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Super Exclusive – पटना पुलिस ने धीरेंद्र हत्याकाण्ड का महज 9 घंटे में किया खुलासा,एक अपराधी गिरफ्तार,अन्य 3 ख़ातिर छापेमारी जारी

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  • ज़मीनी विवाद नही लाखो रुपये से जुड़ा है मामला,बेटे को बचाने में गई पिता की जान 
  • घटना के बाद सड़क पर नंगे पांव दौड़ता हुआ शिवम लेकर आया हवाहवाई और ज़मीन पर गिरे पिता को ले गया PMCH
  • ज़मीनी विवाद के इतर है लाखो रुपये की लेनदारी से जुड़ा है खरेजी का यह काण्ड 
  • एक अपराधी को अहले सुबह हिरासत में लिया गया बाकी चिन्हित

पटना Live डेस्क।निर्दोष को सज़ा नही और दोषी छूटना नही चाहिए के मुखर समर्थक पटना एसएसपी उपेन्द्र शर्मा के इस मूल वाक्य का असर पटना पुलिस की पुलिसिंग में स्पष्ट दिखाई देने लगा है। सोमवार की रात लगभग बजकर 45 मिनट पर महवीर लेंन निवासी धीरेंद्र कुमार अकेला को गोलियों से भून दिया गया,परिजनों से बातचीत और मलूमात हासिल करने के बाद शुरुआती जानकारी के अनुसार डीएसपी टाउन ने बताया कि बड़े भाई पर ही हत्या करवाने का आरोप है। प्रथम दृष्टया जमीन विवाद का मामला सामने आ रहा है। जिस भाई पर आरोप लगा है वह फरार है। पुलिस ने एहतियात आरोपी बड़े भाई वीरेंद्र सिन्हा के घर में मौजूद परिजनों को महिला सिपाहियों की मदद से पीछे के रास्ते से थाने पहुचा दिया।तदुपरान्त पुलिस ने इस हत्याकाण्ड का अनुसंधान आगे बढ़ाया तो जैसा कि मकतूल के परिजनों के बयान देने से प्रतीत हुआ था कि यह खुरेजी ओपेन एंड शट केस है से बिल्कुल अलहदा नज़र आने लगा। तमाम अन्य ऐंगल भी नज़र आने लगे।

इधर, बेटे ने कुल 8 लोगो के खिलाफ नामजद पिता की हत्या का मामला दर्ज करा दिया है। अपने आवेदन में शिवेंद्र कुमार उर्फ शिवम ने अपने सगे चाचा चाची समेत 8 लोगो अभियुक्त बनाया है। पुलिस ने वीरेंद्र सिन्हा और उनकी पत्नी को गिफ्तार कर लिया है। लेकिन पुलिस को कुछ खटक रहा था।

खुलने लगी परते,अपराधी हुए चिन्हित

खुरेजी की वारदात की जानकारी घटनास्थल पर डीएसपी टाउन सुरेश कुमार, पीरबहोर थानेदार रिजवान अहमद समेत सुल्तानगंज थानेदार गुलाम सरवर, कदमकुआं थानाध्यक्ष निशिकांत निशि और गांधी मैदान थानेदार सुनील कुमार पहुचे। वारदात को लेकर सभी बातौर एक टीम तहक़ीक़ात में जुट गए। दरअसल, हत्या को महावीर लेंन में अंज़ाम दिया गया था जो मुसल्लाहपुर हाट एरिया में है। इस इलाके में शहर के तीन थानो का मुहाना है। खैर, घटना को लेकर सभी हर ऐंगल से तहक़ीक़ात में जुट गए।

सबसे पहले यह जानकारी पुख्ता हुई कि परिजनों द्वारा नामित बड़े भाई वीरेंद्र सिन्हा जो किराने की दुकान चलाया करते थे वो वारदात स्थल पर नही थे। वही, मोहल्लेवालों से पता चला कि घटना के बाद 4 लड़को को भागते देखा गया था जो गलियों से होकर पैदल दौड़ते हुए फरार हुए थे। फिर वारदात स्थल के आसपास के लगे सीसीटीवी युक्त घरों की जानकारी ली गई तो गली के मुहाने पर 2 घरों में सीसीटीवी कैमरे लगे होने की जानकारी मिली। उनघरों से फुटेज लिए गए। तो हत्याकांड में चश्मदिदों के बयान से मेल खाते 4 युवक उम्र लगभग 18-20 वर्ष को भागते हुए मिडिल स्कूल की ओर जाते देखा गया। अब बारी थी चारो की शिनाख्त की तो थानेदारों ने अपने मुखबीरों का नेटवर्क इस्तेमाल किया।

चारो की हुई शिनाख्त, घरों पर दबिश

हत्या की वारदात की तफ्तीश में पुलिस को जानकारी मिली थी कि घटना के वक्त धीरेंद्र रोज की तरह मेन रोड पर स्थित साईं मंदिर से प्रसाद और सब्जी लेकर घर लौट रहे थे। घर से दो सौ मीटर एक संकरी गली में वे जैसे ही पहुंचे घात लगाए अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी और फरार हो गए। वारदात स्थल पर पुलिस को उनकी टोपी, चश्मा और सब्जियां बिखरी मिली साथ ही एक जिंदा गोली और खोखा यानी मकतूल सब्जी लेकर लौट रहे थे। लेकिन यह आधा अधूरा सच साबित हुआ।

