BiG Breaking (Exclusive CCtv) गैंगरेप का नामज़द फरार आरोपी संदीप मुखिया पटना पुलिस का है 2018 से वांटेड

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  •  एक बाहुबली विधायक का है करीबी
  •  सरपंच की हत्या के लिया दी थी कुख्यात जटहा को सुपारी
  • दुल्हिबाज़ार थाने में दर्ज है मामला शूटर हुआ था गिरफ्तार
  •  लड़ चुका है मुखिया का चुनाव

पटना Live डेस्क। राजधानी पटना में एक लड़की को अगवा कर गैंगरेप किए जाने का बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने महिला थाने में मामला दर्ज कर लिया है। लड़की बीबीए की छात्रा है। वह पटना में एक निजी गर्ल्स हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही है। पीड़िता ने अपने बयान में पिस्तौल दिखाकर अगवा कर रेप करने वाले आरोपियों की पहचान पुलिस को बताया है। बकौल पीड़िता के उसके साथ दो लड़कों ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। वही अगवा करने में 4 आरोपी शामिल थे,दर्ज मामले में पटना पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए मंगलवार देर शाम तक 2 आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वही, दोनो मुख्य नामज़द आरोपी विनायक सिंह रॉकर और संदीप मुखिया उर्फ संदीप सिंह अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। इससे पहले पटना के एसएसपी उपेन्द्र शर्मा ने बताया कि लड़की को अगवा कर गैंगरेप करने वाले सभी आरोपियों की पहचान हो गई है। 2 की गिरफ्तारी हो गई है अन्य की तलाश जारी है। दोनो फरार आरोपियों सन्दीप मुखिया और विनायक के गाँव मे भी पुलिस ने छापेमारी की है।पुलिस ने मॉल से CCtv फुटेज भी कब्जे में लिया है।

सन्दीप मुखिया पुलिस का 2018 से है वांटेड

राजधानी को शर्मशार करने वाले रेप कांड का नामज़द अभियुक्त संदीप मुखिया उर्फ संदीप सिंह मूल रूप सेल पटना जिले के पालीगंज प्रखण्ड के दुल्हिबाज़ार थाना क्षेत्र के उलार सोरमपुर गाँव का निवासी है। इस जानकारी पर पालीगंज डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपी संदीप के गाँव सोरमपुर पहुची और उसके घर की तलाशी ली पर वो नही मिला। पुलिस ने फरार संदीप के पिता सुशील सिंह से संदीप के बाबत पूछताछ की पर कोई विशेष जानकारी नही मिली। छापेमारी के बाबत डीएसपी ने बताया कि एसएसपी के निर्देश पर करवाई किया जा रहा है पूरे क्षेत्र में नाकाबंदी कर आरोपी संदीप की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी में जुटी है।

मुखिया का लड़ चुका है चुनाव

मिली जानकारी के अनुसार फरार संदीप ने पिछले चुनाव में उलार सोरमपुर पंचायत से मुखिया का चुनाव लड़ा था। पर कामयाबी नही मिली पर संदीप मुखिया के तौर पर जाना जाने लगा। आरोपी संदीप शादीशुदा है और पत्नी गाँव पर ही रहती है। चुनाव में मिली हार के बाद से इसका ज्यादा वक्त राजधानी मे ही बीतता है। लेकिन गाँव की सियासत से इसका गहरा लगाव अब भी बना हुआ है।

बाहुबली विधायक का है करीबी

रेप कांड के फरार आरोपी को सूबे के एक बेहद चर्चित बाहुबली विधायक का करीबी बताया जा रहा है।।उसने अपने फेसबुक प्रोफाइल में बाहुबली विधायक अनंत सिंह के साथ तमाम तस्वीरें लगा रखी थी। लेकिन मामला सुर्खियों में आते ही जैसे ही उसका फेसबुक प्रोफाइल वायरल हुआ शातिर द्वारा सोशल मीडिया का अपना प्रोफ़ाइल हटा लिया गया।

कुख्यात जटहा को दी थी सरपंच की सुपारी

पटना जिले के पालीगंज प्रखंड के उलार सोरमपुर पंचायत के सोरामपुर गाँव के मूल निवासी किसान सुशील सिंह के दो बेटे में फरार संदीप सिंह बड़ा है। इसके बाबत बताया जाता है कि शुरुआत से ही दबंगई और अय्याशी इसका शगल रहा है। इलाक़े के नामवर अपराधियों और दबंगों संग इसका उठना बैठना रहा है।
गाँव मे भी इसकी दबंगई के किस्से चर्चा में रहे है। अपने ही गाँव के पंचायत के सरपंच रजनीकांत शर्मा सेे चले आ रहे पारिवारिक विवाद और मुखिया के चुनाव में हुई सियासी रंजिश को इसने उसवक्त खुरेजी में तब्दील कर दिया। जब इसने पटना पुलिस के मोस्ट वांटेड की लिस्ट में शुमार रहे अपराधी जटहा को महज इस लिए सरपंच की सुपारी दे दी क्योकि रजनीकांत और इसके बीच हुई मुहाठेठी में सरपंच ने इसको माँ बहन की गाली दे दी।

