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BiG News – नहीं रहे वाल्मीकिनगर से सांसद वैद्यनाथ प्रसाद महतो,दिल्ली AIIMS में ली अंतिम सांस,राजकीय सम्‍मान के साथ होगा अंतिम संस्‍कार

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पटना Live डेस्क। बिहार के वाल्मीकिनगर से जदयू सांसद बैद्यनाथ प्रसाद महतो का निधन हो गया। शुक्रवार को दिल्‍ली में उन्‍होंने अंतिम सांस ली। बताया जाता है कि वे इन दिनों बीमार थे और दिल्‍ली एम्‍स में उनका इलाज चल रहा था। उन्‍हें 11 फरवरी को दिल्‍ली एम्‍स में भर्ती कराया गया था। लेकिन विगत कई दिनों से वेंटिलेटर पर थे।कई महीनों से चल रहे थे बीमार।उनके निधन की खबर से बिहार में शोक की लहर छा गयी है। संसदीय क्षेत्र के लोग भी गम में डूब गए हैं।

इलाज के दौरान शुक्रवार की शाम करीब सात बजे महतो ने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से बिहार में शोक की लहर छा गई है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महतो के असामयिक निधन पर दुख और शोक प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा है कि बैद्यनाथ प्रसाद महतो अपने संसदीय क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे। सामाजिक कार्यों में उनकी गहरी अभिरुचि थी। उन्होंने बिहार सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारियों का भी कुशलतापूर्वक निवर्हन किया था। वे 2009 एवं 2019 में वाल्मीकिनगर से सांसद निर्वाचित किए गए।

सियासी जीवन

महतो राजनीतिक जीवन में दो बार सांसद तथा दो बार विधायक रहे थे। राजनीति में आने से पहले बैंक की नौकरी में थे। नौकरी से इस्‍तीफा देने के बाद राजनीति में आए थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने वाल्मीकिनगर के सांसद व पूर्व मंत्री बैद्यनाथ महतो के निधन पर गहरा शोक जताया है। उन्‍हाेंने अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से कराए जाने का निर्देश दिया है। उधर, महतो के निधन से बिहार के राजनीतिक गलियारे में भी शोक की लहर है।

काफी लंबा सियासी रिश्ता रहा बोले नीतीश

मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश मेें कहा कि बैद्यनाथ महतो से मेरा काफी लंबे समय से राजनीतिक रिश्ता था और वे विश्वस्त सहयोगी थे। उनके निधन से मैं व्यक्तिगत रूप से मर्माहत हूं। उनका निधन राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैद्यनाथ प्रसाद महतो अपने संसदीय क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे। सामाजिक कार्यों के प्रति उनकी गहरी अभिरुचि थी। उन्होंने बिहार सरकार के मंत्री पद की जिम्मेदारियों का भी कुशलता पूर्वक निर्वहन किया था। वर्ष 2009 और 2019 में वह वाल्मीकिनगर के सांसद निर्वाचित हुए। अपने आदर्शों की बदौलत सार्वजनिक जीवन में उन्होंने उच्च स्थान प्राप्त किया। व्यक्तित्व की बदौलत समाज के सभी वर्गों का आदर एवं सम्मान प्राप्त किया।

चंपारण की सियासत को अपूर्णीय क्षति

इस संबंध में जदयू जिलाध्यक्ष शत्रुघ्न प्रसाद कुशवाहा ने सांसद के निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि चंपारण ने आज एक विकास पुरुष को खो दिया। उनका निधन चंपारण के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से बीमार थे तथा दिल्ली एम्स में उनका इलाज चल रहा था। सांसद के प्राइवेट सचिव शिवजी प्रसाद ने बताया कि सांसद अब नहीं रहे। उनके निधन से गहरा झटका लगा है। बताया जाता है कि जदयू सांसद बैद्यनाथ महतो की तबीयत दो सप्‍ताह पहले कुछ ज्‍यादा बिगड़ गयी थी। तब उन्‍हें आनन-फानन में दिल्‍ली एम्‍स में एडमिट कराया गया था। तबीयत में सुधार नहीं होने की वजह से उन्‍हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। शुक्रवार की शाम उन्‍होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है।

