Fact फाइंडिंग News – लोकसभा चुनाव, Viral ऑडियो और लखीसराय एसपी कार्तिकेय शर्मा का तबादला तो तय ही था, आखिर क्यो ? जानिए 

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पटना Live डेस्क।सूबे में लगातार बढ़ते अपराध और कानून व्यवस्था के बिगड़ते हालात को पुनः पटरी पर लाने की कवायद के तहत शुक्रवार को कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए राज्य सरकार ने 17 आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा हाल ही में राज्य में कानून-व्यवस्था की पड़ताल किए जाने के बाद से ही पुलिस के शीर्ष पदों पर तैनात अफसरों के बड़े पैमाने पर तबादले की कयास लगने लगी थी। आखिरकार शुक्रवार को मुख्यमंत्री की हरी झंडी के बाद गृह विभाग ने तबादले का आदेश जारी कर दिया।

तबादले की जारी लिस्ट में लखीसराय एसपी कार्तिकेय के शर्मा के नाम का नाम जरूर होगा इसका कयास लम्बे दौर से लखीसरायवासियों समेत तमाम लोग लगा रहे थें। हुआ भी वही शुक्रवार को जारी ट्रांसफर लिस्ट में आईपीएस कार्तिकेय के शर्मा का भी नाम था। लखीसराय से ट्रांसफर कर कार्तिकेय के शर्मा को SP विशेष शाखा के तौर पर तैनात किया गया। जिले के अपनी तैनाती के दौरान बालू माफ़िया के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर सुर्खियों में रहे शर्मा बेहद कर्मठ, कड़क और ईमानदार छवि बनाने में कामयाब रहे। अपराधियों के खिलाफ किसी तरह की पैरवी न सुनने वाले 2014 के आईपीएस अधिकारी ने विगत महिने सपन्न लोकसभा चुनाव में तमाम सियासी दबावो और सत्ता की हनक वाली पैरवी को नकारते हुए जिले में निष्पक्ष चुनाव ख़ातिर खुद मोर्चा संभाला था। युवा आईपीएस के निष्पक्ष आचरण की तब विरोधियों ने भी लोहा माना था। दरअसल चौथे चरण में 29 अप्रैल को मुंगेर लोकसभा चुनाव सपन्न होने के बाद से ही लखिसराय एसपी के तबादले के कयास लगाए जा रहे थे।  मिली जानकारी के अनुसार लखिसराय पुलिस द्वारा जल्द ही आईपीएस कार्तिकेय शर्मा को फेयरवेल पार्टी दी जाएगी।

2015 बैच के सुशील कुमार बनाये गए लखीसराय SP

बिहार कैडर के 2015 बैच के  गया इमामगंज के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुशील कुमार को लखीसराय का नया एसपी बनाया गया है।

मुंगेर का महाभारत और जांबाज IPS

मुल्क में लोकतंत्र के 7 चरणों मे सपन्न महापर्व के चौथे चरण यानी 29 अप्रैल को मुंगेर लोकसभा क्षेत्र में वोटिंग सम्पन्न हुई थी। मुंगेर लोकसभा क्षेत्र में लखीसराय जिला भी आता हैं। इस सीट से राज्य सरकार के तात्कालिक हैवीवेट मंत्री एनडीए के उम्मीदवार थे। तो सामने कभी मंत्री के खासमखास रहे बाहुबली विधायक की पत्नी नीलम देवी महागठबन्धन के टिकट पर मुकाबले में थी।आरपार की जंग में सत्तापक्ष के उम्मीदवार को उम्मीद थी कि शासन प्रशासन एकपक्षीय रहेगा और तामम तरह की सहूलियतें प्रदान करेगा पर बेहद ईमानदार और कर्त्तव्यनिष्ट एसपी ने चुनाव के दिन यानी 29 अप्रैल को खुद मोर्चा सम्भालते हुए गुण्डई, दबंगई ,बूथ पर लफंगई और सत्तापोषित तत्वों के हुड़दंग को पूरी तरह नाकाम करते हुए संविधान प्रदत्त अधिकारों का जमकर प्रयोग किया था। जिसका लब्बोलुबाब यह निकला कि हैवीवेट और सत्ता की हनक के साथ मतदान बूथो पर मनमर्जी करने को आतुर नामवर और जिला स्तर के सियासी जनप्रतिनिधियों की सारी अकड़ धरी की धरी रह गई। फलाफल यह निकला कि हिंसा रहित चुनाव सपन्न हुआ।

