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Super Exclusive (वीडियो) देखिए दीपक की हत्या का सबसे बड़ा कारण वो गंदा धंधा ? हुजूर पहिले 40 था अब एक पेटी है पर हो रहा है धंधा

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पटना Live डेस्क। बिहार सरकार द्वारा 15 वर्ष पूर्व पूर्णतया प्रतिबंधित और गैरकानूनी घोषित लॉटरी के धंधे की अकूत मोटी कमाई को बदस्तूर जारी रखने ख़ातिर माफिया ने इसके विकल्प के रूप में गेसिंग का धंधा कर रहे हैं। पटना पुलिस वक्त के साथ शिथिलता बरतने लगी और गेसिंग का धंधा परवान चढ़ने लगा। खाकी,खादी और गेसिंग माफिया सभी खुश है। लेकिन यदा कदा जब कभी कुछ गड़बड़ होती है छापेमारी के नाटक भी होता है। फिर सब मंगलमय हो जाता है। इसी गठजोड़ का नतीजा फतुहा थाना अंतर्गत देखने को मिला जब थाना क्षेत्र में एक युवक को बैक टू बैक गोलिया मार दी गई। वारदात को अंजाम देकर बाइक से आए अपराधी फरार हो गए हैं। दिनदहाड़े इस सनसनीखेज वारदात को फतुहा में गोंविदपुर के पास पुनपुन नदी के किनारे अंजाम दिया गया है।

राजधानी पटना के फतुहा थाना क्षेत्र में गोविंदपुर लोहा पुल के समीप बगीचे में मंगलवार को एक युवक को गोली लगने की सूचना पर आननफानन में फतुहा, नदी थाना एवं शाहजहांपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस को घटनास्थल से तीन खोखे, एक जोड़ी चप्पल भी मिले लेकिन किसे गोली लगी,वह कहां गया,खून के धब्बे किधर हैं,पुुुलिस को अबूझ पहेली को समझने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। यहाँ तक कि एसएसपी पटना को मैदान में उतारना पड़ा तब जाकर मारे गए युवक की 90% जल चुके शव को गुलबी घाट से पुलिस ने अपने कब्जे में किया।

एक्टिव होना चाह रहा है दूसरा गैंग

वारदात स्थल के आसपास के रहने वाले लोगों की मानें तो दीपक और उसके गैंग के लोगों ने गंगा नदी के किनारे मस्ताना घाट से लेकर गोविंदपुर पुल के पास स्थित मुहल्ले को अपना ठिकाना बना रखा था. नदी किनारे वाले इलाके को गेसिंग खिलवाने का अड्डा बना लिया था. इसे देख उसी इलाके में गेसिंग खिलवाने की चाह रखने वाले दूसरा गैंग एक्टिव होना चाह रहा था. सोर्स की मानें तो गेसिंग के खेल में वर्चस्व को लेकर दोनों गैंग के बीच एक-दो दिन पहले ही विवाद हो चुका है. संभावना जताई जा रहा है कि वर्चस्व जमाने को लेकर ही दीपक को गोली मारी गई है. जिस वक्त अपराधियों ने दीपक के उपर गोली चलाई, उस दौरान वो अपने फोर व्हीलर गाड़ी में बैठा हुआ था.

पुलिस पर उठे सवाल

वारदात की जानकारी मिलने पर फतुहा थाना की पुलिस टीम मौके पर जांच करने पहुंची. हालांकि उस वक्त न तो अपराधी वहां मौजूद थे और न ही गोली लगने से घायल हुआ दीपक. पुलिस के हाथ कुछ भी नहीं लगा है. सोर्स की मानें तो फतुहा और नदी थाना की पुलिस को गंगा व पुनपुन नदी के किनारे चल रहे गेसिंग के खेल की जानकारी पहले से थी. लेकिन न जाने क्यों जानने के बाद भी गेसिंग का धंधा लगातार जारी था? सवाल यह भी उठ रहा है कि कहीं दीपक ने दोनों थाना की पुलिस को मैनेज तो नहीं कर रखा था?

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