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Big Breaking – गुंडागर्दी का चरम,नीतीश कुमार के दल के प्रखंड उपाध्यक्ष ने मांगी रंगदारी और फिर मुखिया पति के मुंह मे डाली पिस्टल,हार्ट अटैक से हुई दर्दनाक मौत

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पटना Live डेस्क। नीतीश कुमार का दावा है कि सूबे में कानून का राज है यानी सुशासन है।लेकिन उनके दल के ही लोग सुशासन की धज़्ज़िया उड़ाते हुए खौफ़ का माहौल कायम कर रहे है।ऐसी ही एक घटना को जदयू के दरभंगा जिले के मनीगाछी प्रखंड उपाध्यक्ष ने अंजाम दिया है।दरअसल सरोज मंडल इलाके का नामवर दबंग और आपराधिक छवि का है। हत्या जैसे अपराध में नामजद रहे इस शख्स का लम्बा चौड़ा आपराधिक इतिहास भी रहा है।लेकिन,जब से सरोज ने सत्ताधारी दल जदयू का दामन थामा है,इसकी दबंगता का खौफ़ का दायरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है।
18 अगस्त को सूबे के दरभंगा जिले के मनिगाछी के माउंबेहट पंचायत के मुखिया रीता देवी के पति एवं इलाके के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी के बेटे समाजसेवी रामकुमार साहू को उनके गांव के निवासी और जदयू के प्रखंड उपाध्यक्ष सरोज मंडल ने क्रूरता और गुंडागर्दी का चरम पा करते हुए मुह में पिस्तौल डालकर गला दबाकर कर मारने की कोशिश की जिसका परिणाम यह हुआ कि मुखिया पति दहशत के मारे बेहोश होकर ज़मीन पर गिर पड़े। उनके गिरते ही सरोज मंडल  ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए फरार हो गया।
वही, सरोज मंडल द्वारा मुह में पिस्टल घुसेड़ने से दहशत ज़दा होकर बेहोश हुए मुखिया पति को घटना के बाद ज़मीन से उठाकर परिजन पहले तो  बेहोश रामकुमार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मनीगाछी लेे गए। उनकी बिगड़ती हालात को देखते हुए दरभंगा स्थित DMCH रेफर कर दिया गया। जाँच के बाद हालत को चिंताजनक देखते हुए फिर डॉक्टरों ने उन्हें पटना IGIMS रेफर कर दिया। जहां देर रात तकरीबन 9 बजे उनको डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।                                
दरअसल सरोज मंडल द्वारा पहले पिस्टल की बट से छाती पर वार और खदेड़ खदेड़ कर पीटाई की और फिर पिस्टल मुह में डालने से दहशतजदा होकर मुखिया पति साहू को दिल के दौरा पड़ गया और वो बेहोश हो गए और फिर नीम बेहोशी में ही दिल का दौरा और फिर ब्रेन हेमरेज से उनकी मौत हो गईं। पटना में उनकी मौत की खबर से इलाके सनसनी फैल गई। वही, अपनी पति को खो चुकी मुखिया रीता देवी ने स्थानीय थाना पुलिस को लिखित आवेदन देकर सरोज मंडल पर मामला दर्ज कराया है साथ ही अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।                    Jd(U)नेता सरोज मंडल का आपराधिक इतिहास                वर्त्तमान में जदयू के दरभंगा मनीगाछी प्रखंड के उपाध्यक्ष सरोज मंडल कई आपराधिक वारदात को अंजाम दे चुका है। सरोज का  अपराध जगत से बहुत पुराना नाता है। मिली जानकारी अनुसार उसने करीब 15 वर्ष पूर्व कोलकाता में एक व्यक्ति की हत्या कर अपराध की दुनिया में कदम रखा था। फिर खादी पहन कर घटनाओ को अंजाम दे रहा है। अपने फेसबुक पेज पर जदयू के कद्दावर नेताओं के साथ अपनी तस्वीर चस्पा पर खुद को बड़ा सियासी शख्स बताता है। साथ ही दरभंगा जिले जदयू के बड़े चेहरों में शुमार संजय झा समेत जदयू विधायक सुनील चौधरी से अपने नजदीकी होने का दावा करते हुए उनके साथ अपनी तस्वीर भी फेसबुक वॉल पर डाल रखी है।                     
वही, बात अगर बिहार के दरभंगा जिले की करे तो 9 फरवरी 2012 को मनीगाछी एफसीआई गोदाम के एक कर्मचारी के साथ मारपीट के आरोप में उस पर एफआईआर दर्ज की गई थी। फिर 2 अप्रैल 2012 को तत्कालीन मनीगाछी अंचल के अंचलाधिकारी के साथ मारपीट करने के आरोप में उस पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। फिर सितंबर 2012 में ही प्रखंड मुख्यालय में धरना पर बैठे लोगों के साथ उसने मारपीट की तो इस मामले में उसके विरुद्ध अनुसूचित जाति/ जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कांड संख्या 239 /12 दर्ज किया गया था।               
बढ़ती आपराधिक गतिविधियों के बीच इसने सियासत में भी अपनी उपस्थित दर्ज करानी शुरू कर दी ताकि खुद की करतूतों को छुपाया जा सके। ज्यो ज्यो इसकी सियासत में धमक बढ़ती गई त्यों त्यों इसकी दबंगता और क्रूरता बढ़ती चली गई।
इसी का परिणाम हुआ कि 2014 में मनीगाछी प्रखंड के तत्कालीन प्रखंड प्रमुख रेणु देवी जो रिश्ते में सरोज मंडल की भाभी है से 50,000 रुपये रंगदारी की मांग की थी। रंगदारी मांगने के आरोप में थाने में उस पर कांड संख्या 356/14 दर्ज किया गया।
हद तो ये की पुनः वर्ष 2014 में मनीगाछी बाजार स्थित पीएनबी एटीएम के पास से उसे दो लोडेड देसी कट्टे व जिंदा कारतूस के साथ मनीगाछी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उस समय दरभंगा के तात्कालि SSP रहे मनु महाराज को मिली सूचना पर उसकी गिरफ्तारी हुई थी। इस कांड में करीब दो साल तक वह न्यायिक हिरासत में रहा।

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