लेकिन इसी बीच सीसीटीवी फुटेज में दिखाई सभी की पहचान हो गई। पुख्ता तौर पर यह जानकारी मिली कि खुरेजी की वारदात को अंजाम देने वाले यही लड़के है। जिनकी पहचान सूरज कुमार, चंदन उर्फ चिरैया, उर्फ खुजली और छोटकी गोर्की के तौर पर हुई। ये सभी  नशेड़ी है। सूरज पहले महावीर लेन में ही रहता था पर अब सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर इलाके रहने लगा है। वही, चंदन उर्फ चिरैया रामपुर का निवासी है तो खुजली के पिता हाट इलाके में मछली बेचते है। वही छोटकी गोर्की इन्ही के साथ अक्सर दिखाई देता रहने वाला युवक है। ये सभी जेल जा चुके है।

सूरज कुछ महिने पहले ही जेल से छूटा है। वही चिरैया भी शराब मामले में जेल से बेल पर निकला है। ये सभी विगत 5-6 दिनों से लगातार महावीर लेन के आसपास मंडराते देखे जा रहे थे। वारदात में शामिल चारो की पहचान मुकम्मल होते ही पुलिस ने ताबड़तोड़ इनके घरों पर दबिश दी तो सभी अपने घरों से फरार मिले तो पुलिस ने इनके परिजनों को थाने लाकर उनसे पूछताछ कर उनके ठिकानों के बाबत जानकारी हासिल करने की कवायद शुरू कर दी।

मकतूल के इकलौते बेटा शिवम का सच

कृषि विभाग से रिटायर्ड धीरेंद्र कुमार अकेला एक बेटी और एक बेटे के पिता थे। पुलिस को शिवम के बाबत जानकारी मिली कि उसे विगत दिनों कुछ लड़कों द्वारा जबरिया कब्जे में लेकर गंगा घाट किनारे ले जाकर घंटो हथियार के बल पर न केवल धमकियां दी गई थी बल्कि जमकर मारपीट करते हुए बंधक बना लिया गया था। उक्त मामला लाखो के लेनदेन से जुड़ा था। लेकिन मौका मिलते ही किसी तरह शिवम उनके चंगुल से छूटकर घर पहुच गया था। यह,जानकारी बेहद अहम थी।

पुलिस ने तब शिवम की कुंडली खंगालने की क़वायद की तो जानकारी मिली कि शिवम हाट के मेन सड़क पर स्पेयर पार्ट्स विशेष कर इलेक्ट्रिक रिक्शा या हवा हवाई की दुकान चलाता है। यह तहक़ीक़ात आगे बढ़ी तो पता चला कि शिवम भी लाल घर की यात्रा कर चुका है। लाल घर से कुछ महिनों पहले बाहर आने के बाद शिवम की शादी हुई है। शिवम की संगति कुछ संदिग्ध चरित्र के युवको से भी है। चुकी एकलौता बेटा होने की वजह से शिवम खुल्ले हाथों से पैसे खर्च करता रहा है। पैसे ख़ातिर शिवम उल्टे सीधे काम करने से भी नही हिचकता।

पुलिस हिरासत में सूरज ने किया खुलासा

इधर,वक्त अपनी रवानी पर था उधर पुलिस चिन्हित चारो की गिरफ्तारी ख़ातिर ताबड़तोड दबिश दे रही थी। साथ ही परिजनों पर दबाव भी बना रखा था, जल्द ही इसका फायदा मिला सूरज ने पीरबहोर थाने में सुबह सबेरे लगभग 6 बजे के आसपास कदम रखा। पुलिस की बाँछे खिल गई और फिर तो पूछताछ में सूरज ने धीरेंद्र कुमार अकेला की हत्या की अबतक की कहानी को ही पलट कर रख दिया है।यह भी जानकारी दी कि हत्या में उसके साथ, चंदन उर्फ चिरईया उर्फ।खुजली और छोटकी गोर्की शामिल थे।

बकौल सूरज के शिवम ने साढ़े सात लाख ले रखे है। उन्ही पैसों को लेकर शिवम से विवाद था। पैसे देने के बजाय शिवम बहाने कर रहा था। तो सूरज और अन्य लगातार शिवम के दुकान और घर के बीच मंडरा रहे थे। लेकिन आज़िज़ आचुके सुरज़ और अन्य ने सोमवार को जमकर नशा किया और शिवम को ढूढने निकल पड़े। शिवम घर के बाहर ही मिल गया, चारो ने उसे घेर लिया और पैसे की मांग करने लगे। तभी शिवम के पिता सब्जी लेकर आगए और बेटे को बचाने की कवायद करने लगे। नशे में धुत्त सभी हड़बड़ा गए और एक ने फायर कर दिया गोली लगते ही धीरेंद्र गली में घिर पड़े, गिरते ही उन्होंने कहा सब को पहचानते है पुलिस से गिरफ्तार करवा देंगे, फिर तो बंदूकों ने 3 शोले उगले और ….

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