चुकी एसपी ने सत्ताधारी दल के कारकुनों,बाहुबलियों, दबंगो और सियासी कलंदरों की एक न चलने दी थी तभी से दिलेर एसपी के खिलाफ माहौल बनाने की कवायद शुरू कर दी गई और तमाम तरह की बेसिर पैर की बातों को हवा दी गई। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर दूसरे पक्ष से डील और प्रभावित होकर बिलावजह लाठीचार्ज इत्यादि के गलत आरोप लगाए गए। लेकिन साच को आंच नही के तर्ज पर उन्ही दिनों सोशल मीडिया पर एक ऑडियो भी वायरल हुआ …. जिसमे हैवीवेट के समर्थक ही पोल खोल बातचीत करते वायरल हो गए। सुनिए

लाठीचार्ज का सच 

जिस कांड को आधार बनाकर युवा आईपीएस पर गाज़ गिराई गई उसका सच भी जान लीजिए। दरअसल, 29 अप्रैल,सोमवार को वोटिंग के दौरान लखीसराय के बूथ संख्या 222 और 223 पर हंगामा हो गया। हंगामा का कारण था कि सत्ताधारी दल से जुड़े लोग पोलिंग बूथ के अंदर अपनी मनमर्जी चलाना चाह रहे थे। इसका विरोध हो विपक्ष के उम्मीदवार समर्थकों द्वारा किया गया। फिर भी जब मामला नही सम्भला तो महागठबन्धन उम्मीदवार समर्थकों ने इस कि जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को देते हुए गुहार लगाई। फ़ोन पर शिकायत कर्ता को आश्वश्त करते हुए कहा कि असमाजिकतत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिर उक्त जानकारी जिले के एसपी और डीएम जो मतदान की इसकी मॉनिटरिंग कर रहे थे उनको दी गई। मिली जानकारी पर एसपी उक्त मतदान केंद्र पर पहुचे।

जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। तब नाराज लोगों ने पुलिस पर जमकर पथराव कर दिया था। तब पुलिस ने भीड़ को खदेड़ा था उसी दौरान पुलिस ने जिस शख्स की पिटाई की वह रामपुर पंचायत का सरपंच था और सत्ताधारी दल से बाबस्ता था। वही लखीसराय के जिला परिषद का दंबग ओहदेदार को पुलिस ने ए हिरासत में भी लिया।

वलीपुर में बूथ कब्जा-लाठी चार्ज और FIR  

29 अप्रैल को हुए लोकसभा चुनाव के दौरान सूर्यगढ़ा विधानसभा क्षेत्र के पिपरिया प्रखंड अंतर्गत वलीपुर गांव स्थित मतदान केंद्र संख्या 5 (पांच) पर बूथ कब्जा, मारपीट हुई और तब पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

इसको लेकर वलीपुर बूथ संख्या पांच पर पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई मारपीट की घटना मामले में पेट्रोलिग मजिस्ट्रेट जकरिउद्दीन अंसारी के बयान पर पिपरिया थाना कांड संख्या 36/19 के तहत एपीपी रामविलास शर्मा सहित 14 लोगों को नामजद किया गया था। इन नामजद आरोपियों पर मजिस्ट्रेट ने बूथ कब्जा करने, पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट करने, लोगों को मतदान करने से रोकने का आरोप लगाया था।

इस मामले में बूथ संख्या पांच के मतदान कर्मी मदन कुमार राम ने भी पिपरिया थाना में कांड संख्या 35/19 के तहत एक प्राथमिकी दर्ज कराकर प्रखंड प्रमुख लूसी देवी के पति रामविलास शर्मा सहित कई नामजद एवं 50 अज्ञात को अभियुक्त बनाया था। इसके बाद एपीपी रामविलास शर्मा, जदयू के पोलिग एजेंट राकेश कुमार ने एसपी एवं उनके अंगरक्षकों के विरुद्ध मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी लखीसराय के यहां दो अलग-अलग परिवाद दायर किया था।

जीतकर भी हारे और वो लखीसराय में अजर हो गया

लेकिन सत्ता की हनक और अपने समर्थकों को मनमर्जी न कर देने से नाराज हैवीवेट ने इसे अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ते हुए अपने अहम को बरकरार रखने ख़ातिर एक ईमानदार आईपीएस अधिकारी को जिले से ट्रांसफर करा दिया। जबकि जिले में तैनाती के दौरान आम लोगो मे 2014 बैच के युवा एसपी की छवि बेहद ईमानदार और कर्मठ की रही। येे जनता है साहब सब समझती है। आप जीतकर कर भी हार गए और वो ट्रांसफर होकर भी लखीसराय के चौक चौराहों  बतकहियों और पुलिसिया इतिहास में अजर हो गया।

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