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BiG News-Lalu Yadav को कोरोना संक्रमण का खतरा, इलाज कर रहे डॉक्‍टर के वार्ड में मिला कोरोना पॉजिटिव

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पटना Live (नेशनल) डेस्क। राजद सुप्रीमो 74 वर्षीय Lalu Prasad Yadav पर एक बार फिर कोरोना संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। संभव है कि अगले एक दो दिनों में उनकी कोरोना संक्रमण की जांच कराई जाए। रांची के रिम्‍स में इलाजरत लालू प्रसाद की देखरेख कर रहे चिकित्‍सक डॉ उमेश प्रसाद के वार्ड में इलाजरात पिछले तीन सप्‍ताह से मेडिसन डिपार्टमेंट में एडमिट रहा है। सोमवार को कोराना संक्रमण की पुष्टि के बाद उनपर भी कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। एक बारगी भर्ती बुजुर्ग मरीज में कोरोना संक्रमण पाए जाने के बाद सबकी जान सांसत में आ गई है।

वही, रिम्स में लालू यादव का इलाज में लगे मेडिसिन के हेड ऑफ डिपार्टमेंट डॉ उमेश प्रसाद के पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने से डॉक्टर उमेश प्रसाद समेत यूनिट के सभी डॉक्टर्स, पीजी स्टूडेंट्स ,नर्स और गार्ड तक का सैंपल लेकर उन्‍हें क्‍वारंटाइन कर दिया गया है। साथ ही मेडिसिन डिपार्टमेंट को सेनेटाइज कर दिया है। साथ ही डॉ उमेश प्रसाद की यूनिट के साथ साथ मेडिसिन विभाग के कुल मिलाकर 22 सीनियर डॉक्टर,पीजी छात्र व अन्य कर्मियों ने कोरोना की जांच के लिए अपना सैंपल दे दिया है। अब सभी के ‘कोरोना टेस्ट ‘ रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जो सम्भवतः मंगलवार यानी कल आने की उम्मीद है।

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दरअसल, Corona Virus का प्रकोप झारखंड में अब कहर बरपा करने लगा है। सूबे में कोरोना संक्रमितों की संख्या शतक के करीब पहुच गई है। झारखण्ड में सोमवार को 16 नए मामले सामने आने के बाद राज्य में आंकड़ा 98 पहुंच चुका है। वही, सोमवार की शाम बुजुर्ग की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे रिम्स के कोविड हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है।

इधर, इस संबंध में पूछे जाने पर मेडिसिन के हेड ऑफ डिपार्टमेंट डॉ. उमेश प्रसाद ने बताया कि उन्होंने 22 अप्रैल से वार्ड का चार्ज लिया है। इस दौरान उन्होंने संक्रमित मरीज को देखा था। हालांकि इस दौरान उन्होंने लालू प्रसाद की जांच के दौरान उन्हें फिजिकली टच नहीं किया है। पिछले दो दिनों से वे लालू प्रसाद के पास नहीं गए हैं।ऐसे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।

वही, राजद प्रमुख लालू प्रसाद का सैंपल लिए जाने को लेकर रिम्स निदेशक डॉ डीके सिंह ने कहा कि लालू प्रसाद का इलाज करने वाले डॉक्टर की अनुशंसा के बाद ही लालू प्रसाद का सैंपल लिया जाएगा। डॉ सिंह ने बताया कि आईसीएमआर के गाइडलाइन के अनुसार जिस यूनिट में लालू प्रसाद का इलाज चल रहा है, उस यूनिट के डॉक्टरों की रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी में संक्रमण की पुष्टि होती है तो लालू प्रसाद की भी जांच कराई जाएगी। डॉक्टर ने यह भी बताया कि जब से कोरोना का संक्रमण फैला है डॉक्टर लालू प्रसाद से सीधे संपर्क में नहीं आते हैं। दूर से ही दो तीन मिनट उनसे बीमारी के बारे में बातचीत करके लौट जाते हैं। यूनिट के सभी लोगों ने कोरोना की जांच का सैंपल दे दिया है। कल तक रिपोर्ट आ जाएगी उसके बाद लालू प्रसाद के सैंपल लिए जाने पर फैसला लिया जाएगा।संभव है कि लालू का स्‍वाब लेकर भी उनकी कोरोना संक्रमण की जांच कराई जाए।

बता दें कि चारा घोटाले के चार मामलों के सजायाफ्ता लालू प्रसाद यादव पहले ही 13 गंभीर बीमारियों से ग्रस्‍त हैं। वे क्रॉनिक किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। लालू के शूगर में भी बराबर उतार-चढ़ाव होता रहता है। ऐसे में राजद सुप्रीमो की ओर से कोरोना संक्रमण का खतरा बताते हुए पहले ही पैरोल की मांग की गई थी। रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल, होटवार के काराधीक्षक और जेल महानिरीक्षक ने भी लालू को कोरोना का खतरा बताते हुए रिम्‍स के पेइंग वार्ड से अलग शिफ्ट करने पर गृह विभाग को चिट्ठी लिखी थी।

लालू यादव की परोल को लेकर असमंजस

बता दें कि लालू प्रसाद परोल पर जेल से बाहर आएंगे या नहीं, इस पर असमंजस बरकरार है। हेमंत सरकार इस मुद्दे पर फैसला नहीं ले पा रही है।हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में भी लालू प्रसाद को परोल देने पर निर्णय नहीं हुआ। हालांकि बैठक में महाधिवक्ता राजीव रंजन से इस पर कानूनी राय जरूर ली गई। इससे पहले सुप्रीम कोर्टके आदेश के मद्देनजर कैदियों को छोड़ने के लिए हुई हाई लेबल कमिटी की बैठक में लालू प्रसाद के नाम पर चर्चा नहीं हुई थी।कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 7 साल तक के सजायाफ्ता और विचाराधीन कैदियों को पैरोल पर छोड़ने का आदेश राज्य सरकारों को दिया है।

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