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BiG News (वीडियो)-बिहार में जिला परिषद अध्यक्ष के जेठ की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, इलाके में तनाव

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पटना Live डेस्क। बिहार में अपराधियों का तांड़व रुकने का नाम नही ले रहा है। बात अगर छपरा जिले की करे  तो जिले में खाकीं का खौफ बिल्कुल खत्म होता सा प्रतीत हो रहा है। इसी क्रम में बेलगाम अपराधियों ने मढ़ौरा में सारण जिलापरिषद अध्यक्षा के भैंसुर को गोली मार कर मौत की नींद सुला दिया गया है।मिली जानकारी के अनुसार मढ़ौरा रेलवे स्टेशन के करीब ही बाइक से आए अज्ञात अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए  शख्स को उस वक्त मार डाला जब मढ़ौरा थाना क्षेत्र के अवांरी गांव से अपने पैतृक घर से अकेले मोटरसाइकिल से निकले थे। अर्जुन सिंह की मौत के बाद शहर में जोरदार विरोध प्रदर्शन जारी है। मिली जानकारी के अनुसार रविवार की सुबह बाइक सवार अपराधियों ने सारण जिला परिषद अध्यक्षा मीणा अरुण के भैंसुर 55 वर्षीय अर्जुन सिंह की गोली मार हत्या कर दी। बताया जा रहा है मृतक अर्जुन सिंह अपने पैतृक गांव अवारी से बाइक से मढ़ौरा जा रहे थे। जैसे ही मढ़ौरा रेलवे स्टेशन के दक्षिणी ढाला को पार किया तो अपराधियों ने पीछा कर गोलियों से भून दिया। स्थानीय लोगों की मदद से स्थानीय रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद अस्पताल और बाहर में लोगों की काफी भीड़ जुटने लगी और बाजार के लोग अपनी दुकानें बंद कर दिया। बाजार में भीड़ से पुलिस निपटने की तैयारी में पुलिस लाइन और आसपास के क्षेत्रों से पुलिस बल  मांगना शुरू कर दिया है। समाचार प्रेषण तक स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।

छपरा में रविवार की सुबह-सुबह गोलियां तड़तड़ाने से सनसनी मच गई। जिले के मढ़ौरा थाना क्षेत्र के रेलवे स्टेशन के समीप जिला परिषद अध्यक्ष मीना अरुण के जेठ अर्जुन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाइक सवार दो अपराधी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। जानकारी होने पर पुलिस छानबीन करने के लिए पहुंच गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वारदात के बाद से मढ़ौरा बाजार की दुकानें बंद कर दी गई हैं। आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर मढ़ौरा-छपरा सड़क मार्ग पर आवागमन बाधित कर दिया है।

अस्पताल में तोड़ा दम

बताया जाता है कि आवारी गांव निवासी तथा जिला परिषद अध्यक्ष के जेठ अर्जुन सिंह अपने घर से मढ़ौरा बाजार बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान आवारी रेलवे क्रॉसिंग के पास पहले से घात लगाकर बैठे बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल अवस्था में आसपास के लोग इलाज के लिए उन्हें लेकर रेफरल अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने अर्जुन को मृत घोषित कर दिया। खबर मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। मढ़ौरा बाजार को लोगों ने दुकानों को बंद करा दिया। आक्रोशित लोग थाने के समक्ष प्रदर्शन करने लगे।

हत्याकांड में जेल में बंद है मृतक का पुत्र

बताते चलें कि 20 अगस्त 2019 को मढ़ौरा में एसआइटी के दारोगा मिथिलेश कुमार साह तथा सिपाही मोहम्मद फारुख हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त सुबोध कुमार सिंह अर्जुन सिंह का पुत्र है। जो अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। दारोगा हत्या के मामले में अर्जुन सिंह के भाई अरुण कुमार सिंह छपरा जेल में बंद हैं। जबकि दो दिन पहले अरुण कुमार सिंह की पत्नी जिला परिषद अध्यक्ष मीना अरुण जमानत पर रिहा हुई है। हत्या की इस घटना को लेकर मढ़ौरा में करीब तीन दशक से जारी वर्चस्व की लड़ाई का हिस्सा माना जा रहा है।

वर्चस्व में जा चुकी है एक दर्जन की जान

मुख्य रूप से यहां राजनीतिक संरक्षण प्राप्त दो मुख्य जाति के अपराधियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई 2000 के दशक से चली आ रही है। इस लड़ाई में अब तक एक दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और इससे जुड़े कई मुकदमें आज भी लंबित है। ऐसा माना जा रहा है कि वर्चस्व की लड़ाई में यह घटना हुई है। फिलहाल पुलिस इस मामले में कुछ भी बताने से इन्कार कर रही है। हत्या के बाद उत्पन्न तनाव तथा आक्रोश को नियंत्रित करने में प्रशिक्षु आइपीएस सह थानाध्यक्ष संदीप सिंह समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी जुटे हुए हैं।

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