Fact Finding (सीसीटीवी फुटेज) गुंजन खेमका हत्याकांड में सबसे बड़ा खुलासा – गिरफ़्तार मस्तु वर्मा की पत्नी नें मय सुबूत उड़ाई वैशाली पुलिस और एसआईटी के दावों की धज़्ज़िया, सवालों के कटघरे में पुलिसिया जांच और दावे

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पटना Live डेस्क। सूबे के चर्चित कारोबारी गोपाल खेमका के बेटे भाजपा के लघु उद्योग प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक और पटना के बड़े कारोबारी गुंजन खेमका की विगत वर्ष 20 दिसंबर दिन गुरुवार को दोपहर करीब 12 बजे हत्या कर दी थी। एकलौते अपराधी ने बिल्कुल फिल्मी स्टाइल में हाजीपुर औद्योगिक थाना क्षेत्र स्थित व्यवसायी की फैक्ट्री के गेट पर गाड़ी के शीशे से सटाकर गुंजन को तीन गोली उनके सीने में मारी और आराम से भाग निकला था। हाजीपुर इंडस्ट्रियल इलाके में दिन दहाड़े हुए इस हात्याकांड ने सूबे की सियासत को हिला कर रख दिया था। मामला चुकी हाइप्रोफाइल था। घटना के कुछ घंटों बाद ही वैशाली के SP मानवजीत सिंह ढिल्लो ने DSP महेंद्र वसंत्री के नेतृत्व में SIT(स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) गठित कर दी। साथ ही पटना एसटीएफ सहित वैशाली पुलिस के तेज़तर्रार पुलिस अधिकारियों की टीम मामले की जांच में जुट गई थी। इस हत्या ने सूबे की सियासत को झकझोर दिया और विपक्ष द्वारा जमकर सत्तापक्ष के खिलाफ जमकर बयानबाजी की और सूबे में जंगराज़ की बात कही।

वही,सूबे के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने क़त्ल कर दिए गये प्रमुख व्यवसायी व भाजपा व्यवसाय मंच के प्रदेश संयोजक गुंजन खेमका के आवास पर जाकर उनके पिता गोपाल खेमका व अन्य परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुुुए कहा था कि हत्यारा कहीं भी छुपा हो, हर हाल में गिरफ्तार किया जायेगा। उन्होंने कहा था कि गुंजना खेमका की हत्या मेरी व्यक्तिगत क्षति हैं क्योंकि पिछले 50 वर्षों से खेमका परिवार से मेरा पारिवारिक संबंध रहा है। उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने दावा किया था कि हत्या की इस वारदात को सरकार काफी गंभीरता से ले रही है। पुलिस को सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। हत्यारा और उसके पीछे के लोगों को पकड़ने के लिए पुलिस हर संभव कोशिश कर रही है।

हत्याकांड़ की गंभीरता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि तात्कालिक DGP एस के द्वीवेदी स्वयं हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र पहुचे थे और घटना स्थल का मुयायना कर जांच खातिर जरूरी दिशा निर्देश दिया था। जांच शुरू हुई और फिर दिन सप्ताह में और सप्ताह महिनो में बदलने लगे पर नतीजा शिफ़र रहा है। उधर दिन बीतने लगे और एसआईटी खाली हाथ रही तो एक बार फिर सियासी बयानबाजियों का दौर शुरू हो गया। वैशाली पुलिस पर दबाव बढ़ने लगा। इसी बीच बिहार पुलिस के मुखिया रहे एस के द्वीवेदी 31 जनवरी को रिटायर्ड कर गए और गुप्तेश्वर पांडेय को बिहार पुलिस की कमान बतौर डीजीपी सरकार ने सौप दी।

DGP का दावा और SIT ने कर दिया कमाल 

नए डीजीपी से मीडिया ने गुंजन खेमका हत्याकांड के बाबत सवाल किया तो उन्होंने दावा किया कि जल्द ही मामले का सफल उद्भेदन कर दिया जाएगा। चुकी दावा  डीजीपी ने किया था, गुंजन खेमका हत्याकांड का खुलासा करने का जबरदस्त दबाव SIT पर बन गया। फिर क्या था डीजीपी की घोषणा के महज 7 दिन बाद गुंजन खेमका हत्याकांड में घटना के 50वें दिन मामले का उद्भेदन का दावा करते हुए वैशाली पुुुलिस की SIT ने 2 अपराधियो की गिरफ्तारी की घोषण कर दी।

