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BiG News (वीडियो)बेबस व लाचारों के मददगार मन्नू यादव #Lockdown में भी भूखों के ‘निवाले’ का कर रहे है इंतज़ाम

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  • Lockdown से रोज़ कमाने खाने वाले हजारों हज़ार परिवार पर संकट
  • भुखमरी जैसे हालात की ओर बढ़ते हालात
  • राजधानी पटना में सामाजिक कार्यकर्तों और समूहों द्वारा मदद की शुरुआत

पटना Live डेस्क। कोरोना का कहर किसी तबाही की तरह पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले चुका है। दिन ब दिन इंसानी जिंदगियां मौत के मुंह मे समा रही है। ये मौत का मंजर कहा और कब जाकर रुकेगा इस का जवाब किसी के पास नही है। मौत का खौफ इस कदर तारी है कि खून के रिश्ते बेनामी होते जा रहे है।                        कोरोना वायरस के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशव्यापी लॉकडाउन कर दिया है,जो 14 अप्रैल तक चलेगा। इस 21 दिन के लॉकडाउन का बिहार की राजधानी पटना में भी पूरा असर देखा जा सकता है। लॉकडाउन के चलते पटना की सड़कें सुनसान पड़ी हैं और पुलिस सख्ती दिखाकर लोगों को घरों में वापस भेज रही है।राजधानी में हजारों हजार परिवार है जो सड़को पर कारोबार कर या दिहाड़ी मजदूरी कर या फिर रिक्शा चलाकर अपना और अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे है उनपर और गरीब तबके पर लॉकडाउन से मुश्किलें बढ़ीं है। रोज़ कमाने खाने वाले वर्ग के सामने भुखमरी जैसे हालात पैदा होने लगे है।

मददगार समाजसेवी ने संभाली कमान 

इस विपदा की घड़ी में एक बार फिर शहर के लालाजी टोला निवासी युवा समाजसेवी मन्नू यादव ने अपने इलाके के निर्धन निःसहाय और बेबस लाचारों के कष्ट से मर्माहत होकर तमाम कोरोना से बचाव और लॉकडाउन के तमाम मापदंडों का पालन करते हुए अपने मोहल्लें यानी लालाजी टोला और आसपास के तमाम रिहायशी इलाकों में ऐसे परिवारों को चिन्हित कर स्वय उनके दरवाजे पर राशन पहुचा रहे है। ताकि उनके घरो में चूल्हे जल सके और भोजन पक सकें।

उल्लेखनीय है कि अवाम के बीच मददगार के तौर पर पहचाने जाने वाले मन्नू यादव हमेशा आम आदमी की सेवा में तत्पर रहते है। कभी भी विपदा की घड़ी में किसी ने भी उनके सामने दामन पसारा है तो यथाशक्ति इस लोकप्रिय युवा चेहरे ने उसकी मदद की है। विगत वर्ष राजधानी में आई बाढ़ में मन्नू की निस्वार्थ सेवा ने उन्हें मन्नू मददगार की पहचान दे दी है।

 

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