BiG News – वो स्कूल जाती थी, इसलिए मुजफ्फरपुर में जाति के ठेकेदारों ने कर दी नाबालिग की निर्मम हत्या, शव को भी बन्दूक की नोक पर जलवा दिया

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#मुजफ्फरपुर में 7 लोगों ने मिलकर 17 वर्षीय नाबालिक लड़की की हत्या कर दी

#लड़की को सिर्फ इसलिए जान से मार दिया गया, क्योंकि वह स्कूल जाती थी

#आरोपी चाहते थे कि लड़की स्कूल जाना बंद कर दे, मामले में 7 के खिलाफ FIR दर्ज

#पुलिस ने 7 नामज़द आरोपियों में से 4 को किया गिरफ्तार 3 अब भी फरार

पटना Live डेस्क। क्या आप ये सोच सकते है कि महज़ एक लड़की को महज इस लिए क़त्ल कर दिया जा सकता है कि वो स्कूल जातीं थी? नहीं न! लेकिन ऐसा ही एक अजीबोंगरीब वाक्या बिहार के मुजफ्फरपुर में घटित हुआ है। मोतीपुर थाना क्षेत्र के  सनपुरा गांव में सात लोगों ने मिलकर एक 17 साल की लड़की की हत्या कर शव को पेड़ से लटका दिया और फिर भाई पर दबाव डालकर शव का दाह-संस्कार करवा दिया। भाई ने मोतीपुर थाने में अपनी बहन की हत्या की एफआइआर दर्ज कराते हुए खुलासा किया कि छात्रा की हत्या इसलिए कर दी गई, क्योंकि उसने गांव की मध्यकालीन परंपरा के खिलाफ मैट्रिक के बाद भी पढ़ाई जारी रखी थी। सनपुुरा गांव में लड़कियों को मैट्रिक से आगे पढ़ाई करने की इजाजत नहीं है। पुलिस ने सात आरोपियों में से चार को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अभी भी फरार हैं।

मक़तूल बालिका का नाम आशा था। यह मामला रविवार शाम को सामने तब आया, जब आशा के भाई बबन राय ने शुक्रवार की रात उसकी हत्या करने के आरोपी के खिलाफ मोतीपुर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई।एफआईआर में बबन ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसे और उसकी पत्नी को अपने ही घर में कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा।

भाई की जुबानी बहन की हत्या की दास्तां

मृतका के भाई बबन राय ने बहन की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस को जो जानकारी दी उसे सुनकर ख़ाकीवाले भी भौचक्के रह गए। उसने बताया कि सात लोगों ने मिलकर मेरी बहन की हत्या की है। हत्या के आरोपित पप्पू कुमार और राजन राय स्कूल के प्राचार्य को मोबाइल पर छात्रा को नहीं पढ़ाने को लेकर अक्सर धमकाते थे।

बबन राय ने हत्या की प्राथमिकी दर्ज करते हुए पुलिस को बताया कि शुक्रवार की रात को मैं अपनी बड़ी बहन के ससुराल से अपने गाँव लौट रहा था। रास्ते में मेरे मोबाइल पर नामज़द आरोपी राजन राय ने फोन किया कि मेरी छोटी बहन आशा की मौत हो गई है। उसका दाह-संस्कार करना है, जल्दी पहुँचो। जब मैं घर पहुंचा तो मेरी बहन का शव कमरे में पडा़ था। आशा के मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था। मेरी बहन की गला घोंटकर हत्या कर उसे खुदकुशी का रूप देने के लिए शव को पेड़ में लटका दिया गया था।

30 मार्च की सुबह शव को उतारकर चुपके से घर में रख दिया गया था। बहन के शव का दाह-संस्कार करने के लिए मुझे पकड़कर जबर्दस्ती सभी आरोपी श्मशान घाट ले गए। मेरी आंखों के सामने बहन के शव को जला दिया गया। शव को जलाने के बाद मुझे मेरे ही घर में बंद कर दिया गया। साथ ही धमकी दी गई कि थाने में गए तो जान से मार डालेंगे।

रविवार की शाम उनलोगों की चंगुल से बचकर मैं किसी तरह मोतीपुरब थाना पहुंचा और पुलिस को जानकारी दी। वहीं डीएसपी के एम प्रसाद ने कहा कि आशा के भाई बबन राय ने एफआइआर दर्ज करायी है। कुल सात में से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। डीएसपी ने बताया कि आरोपी उसे धमकी दिया करते थे कि अगर वो अपनी बहन को पढ़ने के लिए स्कूल भेजेगा तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे। उसकी टीचर भी उसे पढ़ाना नहीं चाहती थी।

एक ही जाति के लड़की और आरोपी

गांव के एक व्यक्ति ने नाम प्रकाशित न करने के शर्त पर बताया कि लड़की और आरोपी एक ही जाति के हैं। समुदाय के लोग मैट्रिक स्तर से आगे की पढ़ाई करने वाली हर लड़की के खिलाफ होते हैं। वही, आशा इंटरमीडिएट की पढ़ाई रही थी। यह बात उन लोगों को मंजूर नहीं थी। इसलिए आरोपी उसके सख्त खिलाफ थे। उन्हें लगा कि आशा उन लोगों के नियमों का खुल्लम खुला उल्लंघन कर रही है। वे लगातार आशा की पढ़ाई पर रोक लगाने की धमकी दिया करते थे।

सात के खिलाफ एफआईआर दर्ज

डीएसपी (पश्चिम) केएम प्रसाद ने बताया, ‘इस मामले में सात लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। सात आरोपियों में से चार को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।’ बबन ने कहा कि आरोपी उसे शुरू से ही धमकी दे रहे थे कि अगर आशा ने स्कूल जाना जारी रखा तो उसे और उसके परिवार को इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा। यहां तक कि आशा को पढ़ाने वाले टीचर को भी धमकी देकर उसका नाम काटने को कहा गया था।

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