वैशाली SP और SIT के दावे 

घटना के 50वें दिन वैशाली पुलिस ने दावा के किया कि हाईप्रोफाइल उद्योगपति गुंजन खेमका हत्याकांड के दो प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गुंजन खेमका की हत्या मामले मे गिरफ्तार दोनो अपराधियों के नाम मस्तु और चीकू है। इनकी सलिप्तता के बाबत वैशाली पुलिस के एसआईटी का दावा रहा कि महुआ की जमीन के लिए कुख्यात मस्तु ने इस वारदात को अंजाम दिया। इस हत्या में और भी कई लोग शामिल हैं। जिन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। कथित तौर पर वैशाली पुलिस का ये दावा गिरफ्तार अपराधी मस्तु और उसके साथी चीकू से हुए पूछताछ के बाद किया गया । पूछ ताछ के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।

इस तथाकथित सफलता के बाबत वैशाली पुलिस कप्तान डॉ मानवजीत सिंह ढिल्लो द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि मस्तु उर्फ़ अभिषेक वर्मा और राहुल आनंद उर्फ़ चीकू को हाजीपुर के पासवान चौक से गिरफ्तार किया गया। एसपी वैशाली ने दावा किया था कि शुक्रवार की देर रात गुप्त सूचना के आधार पर पटना के कुख्यात अपराधकर्मी पटना सिटी थाना क्षेत्र के जंगली प्रसाद लेन शिकारपुर वार्ड नंबर- 62 के रंधीर कुमार वर्मा का पुत्र अभिषेक कुमार उर्फ मस्तु को गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी के बाद उसके द्वारा दिए गए स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर पटना के ही बंगाली कालोनी पटना सिटी बेगमपुर के स्व रंजीत सिंह के पुत्र राहुल आनंद उर्फ चीकू को पकड़ा गया।  गुंजन खेमका हत्याकांड में अभिषेक कुमार उर्फ मस्तु की महत्वपूर्ण भूमिका बताई गई। जबकि राहुल आनंद उर्फ चीकू ने लाइनर का काम किया था।दूसरी तरफ गिरफ्तार अपराधी मस्तु ने पुलिस के उपर ही आरोप लगा दिया। जब पुलिस टीम पूछताछ के बाद उसे कोर्ट ले जा रही थी तो पुलिस की गाड़ी में बैठते वक्त मस्तु ने पुलिस पर ही खानापूर्ति करने का आरोप लगा दिया। अपने एक लाइन के बयान पर मस्तु ने ये इशारा कर दिया मुझे अपनी नाकामी छुपाने खातिर पुलिस ने जबरिया फसा दिया … सुनिए वो बयान

आपको बता दें कि वैशाली पुलिस की एसआईटी के साथ ही सीआईडी की टीम भी इस हाईप्रोफाइल केस की जांच में जुटी है।

मस्तु वर्मा उर्फ़ अभिषेक कुमार का सच

मस्तु राजधानी पटना सिटी के बंगाली कॉलोनी इलाके का रहने वाला है। पिता इंजीनियर रंधीर के वर्मा और शिक्षिका माँ का लाडला बेटा जंगली प्रसाद लेन शिकारपुर वार्ड नंबर- 62 का निवासी है। वही इसके साथ गिरफ्तार पटना सिटी बेगमपुर के स्व. रंजीत सिंह के पुत्र राहुल आनंद उर्फ चीकु है। पूर्व में पटना पुलिस के लिए अंडरवर्ल्ड के मुखबिर नेटवर्क का बेहद सक्रिय सदस्य रहा मस्तु वर्मा बेहद शातिर और दुःसाहसी अपराधी रहा है। मस्तु के विरुद्ध पटना समेत आसपास के कई इलाकों में हत्या समेत कई अन्य आपराधिक मामले दर्ज है। वही पटना में साल 2008 में कदमकुआं इलाके में बिल्कुल गुंजन खेमका हत्याकांड की तरह से ही एक बड़े व्यवसायी की गोली मारकर हत्याकाण्ड में भी मस्तु की संलिप्तता की बात कही जाती है। एक मामले मे बताया जाता है कि अभिषेक वर्मा उर्फ मस्तु वर्मा के विरुद्ध सीबीआई ने भी चार्जशीट किया हुआ है। अपराध जगत में नामवर होने के बाद मस्तु ने सियासत में कदम रखा था ताकि अपनी दबंगई के जरिये खादी पहनकर खाकी से महफूज रह सके।

