बेधड़क ...बेलाग....बेबाक

दो गोलियां लगने के बाद भी एमवे एजेंट खुद कार चलाते हुए पहुंचे अस्पताल

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पटना Live डेस्क। राजधानी पटना में अपराधियों के दुःसाहस की क्या बात की जाय जब सूबे के मुखिया नीतीश कुमार के आवास के बाहर हंगामा हो जाता है तो शहर की क्या बिसात है। इसी कड़ी में कंकड़बाग थाना अंतर्गत सोमवार की रात 8 बजे की हाउसिंग कॉलोनी में घर के पास ही एमवे एजेंट संजय श्रीवास्तव कोअपराधियों ने दो गोलियां मार दी। गंभीर स्थिति में संजय को स्थानीय श्रीराम नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। उन्हें दो गोलियां गर्दन होठ के पास लगी हैं।यह वारदात उस समय हुई, जब संजय कंकड़बाग इनडोर स्टेडियम से बैडमिंटन खेल कर अपनी कार से लौट रहे थे। घर के पास पहुंचते ही वहां पहले से घात लगाए एक बाइक पर सवार दो अपराधियों ने उन पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। गोली मारने के बाद दोनों बाइक से भाग निकले। घटनास्थल के समीप ही संजय का घर ए-75 है। सूचना मिलने के बाद कंकड़बाग थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंच कर छानबीन की।

प्रभारी थानाध्यक्ष राघोदयाल ने बताया कि घटना के मूल में प्रथम दृष्टया घरेलू जमीन संपत्ति विवाद की बात सामने आई है। संजय का अपने चाचा के साथ ही पुराना विवाद है।आरोप है कि उसके चाचा ने गलत तरीके से घर बेच दिया था। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद तनाव व्याप्त था। फिलहाल आईसीयू में होने के कारण संजय का बयान नहीं लिया जा सका है। उनसे पूछताछ के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

वारदातकी स्टाइल से परिचितों के साथ ही कांट्रैक्ट किलर की ओर भी शक की सूई घूम रही है। जिस तरह पिस्तौल से संजय के गर्दन चेहरे पर निशाना साधा गया है, उससे साफ है कि हमलावरों का मकसद हत्या करना ही था। साथ ही वे पेशेवर थे। अमूमन सुपारी लेकर हत्या करने वाले कांट्रेक्ट किलर ही छोटे हथियार से गर्दन या सिर में गोली मारते हैं। इन परिस्थितियों में सभी संभावनाओं पर तफ्तीश के बीच पुलिस ने हमलावरों की तलाश में आसपास के इलाकों में दबिश बढ़ा दी है। जांच में लगे पुलिस अफसरों के मुताबिक- फिलहाल शूटरों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इलाके में लगे सीसीटीवी अन्य स्रोतों के जरिए उनकी पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

श्रीराम नर्सिंग होम में चल रहा इलाज

बाइकसवार अपराधियों ने नजदीक से कार की ड्राइविंग सीट पर बैठे संजय श्रीवास्तव को दो गोलियां मारी। वे लहूलुहान हो गए पर हिम्मत नहीं हारी। घायल होते हुए भी खुद ही कार ड्राइव करते हुए कुछ ही दूरी पर स्थित श्रीराम नर्सिंग होम पहुंचे आैर भर्ती हो गए। इसके बाद सूचना पाकर पुलिस हरकत में आई। थानेदार के मुताबिक आरंभिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने संजय की स्थिति खतरे से बाहर बताया है। उनके गले में लगी गोली निकाल दी गई है। होठ में फंसी गोली को निकालने में देर रात तक डॉक्टरों की टीम लगी हुई थी।

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