केंद्र सरकार का फैसला, आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10% आरक्षण, सवर्ण सेना ने किया स्वागत

केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णो को 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया है। मोदी सरकार के इस फैसले को आगामी लोकसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार ने नाराज सवर्णो को खुश करने के लिए सवर्ण कार्ड खेला है।
सवर्ण सेना ने  किया स्वागत
केंद्र सरकार द्वारा सवर्णो को आरक्षण देने के फैसले का सवर्ण सेना ने स्वागत किया है । सवर्ण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमित सरकार ने कहा कि सवर्णों को उनका हक देने की दिशा में सरकार का यह फैसला सराहनीय है। लेकिन हम आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों के लिए 25% आरक्षण की मांग करते है। इसके लिए हमारी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। साथ हीं सुमित ने केंद्र और राज्य सरकार से सवर्णों द्वारा बुलाये गए भारत बंद के दौरान आंदोलकारियों पर से लगे केस हटाये जाने की भी मांग की है।
सवर्ण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमित सरकार
सवर्ण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमित सरकार
संविधान में संशोधन के बाद मिलेगा आरक्षण
10 फीसद सवर्ण आरक्षण आर्थिक आधार पर मिलेगा जिसके लिए संविधा में संशोधन करना पड़ेगा। संविधान में आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की व्यवस्था अभी नहीं है। आरक्षण को व्यवस्था में लाने के लिए सरकार को संविधान में संशोधन करना पड़ेगा। संविधान के अनुच्छेद 15 और अनुच्छेद 16 में बदलाव के बाद ही यह आरक्षण लागू किया जा सकेगा।
आरक्षण के दायरे में आएंगे ये सवर्ण
  • सालाना आय 8 लाख से कम होनी चाहिए
  • कृषि योग्य भूमि 5 हेक्टेयर से कम होनी चाहिए
  • घर 1000 स्क्वायर फीट जमीन से कम में होना चाहिए 
  • निगम में आवासीय प्लॉट 109 यार्ड से कम होना चाहिए 
  • निगम से बाहर के प्लॉट 209 यार्ड से कम होने चाहिए
 गौरतलब है कि केंद्र सरकार के इस प्रस्ताव का एनसीपी, लोजपा सहित आप ने भी समर्थन किया है। वही कांग्रेस ने सरकार के फैसले का समर्थन तो किया लेकिन सरकार के नियत पर भी सवाल उठाये। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ” कांग्रेस पार्टी हमेशा से आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्ग के लोगों के आरक्षण और उत्थान की समर्थक रही है। दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों के आरक्षण से कोई छेड़छाड़ नहीं हो और इसके साथ ही आर्थिक गरीबों के बच्चों को शिक्षा एवं रोजगार में आरक्षण मिले, हम इसमें समर्थन एवं सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा, ”सवाल यह भी है कि जब लोकसभा का चुनाव नजदीक आ गया तब आर्थिक रूप से गरीब लोगों की याद क्यों आई? इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीयत पर सवाल खड़े होते हैं।

कई नेताओं ने इस मामले पर ट्वीट करके अपनी प्रतिक्रिया दी है

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