने कहा जेपी आंदोलन से निकले नेता नहीं चाहते कि कायस्थ जाति को राजनीति में जगह मिले। यह बहुत आहत करनेवाला है। उन्होंने साफ किया इस समाज के लोगों के साथ जिस तरह की राजनीति की जा रही है, वह बेहद ही शर्मनाक है। जारी सूची से बेहद नाराज आ रहे राजीव रंजन ने कहा कि वह इस मामले मे सीएम के समक्ष अपनी बात रखेंगे।

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