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BiG News(वीडियो)राजगीर में सुशासन ध्वस्त- सड़को पर बदमाशों ने माचाया तांडव, पुलिस वाले लोगो को पिटता छोड़ हुए फरार

राजगीर में जबरदस्त बवाल, हथियारबंद बदमाशों ने लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, बच्चे और महिलाओं को मरता छोड़ भागे पुलिसवाले

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पटना Live डेस्क।बिहार में काहे का सुशासन?इधर राजधनी पटना में नीतीश कुमार लॉ एंड ऑर्डर को लेकर लगातार बैठक दर बैठक कर रहे वही दूसरी तरफ सूबे में अपराधियों का तांडव नीत नए उचाईयों को छू रहा है। इसी क्रम में अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालन्दा के राजगीर में शनिवार की देर शाम राजगीर में हथियार से लैस बदमाशों ने सरेआम कोहराम मचा दिया। सड़क पर लोगों को रॉड-लाठी-डंडे से दौड़ा दौड़ा कर पीटा।घटना के बाद ग़ुस्साएं लोगों ने आगजनी कर किया जमकर विरोध प्रदर्शन करते हुए पुुुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की साथ ही डीएसपी व थानेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उपद्रवियों की अविलंब गिरफ्तारी की माांग कर रहे है।

क्या, कब, कैसे और कहाँ 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा के राजगीर थाना इलाके के गिरियक चौक के समीप शनिवार की शाम को बदमाशों ने बाजार में सड़क पर चल रहे आधा दर्जन से अधिक राहगीरों को लाठी-डंडे से जमकर पीटा। कई लोगों के सिर फट गये। लोग बचाओ-बचाओ का शोर मचाकर इधर से उधर भाग रहे थे।।घटना में करीब दो दर्जन लोग जख्मी हुए हैं। बताया जाता है कि उपद्रवियों ने एक दर्जन से अधिक वाहनों को भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त किया है। महिलाओं के साथ भी बदसलूकी भी की गई है। घटनास्थल पर भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई थी क्योंकि बेखौफ़ बदमाशो ने जिसे मन उसे दौड़ा-दौड़ाकर मार रहे थे।सड़क पर सरेआम तांडव मचाने के बाद सभी बदमाश बाइक पर सवार हो हथियार लहराते हुए भाग गए।घटना के बाद घायलों को निकट के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

                वही स्थानीय लोगों का आरोप है कि बदमाशों का आतंक देख मौजूद पुलिसकर्मी भी जान बचाकर भाग खड़े हुए। इस घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने भी काफी बवाल काटा है।नाराज लोगों ने सड़क पर आगजनी कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की है।

घायल ने बताई घटना की दास्तां
घायल दीपेश कुमार ने बताया कि हम लोग मार्केट में थे। तभी कुछ लोग बाइक पर आए और लोगों को रॉड, लाठी-डंटे से पीटना शुरू कर दिया। जो बीच में आ रहा था उसे पीट रहे थे। लोग इधर से उधर भागने लगे। एक दो पुलिसवाले भी वहां थे जो यहसब देखकर भाग गए।

डीएसपी-थानेदार पर लापरवाही का आरोप 

घटना के विरोध में नागरिकों ने बाजार की दुकानें बंद करा दी है। इस घटना से लोग हैरान हैं और पुलिस को कोस रहे हैं।लोगों का कहना है कि पुलिस की नाकामी से बदमाशों का हौंसला बढ़ गया है। स्थानिए थाना पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही बदमाश भाग निकले थे। पुलिस आक्रोशितों को समझाने में जुटी है। आक्रोशित लोगों ने बताया कि जिस तरह से बदमाशों ने सड़क पर लोगों की पिटाई की उससे जंगलराज की याद ताजा हो गई। डीएसपी और थानेदार की लापरवाही के कारण राजगीर में क्राइम का ग्राफ बढ़ा है। दर्जनों बदमाश बाजार में नागरिकों और दुकानदारों की पिटाई कर चलते बने और मौजूद पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए।

घायलों की हुई पहचान 

 

घटना में दो दर्जन से अधिक लोग जख्मी हुए हैं।जख्मी लोगों में नालंदा यूनिवर्सिटी में काम करने वाले समस्तीपुर निवासी रोहित कुमार, बंगाली पाड़ा निवासी बीएमपी जवान सुधीर कुमार, दीपेश कुमार, जितेंद्र कुमार, झालर निवासी आलम, कुंडपर निवासी धर्मेंद्र कुमार, विक्की कुमार, सुधीर कुमार समेत अन्य शामिल हैं।सभी को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया है।जहां से गंभीर रूप से तीन घायलों को सदर अस्‍पताल रेफर कर दिया गया है।

डीएसपी सोमनाथ प्रसाद और थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने अस्पताल पहुंचकर घटना के बाबत जख्मी लोगों से पूछताछ की है। डीएसपी ने बताया कि पुलिस बदमाशों पर कार्रवाई में जुट गई है।इलाके का सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है।जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

आखिर क्यों? उलझन में पुलिस व पब्लिक

वही, इस तांडव कहे या गुंडई का चरम घटना के चश्मदिदों ने बताया कि अचानक दर्जन भर बदमाश रॉड-लाठी-डंडे लेकर अचानक प्रकट हुुुए और बिना किसी कारण के वहां पर टहल रहे या सब्जी खरीद रहे लोगों को पीटने लगे। इससे अफरातफरी का माहौल हो गया। लाठी व डंडे से मारपीट करने के बाद बदमाश भाग निकले। अचानक आखिर क्यों?
इस वारदात के पीछे कारण न तो दुकानदारों को न तो स्थानिए लोगो और पीड़ितों को समझ नही आ रहा है। पुलिस भी लोगो से पूछताछ कर समझने की कोशिश कर रही गई कि आखिर क्यों? कयासो के तहत कही यह वर्चश्व जमाने ख़ातिर तो अंजाम दी गई घटना तो नही? सच तो गिरफ्तार गुर्गे ही बताएंगे। 

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