सीएम नीतीश के इशारे के बाद भी पीयू को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने के मामले को टाल गए पीएम मोदी…राजद ने साधा पीएम और सीएम पर निशाना…

पटना Live डेस्क. पटना यूनिवर्सिटी के शताब्दी कार्यक्रम के मौके पर केंद्रीय यूनिवर्सिटी का दर्जा नहीं मिलने से राज्य के लोगों को निराश हाथ लगी है. समारोह में स्पीच के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी से अपील भी की लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नजरअंदाज कर दिया.सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्रीजी आप आ गए हैं तो सबकी उम्मीद जगी है… हमलोग संसद में थे तो पटना यूनिवर्सिटी को केंद्रीय विश्वविद्यालय की मांग करते थे… आपकी मदद से पीयू को केंद्रीय यूनिवर्सिटी का दर्जा मिल जाए तो इससे बड़ी बात क्या होगी..
नीतीश ने कहा कि 100 साल पहले इस यूनिवर्सिटी का गठन किया गया था और अगर आज प्रधानमंत्री इसकी घोषणा करते हैं तो उन्हें लोग सालों तक याद रखेंगे. 100 साल पहले अंग्रेजों के जमाने में केंद्रीय लेजिस्लेटिव कॉसिल द्वारा इस यूनिवर्सिटी का गठन किया था और आज 100 साल बाद केंद्र सरकार से काफी उम्मीदें हैं.

उधर, आधे घंटे के संबोधन में पीएम की स्पीच पर कई बार तालियां भी बजी लेकिन पटना यूनिवर्सिटी को केंद्रीय दर्जा के मुद्दे पर उन्होंने कुछ नहीं बोला, हालांकि उन्होंने  पटना यूनिवर्सिटी को केंद्रीय विश्विविद्यालय के दर्जा से आगे की सुविधा देने का भरोसा दिलाया. पीएम मोदी ने कहा कि देश के 10 प्राइवेट और दस पब्लिक यूनिवर्सिटीज को 10 हजार करोड़ रुपये देकर स्वायत्त तरीके से वर्ल्ड क्लास  बनाया जाएगा. पूरे मामले पर पटना कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल नवल किशोर चौधरी ने कहा कि पीएम के भाषण के बिहारवासियों और यूनिवर्सिटी के लोगों को काफी उम्मीदें थी. इस यूनिवर्सिटी का भारत के इतिहास में अहम योगदान रहा है लेकिन पीएम ने केंद्रीय यूनिवर्सिटी का दर्जा नहीं देने के साथ एक भी रुपये की भी घोषणा नहीं की. इससे ज्यादा अच्छा होता कि शताब्दी कार्यक्रम में सीएम और शिक्षा मंत्री को हमलोग बुला लेते तो कुछ राशि मिल जाती. जात गवाए लेकिन भात भी नहीं खाए.. जैसी स्थिति हो गई.
उधर, आरजेडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा कि पीएम ने नीतीश को मुर्ख बनाया है. विश्व स्तर की यूनिवर्सिटी का सपना दिखाकर नीतीश को आइना दिखा दिया है. वहीं, बिहार कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्रीजी ने पटना विवि को केंद्रीय यूनिवर्सिटी की चिरप्रतिक्षित मांग को पूरा नहीं कर बिहारवासियों को निराश किया है.