Exposed Series – मुर्तज़ा अली -एक शातिर जिसने मीडिया के जरिए मुल्क को बनाया फुद्दू ,सच जानकर आप रह जाएंगे भौचक्क, जनिए तथाकथित नेत्रहीन के नकली दावें 

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#जन्म से नेत्रहीन नही बल्कि दिन में 10 फिट तक साफ साफ दिखता है उन्हें रात में होती है थोड़ी समस्या

#हवाहवाई है रिसर्च की बात – मुर्तजा के दावे पर एक्सपर्ट कहते है संभव नही है वो भी बिना कैमरा और GPS के

#जबरजस्त प्रोपोगंडा – सबसे बड़ा झूठ – मुर्तजा अली  ने 110 करोड़ रूपये पुलवामा के शहीदों को दान में दिये हैं जबकि महज फर्जी पेशकश भर है।

#पेशकश घोषणाएं और करोड़ो का दान मुर्तज़ा अबतक कई घोषणाएं कर चुके है तो कई चेक बाउंस हो चुके है।

पटना Live डेस्क।14 फरवरी दिन गुरूवार जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में जैश-ए-मोहम्मद के एक भीषण फिदायिन हमले में सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हो गये और कई अन्य बुरी तरह घायल हो गये। इस कायराना आतंकी हमले में अपने वीर सपूतों की शहादत से पूरा मुल्क मर्माहत है। लेकिन इस दुख की घड़ी में भी एक शातिर ने बेहद करीने से खुद को रातो रात हीरो बनाने खातिर मौके के तौर पर इस्तेमाल किया।                          अचानक मर्माहत मुल्क को एक मसीहा मिल गया और वो भी जो आखों से अंधा है। पूरा मुल्क उसकी हुब्बल वतनी पर न्यौछार हुआ जा रहा था तो दूसरी तरफ भारतीय मीडिया के सभी इदारों में उसपर लहोलोट होने की होड़ शुरू हो गई। एक से एक प्रलयंकारी जानकारियों को पता नही कहा कहा से खोद कर पब्लिक डोमेन में डाला जाने लगा। इसी बीच देश के एक तथाकथित सबसे प्रलयकारी व स्वनाम धन्य बिहार के मोतिहारी जिले की पैदाइश पत्रकार ने बिना किसी जांच पड़ताल के उन्हें महिमामण्डित करने का प्रोग्राम कर डाला। साथ ही जो उनकी शान में ऐसे ऐसे भारी शाब्दिक क़सीदे पढ़े की लोगबाग उसे ब्रह्म वाक्य मान कर ढबढिया गए कि देखो तो आंख वालो के देश मे इस नेत्रहीन ने मिसाल कायम कर दिया है।

खैर, अब बारी थी तथाकथित उन पत्रकारों की जो “बकैती” की सभी हदे वर्षो पूर्व पार कर स्वयं को भारत का भाग्यविधाता मान चुके है और दावा करते है कि उनके मुख से सिर्फ सत्य ही टपकता है। प्रोपेगंडा का नया आयाम सेट किया जाने लगा पर किसी ने मुर्तजा का सच जानने की कोशिश भी नही की। बस मीडिया में “हुआ हुआ” की रेस मची रही। गज़ब का बिना तहकीकात का इन्फॉर्मेशन वार शुरू हो गया मैं तुम से ज्यादा जानता हूँ इस नेत्रहीन मसीहा के बाबत।

वर्त्तमान में मुंबई में रहने वाले मुर्तज़ा अली के एक बड़े दावे की वजह से वो महज कुछ पलों में  सोशल मीडिया पर न केवल छाए गए बल्कि मीडिया की सबसे बड़ी सेलिब्रेटी के तौर पर स्थापित होने लगे। भारतीय मीडिया की सुर्खियों बन चुके मुर्तजा ए समद के बाबत अब आम भारतीय की जिज्ञासा चरम पर पहुच चुकी है। सभी इस तथाकथित मसीहा के बाबत जानने को व्याकुल हो चुके है। यानी मुर्तजा कौन है? क्या करता है? जो ख़ुद को एक आम इनवेंटर बताने वाले मुर्तज़ा अली इतनी बड़ी रक़म दान में कैसे दे रहे हैं? आखिर क्या है “मुर्तजा का मूल” तो आइए तलाशते है मुर्तज़ा का मूल?