दो बार सांसद व दो बार विधायक बने थे

गौरतलब है कि बैद्यनाथ प्रसाद महतो का जन्म 1947 में दो जून को हुआ था। पश्चिमी चंपारण जिले में जन्‍म लेने वाले महतो राजनेता के तौर पर वर्ष 2009 में लोकसभा पहुंचे थे। इसके बाद वे फिर 2019 में वाल्मीकिनगर लोकसभा क्षेत्र से जदयू के टिकट पर चुनाव जीते और सांसद बने। उन्‍होंने कांग्रेस उम्‍मीदवार शाश्वत केदार को पराजित किया था। दो बार सांसद रहने वाले बैद्यनाथ महतो दो बार विधायक भी रहे थे। उन्‍होंने दोनों बार नौतन विधानसभा से जीत दर्ज की थी। 2005 से 2008 तक बिहार सरकार में मंत्री भी रहे थे। उन्‍होंने 2000 में पहली बार विधायक बने थे। राजनीति में आने से पहले महतो बेतिया में 1992 से लेकर 1995 तक राष्ट्रीय सहकारी बैंक में मैनेजर के पद पर तैनात थे।

तीन साल तक मंत्री भी रहे

मूलरूप से नौतन प्रखंड के पकडिय़ार के रहने वाले बैद्यनाथ महतो सांसद बनने से पहले दो बार नौतन विधानसभा से विधायक रह चुके हैं। वर्ष 2000 में वे पहली बार विधायक बने। फिर वर्ष 2005 में विधायक चुने गए और 2008 तक बिहार सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री रहे। उसके बाद 2009 में वाल्मीकिनगर लोकसभा सीट पर जदयू की ओर से चुनाव लड़े और निर्दलीय प्रत्याशी फखरुद्दीन को हराया। उस समय लोकसभा में जदयू के मुख्य सचेतक भी रहे। 2014 के चुनाव में उनको हार मिली। दूसरी बार 2019 में जदयू ने वाल्मीकिनगर से उन्हें फिर लोकसभा का उम्मीदवार बनाया। चुनाव जीते। वर्तमान में वे संसद में जदयू के उपनेता थे। वे पार्टी के जिलाध्यक्ष भी रहे।

दस्यु सरगनाओं के खिलाफ जमकर लिया था लोहा

जिला जदयू के अध्यक्ष शत्रुघ्न प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि तीन भाइयों में सबसे बड़े सांसद के निधन की खबर जैसे ही बेतिया पहुंची शोक की लहर दौड़ गई। उनके मंझले भाई की मौत करीब दो वर्ष पहले हो चुकी है। सांसद को तीन पुत्र और एक पुत्री हैं। करीब तीन दशक पहले जिले के दियारा में दस्यु सरगनाओं के दौर में बैद्यनाथ महतो ने उनके खिलाफ जमकर लोहा लिया था। ग्राम रक्षा दल का गठन करने के साथ लोगों को डकैतों के खिलाफ एकजुट करने का काम किया था। उस दौरान जुझारू नेता के रूप में उभरे थे। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। राजनीतिक क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। उनके निधन पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल, प्रदेश जदयू उपाध्यक्ष डॉ. एनएन शाही, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज आलम, जदयू जिलाध्यक्ष शत्रुघ्न प्रसाद कुशवाहा, प्रदेश संगठन सचिव नंद किशोर चौधरी सहित अन्य ने शोक जताया है।

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महतो का निधन पार्टी के लिए अपूर्णीय क्षति

जदयू सांसद बैद्यनाथ प्रसाद महतो के निधन पर जदयू शोकाकुल है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने अपने शोक संदेश में कहा कि बैद्यनाथ महतो के निधन से जदयू को अपूरणीय क्षति हुई है। महतो के निधन पर भाजपा नेताओं ने भी शोक जताया है। उधर, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार ने कहा कि बैद्यनाथ महतो का निधन पूरे प्रदेश के लिए क्षति है। उनका लंबा संसदीय जीवन समाज के गरीब तबके की राजनीति में रोल मॉडल रहेगा।

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