BiG News – पटना गांधी मैदान थाने के मुंशी और सिपाही की करतूत का हुआ पर्दाफाश,आईजी मद्यनिषेध के निर्देश पर Dysp टाउन ने दर्ज कराया मुकदमा

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पटना Live डेस्क। जिन कंधों के भरोसे नीतीश कुमार ने सूबे में पूर्ण शराबबंदी के ख्वाब संजोए और लागू करने का संकल्प लिया है वही कंधे शराबबंदी कानून को ही “अकूत कमाई” का जरिया बनाकर मोटी कमाई कर रहे है।यह महज एक आंकलन नही है बल्कि इसकी सच्चाई पर पुनः एक बार मुहर लगी है राजधानी पटना में ही, जहां गांधी मैदान थाने के मुंशी और एक सिपाही पर टाउन डीएसपी सुरेश कुमार ने केस दर्ज कराया है। दरअसल इन दोनों ने शराबबंदी कानून को ही कमाई का जरिया बनाकर शराब के नशे धराये 4 युवको से मोटी रकम उगाही थी। जिसकी गूंज पुलिस मुख्यालय के मद्यनिषेध इकाई तक जा पहुची। आईजी मद्यनिषेध ने तदुपरान्त टाउन डीएसपी को जाँच का निर्देश दिया, जांच में मामले को सही पाए जाने के बाद दोनों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

शराबबंदी के सख्त कानून ही अब खाकी की कमाई का सबसे बड़ा जरिया बन गया है। दरअसल, शराबबंदी कानून के तहत जेल व बेल का खेलकर थानों में खूब नोट वसूली हो रही है।

क्या है मामला

दरअसल, सूबे में लागू पूर्ण शराबबंदी के तहत शराब पीना,रखना और बेचना कानूनी गुनाह की श्रेणी में आता है। पुलिस इस अभियान में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेती है। इसी के तहत गांधी मैदान थाना के क्विक मोबाइल के जवान अविनाश ने थाना क्षेत्र के बंसल टावर के पास सेे 4 युवको को नशे की हालत में पकड़ा और चारो को पुलिस पेट्रोलिंग वाहन से थाने लाकर हाजत में बंद कर दिया।

जेल या बेल का नोटो वाला खेल 

गांधी मैदान थाना के हाजत में बंद युवको से देर रात शुरू हुई वसूली की प्रक्रिया, शराब पी रखें चारो को जेल न जाना पड़े और बेल हो जाए की सुविधा देने की पेशकश के साथ बतौर सुविधाशुल्क एक लाख रुपये की डिमांड की गई। तोड़ पानी शुरू हुई तो पकड़े गए चारो नेे मिलकर 50 हजार रुपया में मोलभाव कर सौदा सेट कर लिया।

पैसा लिया तो जेल नही जाने दिया गया

सौदा तय हुआ तो खेल हो गया। यानी बेईमानी के धन्धे में पूरी ईमानदारी के साथ चारो को जेल नही जाना पड़ा इसकी पूरी व्यवस्था की गई। चारों को मदद पहुचाने ख़ातिर शराबबंदी कानून को ही प्रयोग में लाया गया। सभी पर शराबबंदी कानून की धारा 37 बी के तहत थाने कोर्ट भेजा गया। जहां से बेल मिल गया। इस तरह से चारों को जेल नही आना पड़ा। वही मुंशी और सिपाही ने पचास हजार रूपये कमा लिया। लेकिन भंडफोड़ होने के बाद अब दोनो पर उसी थाने में मामला दर्ज कराया गया है जिसमे उनकी तैनाती है।

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