दरअसल, वर्षो पहले तक पटना पुलिस का मुखबिर रहा था। मस्तु के बाबत सोर्स का दावा है कि दूसरों की जमीन पर कब्जा करने और कम रुपए देकर जबरन दूसरे की जमीन अपने नाम करने के धंधे को इसने अपना मुख्य पेशा बना लिया है। वहीं, चीकू नाम के जिस साथी अपराधी को पुलिस ने पकड़ा है उसकी तलाश भी काफी दिनों से थी। बाढ़ के चर्चित पुटुश यादव हत्याकांड में भी इसका नाम सामने आया था। इस सफलता के बाद भी गुंजन हत्याकांड के खुलाशे के बाद भी वैशाली पुलिस के कोई भी अधिकारी स्पस्ट रूप से कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।

50वें दिन गुंजन हत्याकांड से कथित रूप से पुलिस इससे जुड़े दो लोगों को ही गिरफ्तार कर सकी है। उनकी भूमिका लाइजनर की बताई गई। लेकिन अब इस तथाकथित सफलता के भी एक महीने बीत चुके है पर जैसा दावा डीजीपी और एसआईटी ने किया था कि जल्द ही कांड से जुड़े तमाम शातिर बेनकाब करते हुए गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। लेकिन अब तो मस्तु और चीकू के गिरफ्तारी के एक महीने बाद “मस्तु की पत्नी” के मय सुबूत दावों ने वैशाली पुलिस की एसआईटी को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है।

मस्तु की पत्नी के दावे और CCTv फुटेज 

वही, अब CCtv फुटेज और मस्तु वर्मा की पत्नी के दावे वैशाली पुलिस के दावों की धज़्ज़िया उड़ाते प्रतीत हो रहे है। साथ ही वैशाली पुलिस को ही नही बल्कि पुलिस मुख्यालय समेत राज्य के DGP को भी कही न कही सवालों के कटघरे में खड़ा कर रहे है। देखिए सुनिए
https://youtu.be/ujBx9-aM6kw
वही, बक़ौल एसपी वैशाली के दावों के की दोनो में एक लाइनर है और दूसरे की महत्वपूर्व भूमिका है गुंजन हत्याकांड में तो आखिर अब भी क्यो मुख्य साजिशकर्ता सहित शूटर को गिरफ्तार कर पाना दुरूह चुनौती साबित हो रहा है? ऐसे कई सवालों के जवाब अब बिहार पुलिस और वैशाली पुलिस को देने ही होंगे, जो इस प्रकार है।
आखिर पुलिस वाले 4 फरवरी को रात्रि 10 बजकर 31 मिनट पर एक कुख्यात जो कई कांडो में नामज़द आरोपी के घर क्या करने गई थी ? मस्तु से कैसी यारी है जो घर जाकर चाय नाश्ता भी करती है पुलिस ? ये तब जबकि वैशाली पुलिस की एसआईटी को (जैसे दावे है) मालूम था कि उक्त शख्स ने गुंजन खेमका हत्याकांड़ में महत्वपूर्व भूमिका निभाई थी ? तो उसे गिरफ्तार क्यो नही किया? क्यो चाय नाश्ता कर और मोहब्बत भरी यारी निभाकर लौट गई?
मस्तु की पत्नी का दावा है कि पति खुद चलकर गए थे। तो पुलिस ने दोनों को पासवान चौक से गिरफ्तार करने का दावा किया है। एक बात और जो सीसीटीवी स्पष्ट दिखता है कि गुंजन खेमका हत्याकांड़ में जो वैशाली पुलिस द्वारा दूसरा गिरफ्तार युवक चीकू उर्फ राहुल आनंद लगातार सीसीटीवी में दिखाई दे रहा है।
https://youtu.be/9QkFYHKnCwQ
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