BiG Breaking (वीडियो)पटना में राजेंद्र नगर टर्मिनल के समीप लू लगने से नौजवान गश खाकर गिरा, PMCH में ईलाज के दौरान तोड़ा दम

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शशि यादव, ब्यूरो कोर्डिनेटर, पटना

पटना Live डेस्क। सूबे में सूरज की आग उगलती किरणों का कहर चरम पर है।भीषण गर्मी के कारण बिहार लू की चपेट में है। लू की चपेट में आकर अबतक 66 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। औरंगाबाद में शनिवार को एक ही दिन में 34 लोगों की मौत हो गई। बिहार के किसी एक जिले में एक दिन में लू से इतनी मौतों की यह पहली घटना बताई जला रही है। वही गया में 25 लोगों की मौत लू के कारण हो गई। हालांकि जिला प्रशासन ने 13 मौतों की पुष्टि की है। गया में आज भी पांच और मौतें हो चुकी हैं। उधर, नवादा में भी 17 की मौत की सूचना है। रविवार को भी भीषण गर्मी के कारण लू के आसार हैं।

वही, राजधानी पटना में भी गर्म थपेड़ो की जद में आकर पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के मुन्ना चक के गली नम्बर 18 के निवासी मुकेश साह नामक एक शख्स की मौत हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार मकतूल मुकेश बेहद निर्धन था। जो अपनी अपनी पत्नी और 3 बच्चों के भरण पोषण ख़ातिर राजेन्द्र नगर टर्मिनल के बाहर सत्तू बेचने का काम किया करता था।

वही, राजधानी पटना में भी गर्म थपेड़ो की जद में आकर पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के मुन्ना चक के गली नम्बर 18 के निवासी मुकेश साह नामक एक शख्स की मौत हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार मकतूल मुकेश बेहद निर्धन था। जो अपनी अपनी पत्नी और 3 छोटे छोटे बच्चों के भरण पोषण ख़ातिर राजेन्द्र नगर टर्मिनल के बाहर सत्तू बेचने का काम किया करता था।

शनिवार को भी रोज़ कमाने और खाने वाली दिनचार्य के तहत मुकेश सत्तू बेचने राजेन्द्र नगर टर्मिनल पहुचा था। लेकिन आसमान से आग बरसती गर्मी और लू के थपेड़ो का शिकार हो कर तकरीबन ढाई बजे के आसपास गश खाकर गिर पडा,आसपास के लोग बाग दौड़े और उसे पानी छिड़कर उठाया।वही बकौल उसके भतीजे के उसका बदन तप रहा था। फिर भी वो सत्तू बेचने में जुटा रहा ताकि अपना पापी पेट और अपने नन्हे मासूम बच्चों का पेट भर सके। लेकिन जब तकरीबन 5 बजे के आसपास वो बिल्कुल निढाल हो गया तो घर पर खबर कर आसपास के लोग उसे एक स्थानीय निजी क्लिक में ले गए जहाँ शुरुआती इलाज के बाद उसे PMCH रेफर कर दिया गया। जहां उसकी हालात बिगड़ती चली गई और फिर रविवार की सुबह वो अपने नन्हे रोते बिलखते मासूम बच्चों को सदा के लिए छोड़ गया।

गरीबी का आलम ये की मोहल्ले वालों की मदद से उसका अंतिम संस्कार किया गया। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर मुकेश के जाने के बाद अब उसके परिवार यानी बच्चों का क्या होगा?

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