कोटा के कथित मसीहा के हर सच को …

दरअसल पटना Live ने जब इस शख्स के बाबत अपने  जानकार राजस्थान स्थित मीडियाकर्मियों से “मसीहा बनकर उभरे मुर्तज़ा अली समद के बाबत जानकारी साझा करने का अनुरोध किया तो उन्होंने तमाम जानकारियां इकट्ठा करने खातिर कुछ वक्त की मोहलत मांगी। हमारे पास कोई चारा भी नही था सो हम फ़ोन का वेट करने लगे और जब फोन पर मेल चेक करने को कहा गया तो जिज्ञासा और बढ़ गई। फिर जब मेल चेक किया तो ….

घोषणाएं पेशकश और चेक बाउंस 

राजस्थान से आये मेल में कुछ अखबारों की क्लिपिंग और तमाम सूचनाएं थी। जो इस प्रकार है। मुर्तज़ा ने वर्ष 2015 में कोटा शहर को अलविदा कह मुम्बई यानी सपनो की नगरी का रुख किया था। तब से ये मुंबई मे रहता है। अक्सर येे घोषणाएं करता है। अबतक इन मोहतरम की कुछ घोषणाएं इस प्रकार रही है।

पुलवामा हमले के शहीदों के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष में 110 करोड़ रुपए देने की पेशकश करके सुर्खियों में आए कोटा के मुर्तजा अली अब 7 स्टार मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल भी बनाने की प्लानिंग कर रहे हैं। ये हॉस्पिटल कोटा में करीब 250 करोड़ की लागत से बनेगा। दावा करते है कि इसके लिए 50 बीघा जमीन भी उन्होंने खरीद ली है। इसके साथ ही वे देश के 151 बेरोजगार युवाओं को मुफ्त में ट्रक भी देने जा रहे हैं। इन ट्रकों को खरीदने में करीब 40 करोड़ रुपए खर्च होंगे। आइए जानते हैं मुर्तज़ा की अबतक कुछ और ताबड़तोड़ घोषणाएं माफ कीजिये पेशकश… के बारे में कुछ खास बातें…

#इस शख्स ने पुलवामा बलिदानियों को लेकर 110 करोड़ की पेशकश की तो फिर ये जल्दी ही लोगो की नजर में भी आ गया। उन्होंने दावा किया है कि वो अपनी कमाई से 110 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष में देने वाले हैं। नेत्रहीन मुर्तज़ा अली चाहते हैं कि इस पैसे का इस्तेमाल उन भारतीय सैनिकों के परिवारों की मदद के लिए किया जाये, जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दी है।लेकिन इस बार मामला उलटा पड़ गया है इस बार “पेशकश” एक्सपर्ट का पर्दाफाश हो गया।

#मुर्तजा अली ने 3 महीने पहले नन्ता में एक स्कुल बनाने के लिये 1 करोड़ 10 लाख का चेक दिया था जो की बाउंस हो गया।

#23 दिसंबर को 151 गरीबो को ट्रक बांटने का ऐलान किया था, पहले जनवरी में ट्रक देना था, फिर फ़रवरी बोलने लगा और अब मार्च आ गया, और इसके नाम पर ये चंदा भी जमा करने लगा, इसने एक व्यापारी से 9 लाख 50 हज़ार रूपये भी लिये हैं।

#मुर्तजा अली ने मुंबई में गरीबो के लिये घर बनवाने का भी ऐलान किया था, और कहा था की ये 53 करोड़ देगा लेकिन अबतक एक भी पैसा नहीं दिया है।

#मुर्तजा अली ने एक व्यापारी से 18 लाख 50 हज़ार रुपये उधार लिये हैं उसका केस भी इसके ऊपर चल रहा है, इसका 18 लाख 50 हज़ार का वापसी चेक भी बाउंस हो चुका है।

