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Patna Shelter Home Case-हाईकोर्ट ने दिया आदेश SSP पटना ने IPS काम्या मिश्रा की अगुवाई वाली SIT को सौपी जाँच

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पटना Live डेस्क। बिहार सरकार (Bihar) ने पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) को सूचित किया कि गायघाट शेल्टर होम मामले की जांच एक महिला अधिकारी द्वारा की जाएगी, जो डीएसपी रैंक से नीचे नहीं होगी।।यह भी प्रस्तुत किया गया कि जांच अभी जारी है।उल्लेखनीय है कि।इस महीने की शुरुआत में, पटना उच्च न्यायालय ने गायघाट शेल्टर होम मामले में स्वत: संज्ञान लिया था, जिसमें जिसमें शेल्टर होम के एक कैदी ने आरोप लगाया कि महिलाओं को बेहोश करके
अनैतिक कृत्यों के लिए खुद को प्रस्तुत करने के लिए मजबूर किया गया था।

IPS काम्या मिश्रा समेत ये शामिल है SIT में

गाय घाट रिमांड होम मामले में बुधवार को पटना के SSP मानवजीत सिंह ढ़िल्लो ने एक स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर दिया है। SIT में एक महिला IPS, 2 महिला इंस्पेक्टर, 5 सब इंस्पेक्टर और एक ASI समेत कुल 9 लोग शामिल हैं। इस स्पेशल टीम को IPS अधिकारी और सचिवालय ASP काम्या मिश्रा लीड करेंगी। जांच में इनकी मदद के लिए SIT में महिला थाना की थानेदार व इंस्पेक्टर किशोरी सहचरी, इंस्पेक्टर आरती जायसवाल, सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार, अमरेंद्र कुमार, लूसी कुमारी, स्मिता सिन्हा, कुमारी अंचला, और ASI प्रतिमा कुमारी को शामिल किया गया है।

दरअसल, गाय घाट रिमांड होम का मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार या पटना पुलिस की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था। मीडिया में खबर आते ही पटना हाईकोर्ट ने इस मामले पर खुद से न सिर्फ संज्ञान लिया बल्कि राज्य सरकार को जमकर फटकार लगाया था। 11 फरवरी को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ही पटना पुलिस को इस मामले की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी से कराने का आदेश दिया था। पटना के SSP ने कहा कि उन्हें हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी आज मिली और लगे हाथ SIT का गठन भी कर दिया।

गुरुवार को दर्ज कराएंगे 164 का बयान

पटना के महिला थाना में दोनों पीड़िताओं के बयान पर अलग-अलग FIR दर्ज है। SSP के अनुसार SIT इस केस की जांच बहुत तेजी से करेगी। हर दिन वो खुद SIT के काम का रिव्यू करेंगे। गुरुवार को दोनों पीड़िताओं का बयान कोर्ट में 164 के तहत दर्ज कराया जाएगा। जांच करने के लिए SIT गाय घाट के रिमांड होम भी जाएगी। इसमें बड़ी बात यह है कि केस करने वाली दोनों पीड़िता जब महिला रिमांड होम में रह रही थीं, उस दौरान वहां रहने वाली हर एक लड़की से SIT मिलेगी। एक-एक करके सबका बयान लेगी। सारे बयान कैमरा के सामने लिए जाएंगे। जब यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी तब फिर वहां की सुपरिटेंडेंट वंदना गुप्ता से यह SIT सवाल पूछेगी। इस मामले में 25 फरवरी को पटना हाईकोर्ट सुनवाई करेगी। तब हाईकोर्ट इस मामले की प्रोग्रेस रिपोर्ट को भी चेक करेगी।

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