कौन है कुख्यात शत्रुघ्न उर्फ जटहा

राजधानी के पश्चिमी क्षेत्र इलाके का आतंक शत्रुघ्न उर्फ जटहा मूल रूप से नौबतपुर के शेखपुरा का निवासी है। वर्त्तमान में जेल में है। पुलिस की मानें तो जटहा सनकी किस्म का है। वह हत्या करने का ठेका भी लेता था। मामूली रकम पर भी किसी की हत्या कर देने से वह नहीं हिचकता था। नौबतपुर, दुलहिन बाजार और अन्य थानों में उस पर 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं भरत, गुलाब और अमितेश पर नौबतपुर थाने में चार-चार मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि जटहा चार भाई है, जिनमें तीन अपराधी हैं। वहीं उसके पिता रंगदार सिंह पर भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।

काफी मशक्कत के बाद जटहा को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) उसके भाई भरत के साथ 3-4 फरवरी 2019 की दरमियानी रात आरा से धरदबोचा था। आरोपी के पास से 4 पिस्टल और कई गोलियां बरामद की गई थी। जटहा ने पहली बार अपने चाचा बिंदु सिंह के कहने पर गांव के ही मंटू ठाकुर की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

जटहा लोगों से रंगदारी मांगता था और पैसे नहीं देने पर गोली मार देता था। पैसे लेकर हत्या भी करने का आरोप इस कुख्यात पर है। विगत समय मे इस कुख्यात ने दानापुर कोर्ट से भागने की कोशिश थी। पर सफल नही हो पाया था।

सरपंच की सुपारी 

26 जुलाई 2018 को पटना जिले के पालीगंज प्रखंड के पंचायत राज उलार सोरमपुर के युवा सरपंच को दिन दहाडे उसवक्त गोली मार दी गई थी जब वो बाजार से कुछ सामान खरीदकर वापस अपने गाँव लौट रहे थे। सोरंगपुर पंचायत के युवा सरपंच रजनीकांत रोज की तरह अपनी घटना वाले दिन यानी गुरुवार को मोटरसाइकिल से शाम को घर का सामान लेकर अपने घर जा रहे थे।वे महुआबाग-कुकरी बिगहा गांव के बीच पहुंचे ही थे कि तभी पहले से ही घात लगाये हुए थे बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी। गोली उनके कंधे में लगी,जिससे वह गिर पड़े।।बाद में ग्रामीणों के सहयोग से पीएचसी दुल्हिनबाजार लाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। हालांकि, परिजन उन्हें पटना के हाईटेक हॉस्पिटल ले गये।

वहीं,मौके पर पहुंचे डीएसपी मनोज पांडे और तात्कालिक थानाअध्यक्ष ने जांचोपरांत अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अपनी पड़ताल शुरू कर दी। जांच ज्यो ज्यो आगे बढ़ी और जानलेवा हमले के शिकार सरपंच की मोबाइल डिटेल्स इत्यादि की जांच में पुलिस को बेहद चौकाने वाले तथ्य मिले और जब उनका सत्यापन किया गया तो सरपंच पर कातिलाना हमले में कुख्यात जटहा उर्फ शत्रुघ्न के शामिल होने के पुख्ता सुबुत मिले। इसी बीच पुलिस को जटहा के बाबत जानकारी मिली कि वो थाना क्षेत्र में आने वाला है।

थानेदार पर जानलेवा हमला कर हो गया था फरार

9 दिसंबर 2018 को वह अपने गुर्गों के साथ दुलहिन बाजार थाना इलाके के एक सरपंच को मारने जा रहा था। पुलिस पीछा करने लगी। बाड़ीचक गांव के पास जटहा ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। घटना में दुलहिन बाजार के तात्कालिक थानेदार बाल-बाल बचे थे। पुलिस की जवाबी फायरिंग के बाद जटहा को भागना पड़ा था। लेकिन पुलिस ने उसके एक गुर्गे दीपू पंडित को हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया था।

गिरफ्तार अपराधी दीपू से पूछताछ में खुलासा हुआ कि पूर्व में लगभग 5 महिने पहले जटहा ने रजनीकांत शर्मा नामक एक सरपंच को मारने की नीयत से 2 गोलियां दागी थी पर हमले में वो मरा नही घायल हो कर बच गया था। वही, गिरफ्तार दीपू ने बताया था कि दरअसल सरपंच की हत्या ख़ातिर संदीप मुखिया ने जटहा को सुपारी दी थी। लेकिन सरपंच हमले में बच गया था। उसे ही निपटाने जा रहे थे तभी पुलिस से मुठभेड़ हो गई।

इस खुलासे के बाद से दुल्हिन बाज़ार थाना संदीप मुखिया को लागतार हत्या की साज़िश रचने के आरोप में गिरफ़्तार करने ख़ातिर ढूढ़ रही है। वही,पटना पुलिस का यह वान्टेड राजधानी में एक बाहुबली विधायक के सरकारी आशियाने पर रहते हुए अपनी शैतानी हरकतों को अंजाम देता रहा।

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