कौन है मुर्तजा अली समद और उसका सच 

मूल रूप से राजस्थान के मुर्तज़ा अली हामिद का जन्म सन 1975 में एक व्यवसायी वोहरा परिवार में कोटा शहर में हुआ है। उस परिवार का शहर के मोटर पार्ट्स मार्केट में ऑटो ऑयल ट्रेडर्स नामक शॉप थी जो अब बंद हो चुकी है।वही मुर्तजा के भाई और कई रिश्तेदार अभी भी कोटा शहर में रहते है। जिनका मोटर पार्ट्स वग़ैरह से जुड़े कारोबार है। मुर्तजा की घोषणा के बाबत उनका कहना है कि काफी पहले ही वो कोटा छोड़कर मुम्बई चला गया था। नाते रिश्तेदारों और परिजनों से उसको मिले वर्षो वर्ष गुजर चुके है और काफी लम्बे वक्त से वो कोटा भी नही आया है। इसलिए हमलोग उसके और उसकी घोषणा के बाबत कुछ भी नही जानते है। उसने कहा है तो वो जाने क्या करेग और कैसे करेगा?

वही दूसरी तरफ कोटा में कई ऐसे लोग मिले सच तलाशने के दौरान जिनका दावा था कि वो मुर्तज़ा को जानते है। मुर्तजा को कोई खास टैलेंटेड न मानते हुए बताया कि कॉमर्स की पढ़ाई भी जैसे तैसे पूरी की। उनका कहना रहा कि मुर्तज़ा बेहद शांत स्वभाव का शख़्स है। लेकिन बेहद महत्वाकांक्षी है। हमेशा कुछ बड़ा करने और नाम कमाने की कोशिश करता रहा है। यानी फलाफल यही की मुर्तज़ा के दावे पर उसके नाते रिश्तेदार समेत उसके जानकर भी स्तब्ध है। वही एक शख्स ने जो कहा वो अजीबोगरीब था – मुर्तज़ा जन्म से अंधा है ये बात मुझे टीवी से पता चला ?

110 करोड़ का चेक की पेशकश और वो @मेल

मुर्तजा के अनुसार मैैंने अपनी कमाई से 110 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष में देने की पेशकश की। मुर्तज़ा अली समद कहते है कि वो चाहते हैं कि इस पैसे का इस्तेमाल उन भारतीय सैनिकों के परिवारों की मदद के लिए किया जाये, जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दी है। मुर्तज़ा अली के अनुसार पुलवामा हमले के बाद, 25 फ़रवरी को उन्होंने ही डोनेशन की पेशकश करते हुए ये सूचना प्रेस को दी थी। साथ मे PM को खुद के द्वारा भेजी गई मेल दिखाई। फिर क्या था, भारतीय मीडिया का ग़ैर ज़िम्मेदाराना रवैया शुरू हो गया। खाता ना बही मुर्तज़ा जो बोले वही सही मान शुरू हो गया हुआ हुआ। 

इस शख्स का सच जाने बिना शुरू हो गई ताबड़तोड़ शेयरिंग और मुर्तज़ा के बाबत तमाम दावों की धारा प्रवाह बकैती। सोशल मीडिया पर उनके इस दावे पर आधारित बहुत सारी ख़बरें शेयर की जाने लगी। हद ये की बिना किसी जांच के देश की मीडिया संस्थानों ने उनके इस दावे को ख़बर बनाया है। यानी प्रोगेंडा को खबर की शक्ल दे दी गई। वही मुर्तजा के खेल को जारी रखने खातिर बीच बीच में तमाम तस्वीरें और बिना सिर पैर के दावे इंजेक्ट किया जाने लगे। इसी कड़ी में भारत के परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ मुर्तज़ा अली की एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर जगह-जगह शेयर की गई।

अगली कड़ी में “फ़्यूल बर्न टेक्नोलॉजी’ …. का सच और असल में इस पूरी नौटंकी और प्रोपगंडा के माने मतलब …. हाजिर होते है जल्द 

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